तमिलनाडु में अब क्लास 6-8 तक के स्टूडेंट्स को भी ब्रेकफास्ट मिलेगा, CM विजय ने स्कूली बच्चों के साथ नाश्ता किया
अब तक राज्य की ब्रेकफास्ट योजना का लाभ सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ने वाले बच्चों को मिल रहा था। योजना के विस्तार के बाद कक्षा 6 से 8 तक के छात्र भी इसके दायरे में आ गए हैं।

चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने स्कूली बच्चों को सुबह का पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने वाली अपनी मुफ्त ब्रेकफास्ट योजना का दायरा बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को चेन्नई के तिरुवन्मियूर स्थित गांधी ग्रामम के गवर्नमेंट मिडिल स्कूल में विस्तारित पेरुंथलैवर कामराजर फ्री ब्रेकफास्ट स्कीम की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों को नाश्ता परोसा और उनके साथ बैठकर भोजन भी किया। उन्होंने छात्रों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और स्कूल से जुड़े अनुभवों के बारे में जानकारी ली।
अब कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को भी मिलेगा लाभ
अब तक राज्य की ब्रेकफास्ट योजना का लाभ सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ने वाले बच्चों को मिल रहा था। योजना के विस्तार के बाद कक्षा 6 से 8 तक के छात्र भी इसके दायरे में आ गए हैं। सरकार के मुताबिक, इस विस्तार से राज्य के 15,454 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 15.30 लाख अतिरिक्त छात्रों को मुफ्त नाश्ते का लाभ मिलेगा। इस कदम के जरिए सरकार ने प्राथमिक कक्षाओं से आगे के विद्यार्थियों तक भी सुबह के पोषण कार्यक्रम को पहुंचाने की व्यवस्था की है।
योजना के लिए 217.63 करोड़ रुपये अतिरिक्त मंजूर
तमिलनाडु सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में योजना के विस्तार के लिए 217.63 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की है। इसके बाद ब्रेकफास्ट स्कीम का कुल बजट बढ़कर 724 करोड़ रुपये हो गया है। सरकार का जोर इस बात पर है कि स्कूल पहुंचने वाले बच्चों को दिन की शुरुआत में पर्याप्त और पौष्टिक भोजन मिल सके। योजना का विस्तार इसी उद्देश्य से किया गया है, ताकि अधिक उम्र के स्कूली बच्चों को भी इसका लाभ मिल सके।
कामराज के सम्मान में बदला योजना का नाम
ब्रेकफास्ट योजना के विस्तार के साथ इसका नाम भी बदल दिया गया है। पहले इसे चीफ मिनिस्टर ब्रेकफास्ट स्कीम के नाम से जाना जाता था। अब इसका नाम पेरुंथलैवर कामराजर फ्री ब्रेकफास्ट स्कीम रखा गया है। यह नाम तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के सम्मान में रखा गया है। कामराज को राज्य में स्कूली शिक्षा की पहुंच बढ़ाने और बच्चों के लिए भोजन से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं को मजबूत करने के प्रयासों के लिए जाना जाता है। नाम परिवर्तन के जरिए सरकार ने शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में उनके योगदान को भी रेखांकित किया है।
दो जिलों में फिलहाल लागू नहीं होगी योजना
विस्तारित योजना मंगलवार से राज्य के अधिकांश हिस्सों में लागू हो गई है। हालांकि चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर जिलों में इसे फिलहाल शुरू नहीं किया गया है। इन दोनों जिलों में आगामी विधानसभा उपचुनावों के मद्देनजर मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू है। चुनावी आचार संहिता के चलते इन जिलों में योजना के विस्तार का क्रियान्वयन फिलहाल टाल दिया गया है। आचार संहिता हटने के बाद यहां भी योजना लागू किए जाने की संभावना है।
भूख कम करने और पढ़ाई पर ध्यान बढ़ाने पर जोर
सरकार के अनुसार, स्कूलों में मुफ्त नाश्ता उपलब्ध कराने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन देना और सुबह के समय भूख से जुड़ी समस्या को कम करना है। सरकार का मानना है कि पर्याप्त भोजन मिलने से बच्चों को कक्षा में पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल सकती है। योजना के जरिए सरकार स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने और उनके सीखने के माहौल को बेहतर बनाने पर भी जोर दे रही है। कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को शामिल करने के साथ अब इसका दायरा प्राथमिक स्तर से आगे बढ़ गया है। इससे राज्य के लाखों अतिरिक्त विद्यार्थियों को स्कूल के दिनों में सुबह का मुफ्त भोजन उपलब्ध होगा।


