बच्ची ने दिया बयान, कहा-शिक्षक ने उसकी आंख बंदकर की थी जबरदस्ती
सुकुलदैहान में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में प्रायमरी स्कूल के सहायक शिक्षक 42 वर्षीय संतोष पिता अमर लाल गढ़पायले को लालबाग पुलिस ने आखिरकार हिरासत में ले लिया

राजनांदगांव। सुकुलदैहान में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में प्रायमरी स्कूल के सहायक शिक्षक 42 वर्षीय संतोष पिता अमर लाल गढ़पायले को लालबाग पुलिस ने आखिरकार हिरासत में ले लिया है। रविवार शाम को बच्ची के बयान के बाद आरोपित को उठाया गया। बच्ची ने पुलिस को बयान दिया है कि स्कूल परिसर में आंख बंदकर शिक्षक ने उसके साथ जबरदस्ती की। चीख-पुकार के बाद शिक्षक वहां से भाग गया। इसके बाद बच्ची भी दर्द से बिलखते हुए घर आ गई। बच्ची के बयान के आधार पर पुलिस ने शिक्षक को अभिरक्षा में रखा है।
मामला बीते 18 सितंबर का है। जब बच्ची प्राइवेट पार्ट में दर्द और तबीयत खराब होने पर स्कूल से घर लौट गई थी। दूसरे दिन बच्ची ने परिजनों को प्राइवेट पार्ट में दर्द होने की शिकायत बताई, जिसके बाद परिजन उसे मेडिलक कालेज अस्पताल इलाज कराने लाए। दुष्कर्म की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने बच्ची का मेडिकल चेकअप कराया, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर 26 सितंबर को पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया था।
रविवार को लालबाग थाने की सब इंस्पेक्टर सरस्वती नेताम व कोतवाली थाने की सब इंस्पेक्टर नीता राजपूत मेडिकल अस्पताल पहुंचकर बच्ची का बयान दर्ज किया। करीब एक घंटे तक बच्ची का बयान लिया गया, जिसमें बच्ची ने कहा कि स्कूल के शिक्षक ही उसे लेकर गए थे। आंख को बंदकर शिक्षक ने स्कूल परिसर में उसके साथ जबरदस्ती की। यह भी बताया कि जब वो दर्द से चिल्लाई तो शिक्षक वहां से चला गया।
बच्ची के बयान के बाद पुलिस ने शिक्षक को अभिरक्षा में रखा है। साहू समाज और गांव वालों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस आरोपित शिक्षक के साथ अनजान जगह पर पूछताछ कर रही है। हालांकि अभी तक शिक्षक ने जुर्म कबूल नहीं किया है।
सुकुुलदैहान के ग्रामीणों ने आरोपी शिक्षक के मोबाइल फोन का डिटेल भी खंगालने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद से आरोपी शिक्षक मामले को दबाने कई लोगों के संपर्क में था। इसमें कई पुलिस वालों पर भी संदेह जताया जा रहा है। फोन काल डिटेल से मामले को दबाने वालों का नाम भी उजागर होगा। उनके खिलाफ भी ग्रामीणों ने अपराध दर्ज करने की मांग रखी है।


