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तेलंगाना कैबिनेट का बड़ा फैसला – कर्मचारियों को मिलेगा 1.20 करोड़ का दुर्घटना बीमा कवर

तेलंगाना मंत्रिमंडल ने सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए दुर्घटना बीमा योजना एवं कैशलेस स्वास्थ्य योजना को मंजूरी दी है

तेलंगाना कैबिनेट का बड़ा फैसला – कर्मचारियों को मिलेगा 1.20 करोड़ का दुर्घटना बीमा कवर
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सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए कैशलेस हेल्थ योजना को मंज़ूरी

  • 7.57 लाख लोग होंगे लाभान्वित, बिना प्रीमियम मिलेगा बीमा और इलाज
  • 652 निजी-सरकारी अस्पतालों में मुफ्त कैशलेस इलाज की सुविधा
  • रेवंत रेड्डी कैबिनेट का ऐलान – कर्मचारियों की भलाई और सुरक्षा पर फोकस

हैदराबाद। तेलंगाना मंत्रिमंडल ने सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए दुर्घटना बीमा योजना एवं कैशलेस स्वास्थ्य योजना को मंजूरी दी है।

मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में सोमवार को हुयी राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इन योजनाओं को मंजूरी दी गयी। इन योजनाओं में 1.20 करोड़ रुपये का दुर्घटना बीमा कवर और 1,056 करोड़ रुपये के सालाना खर्च वाली एक बड़ी कैशलेस स्वास्थ्य योजना शामिल है। इन योजनाओं में लाभार्थियों से कोई प्रीमियम नहीं लिया जाएगा। दुर्घटना में मौत होने पर परिवार को 1.20 करोड़ रुपये का मुआवज़ा मिलेगा, जबकि 60 साल तक की उम्र के कर्मचारियों की प्राकृतिक मौत के मामलों में 10 लाख रुपये का टर्म बीमा कवर मिलेगा।

इस योजना से 5.19 लाख नियमित सरकारी कर्मचारियों और 2.38 लाख पेंशनर्स को फ़ायदा होगा। इससे कुल 7.57 लाख लोग कवर होंगे। मंत्रिमंडल ने बैंकों के ज़रिए बीमा योजना लागू करने का फ़ैसला किया, ताकि कर्मचारियों या सरकार पर कोई वित्तीय बोझ न पड़े। यह योजना पहले सिंगरेनी और ट्रांसको कर्मचारियों के लिए सफलतापूर्वक लागू की गई थी।

मंत्रिमंडल ने लंबे समय से अटकी कैशलेस कर्मचारी स्वास्थ्य योजना (ईएचएस) को भी मंज़ूरी दी, जो कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवार के सदस्यों को मुफ़्त, कैशलेस मेडिकल इलाज देगी। इस योजना में 3.56 लाख नियमित कर्मचारी, 2.88 लाख पेंशनर्स और उनके परिवार के सदस्य शामिल होंगे, जिससे लगभग 17.07 लाख लोगों को फ़ायदा होगा।

इस योजना के तहत, सभी सरकारी अस्पतालों और 652 पैनल वाले निजी और कॉर्पोरेट अस्पतालों में 1,998 इलाज मिलेगा।

हर कर्मचारी को एक डिजिटल कर्मचारी स्वास्थ्य कार्ड दिया जाएगा और राजीव आरोग्यश्री हेल्थ केयर ट्रस्ट के ज़रिए सेवा दी जाएंगी। कर्मचारी अपनी मूल वेतन का 1.5 प्रतिशत योगदान करेंगे, और सरकार भी उतना ही सहयोग करेगी। कर्मचारी सालाना 528 करोड़ रुपये देंगे, जबकि सरकार भी उतनी ही रकम देगी, जिससे कुल सालाना खर्च 1,056 करोड़ रुपये हो जाएगा।

सचिवालय में हुयी मंत्रिमंडल बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए राजस्व , सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि ये फैसले कर्मचारियों की भलाई, स्वास्थ्य और परिवार की सुरक्षा के लिए सरकार के पक्के वादे को दिखाते हैं। श्री रेड्डी के साथ मंत्रि वक्ति श्रीहरि और अदलुरी लक्ष्मण कुमार भी थे।

मंत्री ने कहा कि विधानसभा का सत्र 16 मार्च से शुरू होगा, उसी दिन दोनों सदनों में राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जबकि राज्य का बजट 20 मार्च को पेश किया जाएगा।


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