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आतंकी की जमानत याचिका खारिज

रायगढ़ रेल परिक्षेत्र से 24 अगस्त 2014 को चलती ट्रेन से फरार होने वाले लश्कर-ए-तैय्यबा के आंतकी शेख अब्दुल नईम की जमानत याचिका, रायगढ़ कोर्ट से खारिज हो गई

आतंकी की जमानत याचिका खारिज
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डीआई ने केस डायरी खंगाली
रायगढ़। रायगढ़ रेल परिक्षेत्र से 24 अगस्त 2014 को चलती ट्रेन से फरार होने वाले लश्कर-ए-तैय्यबा के आंतकी शेख अब्दुल नईम की जमानत याचिका, रायगढ़ कोर्ट से खारिज हो गई है। जिसके बाद जीआरपी के बिलासपुर डीआई, बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर रायगढ़ पहुंच कर आतंकी के केस डायरी को खंगाला। वहीं दर्ज अपराध व उसकी जारी विवेचना के उपरांत जल्द ही चालान पेश करने की बात कही। जिससे उक्त मामले की सुनवाई शुरु हो सके। विदित हो कि डीआई का रायगढ़ में दूसरा दौरा है। जहां उन्होंने रायगढ़ जीआरपी के काम-काज व अपराधों के निराकरण की समीक्षा कर खुद को संतुष्ट बताया।

हावड़ा-मुंबई मेल से अगस्त 2014 में फरार होने व नवंबर 2017 में लखनऊ से एनआईए के हत्थे चढऩे वाले लश्कर-ए-तैय्यबा का आतंकी शेख अब्दुल नईम का मामला एक बार फिर सुर्खियों में हैं। क्योकि पिछले दिनों रायगढ़ कोर्ट ने आतंकी शेख अब्दुल नईम की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। जिसकी पुष्टि, बुधवार को रायगढ़ दौरे पर आए जीआरपी के बिलासपुर डीआई आरके बोर्झा ने भी की। बिलासपुर डीआई ने आतंकी से जुड़ेकरीब 600 पन्ने की केस डायरी को भी खंगाला। पत्रिका से चर्चा के दौरान डीआई ने बताया कि आतंकी के खिलाफ रायगढ़ जीआरपी में दो अलग-अलग धाराओं के तहत जुर्म दर्ज किया गया है। पहला अपराध उसके कोलकाता पुलिस के कस्टडी से भागने को लेकर धारा 224 के तहत जुर्म दर्ज किया गया है। जबकि दूसरा अपराध, कोलकाता पुलिस पर आतंकी के भगाने के आरोप में धारा 221, 222 व 223 के तहत लगाए गए हैंं। धारा 224 के मामले में कोर्ट में चालान पेश हो गया है। जबकि धारा 221, 222, 223 के तहत कोलकाता पुलिस ने आतंकी को भगाया है या नहीं। इसकी जांच की जा रही है। आतंकी के पकड़े जाने व पूछताछ में कई बातें स्पष्ट हो चुकी है। जिसकी वजह से अब धारा 221, 222 व 223 के मामले की जांच में तेजी आएगी।

दो माह में होगा चालान पेश
बिलासपुर डीआई की माने तो करीब दो से ढाई माह की विवेचना के बाद इस मामले में चालान पेश होने की उम्मीद है। जिसके बाद कोर्ट में सुनवाई की कवायद शुरु होगी। आतंकी के रायगढ़ कोर्ट में पेश करने के सवाल पर डीआई ने कहा कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसे रायगढ़ कोर्ट में लाकर पेश करना आसान नहीं होगा। ऐसे में, कोर्ट से अनुमति लेकर उसे वीडियो कांफे्रसिंग के जरिए ही पेश करने की पहल की जाएगी। 24 अगस्त 2014 को कोलकाता पुलिस की टीम, आतंकी शेख अब्दुल नईम को पश्चिम बंगाल के दमदम सेंट्रल जेल से मुंबई स्थित कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही थी। हावड़ा-मुंबई मेल के झारसुगुड़ा पहुंचने के दौरान कोलकाता पुलिस के अधिकारी व जवानों को नींद लग गई। इस बीच आतंकी बड़ी ही आसानी से फरार हो गया। टे्रन के रायगढ़ से छूटने के बाद कोलकाता पुलिस की नींद खुली। उसके बाद आतंकी को खोजने की पहल शुरु हुई। इस बीच मेल, भूपदेवपुर पहुंच गई थी। जिसका अपराध रायगढ़ जीआरपी में दर्ज हुआ। लापरवाही के आरोप में कोलकाता पुलिस के एसआई, एएसआई के साथ 4 जवानों को सस्पेंड कर दिया गया था। जो आतंकी को ट्रेन से मुंबई ले जा रहे थे।


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