तमिलनाडु से राज्यसभा की छह सीटों पर निर्विरोध जीत
तमिलनाडु विधानसभा से राज्य सभा की छह सीटों के लिए सत्तारूढ़ द्रमुक गठबंधन के चार और विपक्षी अन्नाद्रमुक-राजग के दो उम्मीदवारों को सोमवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया

द्रमुक गठबंधन के चार, अन्नाद्रमुक-राजग के दो उम्मीदवार विजयी
- तिरुचि एन. शिवा लगातार छठी बार राज्यसभा पहुंचे
- डीएमडीके को पहली बार उच्च सदन में प्रतिनिधित्व
चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा से राज्य सभा की छह सीटों के लिए सत्तारूढ़ द्रमुक गठबंधन के चार और विपक्षी अन्नाद्रमुक-राजग के दो उम्मीदवारों को सोमवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
नामांकन वापसी की अंतिम तिथि तक केवल इन्हीं छह उम्मीदवारों के नामांकन मान्य होने के कारण निर्वाचन अधिकारियों ने उन्हें निर्विरोध विजयी घोषित किया और निर्वाचन प्रमाणपत्र भी सौंप दिये।
तमिलनाडु के लिए 16 मार्च को प्रस्तावित मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी, क्योंकि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) गठबंधन के अलावा किसी अन्य दल के उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ सके। राज्य विधानसभा में उम्मीदवार बनने के लिए कम से कम 34 विधायकों का समर्थन और 10 विधायकों द्वारा प्रस्तावित नामांकन आवश्यक था।
निर्विरोध चुने गये उम्मीदवारों में तिरुचि एन. शिवा (द्रमुक) शामिल हैं, जो लगातार छठी बार राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। उनके अलावा द्रमुक के प्रो. जे. कॉन्स्टैंटाइन रविंद्रन, कांग्रेस के क्रिस्टोफर तिलक, डीएमडीके के कोषाध्यक्ष एल. के. सुदीश, अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता एम. थंबीदुरई और पीएमके के एक धड़े के नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. अंबुमणि रामदास भी निर्विरोध निर्वाचित हुए।
डीएमडीके की स्थापना दिवंगत अभिनेता-राजनेता विजयकांत ने 2005 में की थी। पार्टी ने इस बार पहली बार द्रमुक के साथ गठबंधन किया और करीब दो दशकों बाद पहली बार संसद के उच्च सदन में प्रतिनिधित्व प्राप्त करेगी। कुल 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में दलों की संख्या के आधार पर द्रमुक और अन्नाद्रमुक गठबंधन के उम्मीदवारों की जीत पहले से ही लगभग तय मानी जा रही थी।
अगले महीने जिन छह राज्य सभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें द्रमुक के एन. आर. एलंगो, पी. सेल्वारासु, तिरुचि एन. शिवा और डॉ. कनिमोझी एनवीएन सोमू, अन्नाद्रमुक के एम. थंबीदुरई तथा तमिल मनीला कांग्रेस के जी. के. वासन शामिल हैं।
पीएमके के संस्थापक डॉ. एस. रामदास के समर्थक धड़े के उम्मीदवार सामीनाथन का नामांकन 10 विधायकों का समर्थन न मिलने के कारण खारिज कर दिया गया।
डॉ. अंबुमणि रामदास की पत्नी सौम्या अंबुमणि ने जांच के दौरान अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद शेष छह आधिकारिक उम्मीदवारों को निर्विरोध विजयी घोषित कर दिया गया।


