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तमिलनाडु: सुलूर में लड़की की हत्या के मामले में चार्जशीट दाखिल, पॉक्सो कोर्ट में सुनवाई होगी शुरू

कोयंबटूर जिला पुलिस ने बुधवार को एक विशेष अदालत में उस मामले में चार्जशीट दाखिल की, जो पिछले महीने सुलूर के पास 10 साल की बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या से जुड़ा है

तमिलनाडु: सुलूर में लड़की की हत्या के मामले में चार्जशीट दाखिल, पॉक्सो कोर्ट में सुनवाई होगी शुरू
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कोयंबटूर। कोयंबटूर जिला पुलिस ने बुधवार को एक विशेष अदालत में उस मामले में चार्जशीट दाखिल की, जो पिछले महीने सुलूर के पास 10 साल की बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या से जुड़ा है।

819 पन्नों की चार्जशीट, जिसमें अभियोजन पक्ष के 104 गवाह और 215 दस्तावेज शामिल हैं, 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण' (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत में पेश की गई।

इस दस्तावेज को मंगलवार को डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) करिकल परि शंकर की अगुवाई वाली जांच टीम ने ई-फाइल किया।

यह मामला सुलूर के पास पल्लापलयम की एक 10 साल की बच्ची की मौत से जुड़ा है, जिसका शव 22 मई को कन्नमपलयम टैंक के पास एक निजी संपत्ति में मिला था। इस घटना से पूरे जिले में भारी आक्रोश फैल गया और पुलिस ने गहन जांच शुरू की।

पुलिस ने इस मामले में पल्लापलयम के रहने वाले के. कार्थी (35) और आर. मोहन (31) को 23 मई को गिरफ्तार किया। कार्थी पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, जबकि मोहन पर अपराध में कथित संलिप्तता के लिए बीएनएस और पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के 18 दिनों के भीतर जांच पूरी कर ली गई। इसमें फोरेंसिक जांच, साइबर फोरेंसिक विश्लेषण और गवाहों के बयान दर्ज करना शामिल था।

पुलिस महानिरीक्षक (पश्चिम क्षेत्र) आर.वी. राम्या भारती ने कहा कि विभिन्न पुलिस इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल और फोरेंसिक रिपोर्ट समय पर मिलने के कारण जांच तेजी से आगे बढ़ी। उन्होंने यह भी बताया कि जांच के दौरान दो चश्मदीद गवाह सामने आए और पुलिस की मदद की।

जांच के हिस्से के तौर पर, जांचकर्ताओं ने पहले आरोपी का डीएनए प्रोफाइलिंग और पोटेन्सी टेस्ट किया। मामले से जुड़ी गतिविधियों और बातचीत के रिकॉर्ड की पुष्टि के लिए साइबर फोरेंसिक जांच भी की गई।

पुलिस ने कहा कि चार्जशीट में जांच के दौरान जुटाए गए वैज्ञानिक सबूत, गवाहों के बयान और दस्तावेजी रिकॉर्ड शामिल हैं। अदालत में पेश की गई अंतिम रिपोर्ट में पोस्टमार्टम के नतीजे और फोरेंसिक रिपोर्ट भी शामिल की गई हैं।

चार्जशीट दाखिल होने के साथ ही मामले की जांच का चरण औपचारिक रूप से पूरा हो गया है। अब यह मामला पॉक्सो अदालत में सुनवाई के चरण में जाएगा, जो कानून के अनुसार आगे की कार्यवाही करेगी।


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