#FarmersProtest: किसानों ने ठुकराया बुराड़ी जाने का केंद्र का प्रस्ताव ठुकराया
राजधानी दिल्ली इस वक्त छावनी में बदल चुकी है

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली इस वक्त छावनी में बदल चुकी है। जी हां देश के अलग अलग राज्यों से करीब एक लाख किसान दिल्ली पहुंच गए हैं और केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों को खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। राजधानी दिल्ली में किसानों के विरोध प्रदर्शन का आज चौथा दिन है और खेती से जुड़े कानूनों के खिलाफ पंजाब-हरियाणा के हजारों किसान दिल्ली की सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर डटे हुए हैं।केंद्र सरकार की ओर से बातचीत के प्रस्ताव के बावजूद उनका विरोध जारी है।
सरकार और किसानों में मतभेद आंदोलन की जगह को लेकर भी है जहां सरकार चाहती है कि किसान बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड मैदान में आंदोलन करें तो वहीं किसान बॉर्डर पर ही डटे हैं। आज रविवार को हुई बैठक के बाद किसानों ने एक बार फिर से सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर ही प्रदर्शन करने की बात कही हैं।
आपको बता दें कि हरियाण और पंजाब से करीब एक लाख किसानों का एक और जत्था दिल्ली के लिए रवाना हो चुका है। वहीं बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड मैदान से लेकर बॉर्डर तक किसान ही किसान दिखाई दे रहे हैं। इस हूजूम में न कोई मर्द देख रहा है और न ही औरत.. बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस आंदोलन का हिस्सा हैं। केंद्र सरकार की नडरअंदाजी को देखकर अब किसान भी अपने पर अड़ गए हैं और दिल्ली में ही डेरा डाल दिया है। जी हां खाना बन रहे हैं.. कपड़े सूख रहे हैं और तो और रोड़ पर ही किसान अपनी रात भी बिता रहे हैं।
किसानों की मदद के लिए आम जनता भी सामने आ रही है कोई लंगर खिला रहा है तो अमरीक सुखदेव जैसे ढाबे फ्री में भोजन करा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें इंसानियत के नए आयाम लिख रही है तो वहीं सरकार के मनसूबों पर सवालिया निशान भी खड़ा कर रही है। जी हां जहां बुजुर्ग किसान पुलिस की लाठियों से घायल है तो वहीं किसान इन्हीं पुलिस वालों को खाना खिलाते भी नजर आ रहे हैं। अब देखना होगा की सरकार क्या इन मजबूत, सशक्त और निडर देश के अन्नदाताओं के सामने झिकती है और अपना नया कानून वापस लेती है या फिर नहीं।


