Top
Begin typing your search above and press return to search.

प्रधानमंत्री मोदी की देशवासियों से अपील, 'फ्यूल सेविंग और वर्क फ्रॉम होम करें, सोने की खरीदारी से बचें'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था को फिर से शुरू करने, गैर-जरूरी वस्तुओं की खरीदारी और विदेश यात्राओं से बचने की अपील की

प्रधानमंत्री मोदी की देशवासियों से अपील, फ्यूल सेविंग और वर्क फ्रॉम होम करें, सोने की खरीदारी से बचें
X

पश्चिम एशिया संकट के बीच ऊर्जा खपत घटाने का आग्रह

  • सार्वजनिक परिवहन और कार-पूलिंग को बढ़ावा
  • विदेशी मुद्रा बचत: घरेलू पर्यटन और ‘मेड इन इंडिया’ पर ज़ोर
  • किसानों से प्राकृतिक खेती और सौर ऊर्जा अपनाने की अपील

हैदराबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागरिकों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था को फिर से शुरू करने, गैर-जरूरी वस्तुओं की खरीदारी और विदेश यात्राओं से बचने की अपील की। उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से उत्पन्न वैश्विक संकट से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा को बचाने पर जोर दिया।

उन्होंने इस खास अपील से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया।

वीडियो में प्रधानमंत्री सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड में भाजपा की एक जनसभा को संबोधित कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने वैश्विक आर्थिक व्यवधानों, आपूर्ति श्रृंखला चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण बढ़ती कीमतों का सामना करने में भारत की मदद के लिए सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया।

उन्होंने देश को इन चुनौतियों से उबरने में मदद करने के लिए नागरिकों को कई उपाय सुझाते हुए इस बात पर जोर दिया कि देशभक्ति केवल देश के लिए प्राणों का बलिदान देना ही नहीं है, बल्कि कठिन समय में जिम्मेदारी से जीना और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करना भी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान स्थिति में, देश को विदेशी मुद्रा की बचत पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। पेट्रोल-डीजल पूरी दुनिया में बेहद महंगे हो गए हैं, इसलिए ईंधन बचाना और इस तरह पेट्रोल और डीजल खरीदने पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को बचाना हमारी जिम्मेदारी है।

उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे जहां भी उपलब्ध हो, मेट्रो रेल और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करके पेट्रोल और डीजल की खपत कम करें, निजी वाहनों की आवश्यकता होने पर कार-पूलिंग का विकल्प चुनें, माल ढुलाई के लिए रेल परिवहन को प्राथमिकता दें और जहां भी संभव हो, इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाएं।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय हित में कोविड काल के दक्षता उपायों को पुनर्जीवित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में हमने घर से काम करना, ऑनलाइन बैठकें, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी व्यवस्थाएं अपनाईं और कई ऐसी प्रणालियां विकसित कीं। हम इनके अभ्यस्त भी हो गए थे। आज समय की मांग है कि हम इन प्रथाओं को फिर से शुरू करें। यह राष्ट्रीय हित में होगा और हमें इन्हें एक बार फिर प्राथमिकता देनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे अनावश्यक विदेश यात्रा, विदेश में छुट्टियां मनाने और विदेशी शादियों से बचकर और घरेलू पर्यटन और भारत के भीतर समारोह आयोजित करके विदेशी मुद्रा भंडार को संरक्षित करने में मदद करें। उन्होंने लोगों को विदेशी मुद्रा की निकासी पर दबाव कम करने के लिए एक वर्ष तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की सलाह भी दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों को मेड-इन-इंडिया और स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया, जिनमें जूते, बैग और सहायक उपकरण जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं। उन्होंने परिवारों से खाद्य तेल की खपत कम करने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि इससे राष्ट्रीय आर्थिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वास्थ्य दोनों को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग 50 प्रतिशत तक कम करने, प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने, मिट्टी की सेहत की रक्षा करने और आयात पर निर्भरता कम करने का आग्रह किया। उन्होंने किसानों को डीजल पंपों के बजाय सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पंपों को व्यापक रूप से अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा कि कोविड के कारण दुनिया एक बड़े आपूर्ति श्रृंखला संकट से जूझ रही है। यूक्रेन युद्ध ने वैश्विक कठिनाइयों को और बढ़ा दिया है। पिछले 5-6 वर्षों से सरकार इस संकट से निपटने के लिए लगातार प्रयासरत है। दुनियाभर में उर्वरक की एक बोरी लगभग 3,000 रुपए में बिक रही है, जबकि भारत के किसानों को वही बोरी 300 रुपए से भी कम में मिल रही है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it