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मेट्रो कॉरिडोर का खड़ा हुआ अंतिम गार्डर, बायाडक्ट का काम पूरा

डीएमआरसी व एनएमआरसी के संयुक्त अधिकारियों की उपस्थिति में मंगलवार को नोएडा, ग्रेटरनोएडा मेट्रो कॉरिडोर का अंतिम गार्डर खड़ा किया गया

मेट्रो कॉरिडोर का खड़ा हुआ अंतिम गार्डर, बायाडक्ट का काम पूरा
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नोएडा। डीएमआरसी व एनएमआरसी के संयुक्त अधिकारियों की उपस्थिति में मंगलवार को नोएडा, ग्रेटरनोएडा मेट्रो कॉरिडोर का अंतिम गार्डर खड़ा किया गया। इस गार्डर को खड़ा करने के साथ लगभग 30 किलोमीटर लंबे बायाडक्ट का 100 प्रतिशत काम पूरा हो गया।

जनवरी के पहले सप्ताह से मेट्रो ट्रायल शुरू होगा। कमिश्नर रेलवे सेफ्टी द्वारा सुरक्षा मानकों की जांच के बाद अप्रैल-मई में मुसाफिरों के लिए मेट्रो का संचालन शुरू किया जाएगा। इस दौरान डीएमआरसी के निदेशक मंगू सिंह, एनएमआरसी के निदेशक आलोक टंडन के अलावा कई आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। नोएडा, ग्रेटरनोएडा कॉरिडोर पर इस बायाडक्ट का निर्माण प्री कास्ट पायर कैंप और प्री कास्ट यू गार्डर की खास तकनीक से किया गया था।

गार्डर को लगाने में 350/400 टन क्षमता वाली विशेष के्रन की जरूरत थी। साथ ही इनको ले जान के लिए भी विशेष ट्रेलर का प्रयोग किया गया। यह पूरा रूट एलिवेटड कॉरिडोर है। जिस पर 21 मेट्रो स्टेशन है। पूरी कॉरिडोर स्टैंडर्ड गेज पर है साथ ही डेडिकेटिड रेल फ्रंट कॉरिडोर के नीचे से गुजरता है। यह यमुना आगरा फ्लाईओवर के ऊपर 21 मीटर पर भी गुजरता है। जो नॉलेज पार्क-2 मेट्रो स्टेशन के पास कॉरिडोर का सबसे ऊचां स्थान है। गार्डर डालने के साथ ही इसका बॉयाडक्ट का 100 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया।

दस दिन में मिलेगा एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से पैसा

इस रूट के निर्माण में करीब 5500 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे है। फंड का कुछ हिस्सा केंद्र से भी आना है। इसको लेकर हाल ही में केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हो चुकी है। वहीं, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से भी पैसा जल्द मिलेगा।

पहले फेज में आएंगी 11 मेट्रो

इस रूट पर कुल 19 मेट्रो ट्रेनो का संचालन किया जाएगा। पहले फेज में 11 मेट्रो ट्रेन आएंगी। पहली ट्रेन दिसम्बर के दूसरे या तीसरे सप्ताह में यहा पहुंच जाएगी। जिसके बाद ट्रायल शुरू किया जाएगा। मुसाफिरों की संख्या के आधार पर पहले चार कोच की मेट्रो चलाई जाएगी। यदि जरूरत पड़ी तो कोचेस की संख्या में इजाफा किया जाएगा।

रेलवे सुरक्षा के मानकों की होगी जांच

ट्रायल करीब तीन माहीने या उससे भी ज्यादा चल सकता है। ट्रायल शुरू होने के बाद कमिश्नर रेवले सेफ्ट द्वारा इसके मानकों की जांच की जाएगी। उनके द्वारा बताई गई खामियों को दूर किया जाएगा। ऐसे में कुछ समय और लग सकता है। हालांकि इसके बाद भी मेट्रो का संचालन मई या अप्रैल-2018 में शुरू कर दिया जाएगा।

मेट्रो स्टेशनों की कनेक्यिविटी को बेहतर करने का प्रयास भी किया जाएगा। अधिकांश सेक्टरों को जोड़ने के लिए एनएमआरसी बसों की सेवाएं भी ली जा सकती है।


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