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स्टालिन ने 'इंडिया' गठबंधन की एकता को सराहा, परिसीमन बिल का विरोध करने के लिए आभार जताया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 'इंडिया' गठबंधन के तहत विपक्षी दलों की एकता की सराहना की और केंद्र के प्रस्तावित परिसीमन विधेयक का सामूहिक रूप से विरोध करने के लिए नेताओं का आभार व्यक्त किया

स्टालिन ने इंडिया गठबंधन की एकता को सराहा, परिसीमन बिल का विरोध करने के लिए आभार जताया
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चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को 'इंडिया' गठबंधन के तहत विपक्षी दलों की एकता की सराहना की और केंद्र के प्रस्तावित परिसीमन विधेयक का सामूहिक रूप से विरोध करने के लिए नेताओं का आभार व्यक्त किया।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में स्टालिन ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने संसद में उस मुद्दे को उठाया, जिसे स्टालिन ने भाजपा द्वारा बिना पर्याप्त परामर्श या आम सहमति के कानून को जल्दबाजी में पारित कराने का प्रयास बताया।

स्टालिन ने सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, सीपीआई नेता डी राजा, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, एनसीपी नेता शरद पवार, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, आप संयोजक अरविंद केजरीवाल, शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे, ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक सहित कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के समर्थन को भी स्वीकार किया।

स्टालिन ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का इस्तेमाल देश को उत्तर-दक्षिण आधार पर बांटने और भारत के राजनीतिक संतुलन को बदलने के लिए एक राजनीतिक हथियार के तौर पर किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के एकजुट रुख ने ऐसे प्रयासों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया है।

स्टालिन ने कहा, "उन्होंने हमें कमजोर करने और हराने के लिए हमें उत्तर और दक्षिण के आधार पर बांटने की कोशिश की। लेकिन इंडिया एकजुट होकर खड़ा रहा और उनकी साज़िश को नाकाम कर दिया।"

विपक्षी दलों के बीच निरंतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने मौजूदा समय को एक बड़ी राजनीतिक लड़ाई की महज शुरुआत बताया। उन्होंने आने वाले दिनों में भाजपा की नीतियों का मुकाबला करने के लिए और अधिक मजबूत तथा निर्णायक प्रतिक्रिया का आह्वान किया।

यह बयान परिसीमन को लेकर तेज होती राजनीतिक बहस के बीच आया है, जिसमें दक्षिण के कई नेताओं ने प्रतिनिधित्व पर इसके संभावित असर को लेकर चिंता जताई है।

स्टालिन की टिप्पणियां इंडिया गठबंधन के उस प्रयास को रेखांकित करती हैं, जिसके तहत वह अहम चुनावी मुक़ाबलों से पहले अपनी एकता को प्रदर्शित करना और अपनी स्थिति को मज़बूत करना चाहता है।


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