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तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस बरकरार: बहुमत से दो कदम दूर विजय, शपथ समारोह टला

रिपोर्ट्स के मुताबिक विजय के संभावित मुख्यमंत्री पद की शपथ शनिवार को होनी थी, लेकिन आवश्यक समर्थन नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम फिलहाल रद्द कर दिया गया है। राज्यपाल ने स्पष्ट कर दिया है कि विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कम से कम 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है।

तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस बरकरार: बहुमत से दो कदम दूर विजय, शपथ समारोह टला
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चेन्‍नई। तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक अनिश्चितता लगातार बनी हुई है। टीवीके (TVK) प्रमुख और अभिनेता विजय ने शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर तीसरी बार सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन बहुमत का स्पष्ट आंकड़ा नहीं जुटा पाने के कारण उनकी दावेदारी पर फैसला टल गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक विजय के संभावित मुख्यमंत्री पद की शपथ शनिवार को होनी थी, लेकिन आवश्यक समर्थन नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम फिलहाल रद्द कर दिया गया है। राज्यपाल ने स्पष्ट कर दिया है कि विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कम से कम 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है।

विजय के पास फिलहाल 116 विधायकों का समर्थन

सूत्रों के अनुसार विजय ने राज्यपाल को TVK, कांग्रेस, CPI और CPI(M) के कुल 116 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा। हालांकि बहुमत के लिए उन्हें अभी भी दो और विधायकों की जरूरत है। राज्यपाल कार्यालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त समर्थन के बिना किसी भी दल को सरकार बनाने का निमंत्रण नहीं दिया जा सकता। इसी वजह से विजय को अभी तक औपचारिक रूप से सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है। इससे पहले भी 6 और 7 मई को विजय ने सरकार गठन का दावा पेश किया था, लेकिन तब भी आवश्यक संख्या नहीं होने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पाया था।

IUML और VCK के रुख ने बढ़ाई मुश्किलें

सरकार गठन की पूरी तस्वीर अब इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) के रुख पर टिकी हुई दिखाई दे रही है। दोनों दलों के पास दो-दो विधायक हैं और उनका समर्थन विजय को बहुमत तक पहुंचा सकता है। शुक्रवार सुबह VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने सार्वजनिक रूप से TVK को समर्थन देने की बात कही थी। इससे विजय खेमे में उत्साह बढ़ गया था और माना जा रहा था कि सरकार गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। हालांकि देर रात तक VCK की ओर से राज्यपाल को कोई औपचारिक समर्थन पत्र नहीं सौंपा गया। इसी वजह से विजय का शपथ समारोह एक बार फिर टल गया। राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज है कि VCK अंतिम समय में किसी रणनीतिक फैसले का इंतजार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, वीसीके ने डिप्टी सीएम पद मांगा है, जबकि टीवीके मंत्री पद से आगे जाने को तैयार नहीं थी।

दिनाकरन ने लगाए गंभीर आरोप

इस पूरे घटनाक्रम के बीच AMMK महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने बड़ा आरोप लगाकर राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी ने AIADMK को समर्थन दिया है और इस संबंध में राज्यपाल को आधिकारिक पत्र भी भेजा गया था। दिनाकरन ने कहा कि उनकी पार्टी के विधायक कामराज ने AIADMK के समर्थन वाले पत्र पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन बाद में टीवी चैनलों पर यह दिखाया गया कि वही विधायक TVK के समर्थन में हैं। उन्होंने कहा कि या तो यह पत्र फर्जी है या फिर विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश हो रही है। दिनाकरन ने इस मामले की जांच की मांग करते हुए राज्यपाल से हस्तक्षेप करने को कहा है। उनका कहना है कि “ऐसे संदिग्ध दस्तावेजों को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।”

DMK-AIADMK समीकरण की अटकलें तेज

TVK को बहुमत नहीं मिलने के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक अगर विजय बहुमत साबित नहीं कर पाए तो DMK और AIADMK के बीच किसी प्रकार के अप्रत्याशित सहयोग या समझौते की संभावनाओं पर भी चर्चा हो रही है। हालांकि अभी तक किसी भी बड़े दल ने इस तरह के गठबंधन की औपचारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में सरकार गठन को लेकर लगातार मंथन जारी है।

TVK का बड़ा ऐलान

इस बीच TVK ने भी सख्त रुख अपनाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि DMK और AIADMK मिलकर सरकार बनाने की कोशिश करते हैं, तो TVK के सभी विधायक इस्तीफा दे सकते हैं। पार्टी का आरोप है कि जनादेश बदलाव और नई राजनीति के पक्ष में आया है, इसलिए पारंपरिक दलों के बीच सत्ता समझौता जनता की भावना के खिलाफ होगा।

लोकभवन के बाहर प्रदर्शन

सरकार गठन में देरी और राजनीतिक असमंजस के बीच TVK समर्थकों ने शुक्रवार को चेन्नई स्थित राजभवन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विजय के समर्थन में नारे लगाए और राज्यपाल से जल्द फैसला लेने की मांग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन के दौरान कई समर्थकों को हिरासत में भी लिया गया। राज्य की राजनीति फिलहाल पूरी तरह अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या विजय बहुमत का जरूरी आंकड़ा जुटा पाएंगे या तमिलनाडु में कोई नया राजनीतिक समीकरण उभरकर सामने आएगा।


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