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कोरोना संकट की सबसे बड़ी चोट गरीब मजदूर वर्ग पर पड़ी है : प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात में कोरोना वायरस से उत्पन्न हुई चुनौतियों और इससे निपटने के लिए सरकार के प्रयासों पर चर्चा की।

कोरोना संकट की सबसे बड़ी चोट गरीब मजदूर वर्ग पर पड़ी है : प्रधानमंत्री
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नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात में कोरोना वायरस से उत्पन्न हुई चुनौतियों और इससे निपटने के लिए सरकार के प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि संकट की सबसे बड़ी चोट गरीब मजदूर वर्ग पर पड़ी है। उन्होंने प्रवासी मजदूरों के कल्याण के लिए सरकार के स्तर से स्किल मैंपिंग, माइग्रेशन कमीशन आदि कार्यों का उल्लेख भी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमारे देश में भी कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो कठिनाई में न होए परेशानी में न हो और इस संकट की सबसे बड़ी चोट अगर किसी पर पड़ी है तो वो हमारे गरीब, मजदूर, श्रमिक वर्ग पर पड़ी है। उनकी तकलीफ, उनका दर्द, उनकी पीड़ा शब्दों में नहीं कही जा सकती।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिस पूर्वी हिस्से में देश का ग्रोथ इंजन बनने की क्षमता है। उस पूर्वी हिस्से का विकास आवश्यक है। पूर्वी भारत के विकास को हमने प्राथमिकता दी है। प्रवासी मजदूरों को देखते हुए नए कदम उठाना आवश्यक हो गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिशा में चल रही कोशिशों का हवाला देते हुए कहा कि कहीं स्किल मैपिंग का काम हो रहा हैए कहीं माइग्रेशन कमीशन बनाने की बात हो रही है। केंद्र सरकार के फैसलों से भी गांवों में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं खुली हैं। इससे हमारे गांवए कस्बे और राज्य आत्मनिर्भर होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "कोरोना के प्रभाव से हमारी मन की बात भी अछूती नहीं रही। पिछली मन की बात की समय पैसेंजर ट्रेन, बसें, हवाई सेवा बंद थी। इस बार काफी कुछ खुल चुका है। दो गज दूरी का नियम हो या मुंह पर मास्क लगाने की बात होए जहां तक हो सके घर में ही रहना है। इन सब बातों का पूरा ध्यान रखना है और जरा भी ढ़िलाई नहीं बरतनी है।"

मन की बात कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "कोरोना से होने वाली मृत्यु दर भी हमारे देश में काफी कम है। जो नुकसान हुआ हैए उसका दुरूख हम सबको है। लेकिन जो कुछ भी हम बचा पाएं हैं, वो निश्चित तौर पर देश की सामूहिक संकल्पशक्ति का ही परिणाम है।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में सबके सामूहिक प्रयासों से कोरोना के खिलाफ लड़ाई बहुत मजबूती से लड़ी जा रही है। हमारी जनसंख्या ज्यादातर देशों से कई गुना ज्यादा हैए फिर भी हमारे देश में कोरोना उतनी तेजी से नहीं फैल सका, जितना दुनिया के अन्य देशों में फैला। हमारे डॉक्टर्स, नसिर्ंग स्टाफ, सफाईकर्मी, पुलिसकर्मी, मीडिया के साथी ये सब जो सेवा कर रहे हैं, उसकी चर्चा मैंने कई बार की है। मन की बात में भी मैंने उसका जिक्र किया है। सेवा में अपना सब कुछ समर्पित कर देने वाले लोगों की संख्या अनगिनत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दूसरों की सेवा में लगे व्यक्ति के जीवन मेंए कोई डिप्रेशन, या तनाव, कभी नहीं दिखता। उसके जीवन में भरपूर आत्मविश्वास, सकारात्मकता और जीवंतता प्रतिपल नजर आती है। देशवासियों की संकल्पशक्ति के साथ एक और शक्ति इस लड़ाई में हमारी सबसे बड़ी ताकत है और वो है- देशवासियों की सेवाशक्ति।

देश के सभी इलाकों से महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप के परिश्रम की भी अनगिनत कहानियां इन दिनों हमारे सामने आ रही हैं। गांवोंए कस्बों में, हमारी बहनें-बेटियां, हर दिन मास्क बना रही हैं। तमाम सामाजिक संस्थाएं भी इस काम में इनका सहयोग कर रही है।

उन्होंने कहा, "एक और बात जो मेरे मन को छू गईए वो है संकट की इस घड़ी में इनोवेशनए गांवों से लेकर शहरों तकए छोटे व्यापारियों से लेकर स्टार्टअप तकए हमारी लैब कोरोना से लड़ाई मेंए नए.नए तरीके इजाद कर रहे है, नए इनोवेशन कर रहे हैं।"


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