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नेपाल बाढ़: तमिलनाडु के लापता लोगों की मदद के लिए सीएम विजय चिंतित, डीएमके ने विदेश मंत्री से को लिखा पत्र

नेपाल में आई अचानक बाढ़ में कई भारतीयों, जिनमें तमिलनाडु के लोग भी शामिल हैं, के लापता होने की खबरों पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने राज्य के अधिकारियों को लापता लोगों की तलाश और प्रभावित तमिल नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

नेपाल बाढ़: तमिलनाडु के लापता लोगों की मदद के लिए सीएम विजय चिंतित, डीएमके ने विदेश मंत्री से को लिखा पत्र
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चेन्नई। नेपाल में आई अचानक बाढ़ में कई भारतीयों, जिनमें तमिलनाडु के लोग भी शामिल हैं, के लापता होने की खबरों पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने राज्य के अधिकारियों को लापता लोगों की तलाश और प्रभावित तमिल नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि उन्होंने नई दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक सभी कदम तत्काल उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल में फंसे तमिल नागरिकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

सीएमओ ने कहा कि विदेश मंत्रालय और नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से तमिलनाडु के लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तेजी से कार्रवाई की जा रही है।

इस बीच, द्रमुक सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन ने केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर नेपाल में फंसे भारतीय पर्यटकों के तत्काल बचाव और सुरक्षित स्वदेश वापसी की मांग की है।

मारन ने अपने पत्र में कहा कि उन्होंने यह अनुरोध द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन के मार्गदर्शन में किया है। उन्होंने कहा कि नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड से सड़कें, पुल और अन्य महत्वपूर्ण ढांचे बह गए हैं तथा संचार व्यवस्था भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।

उन्होंने कहा कि बाढ़ में कई लोगों की मौत और कई लोगों के लापता होने की खबरें सामने आई हैं, जिनमें तमिलनाडु के करीब 50 पर्यटक भी शामिल बताए जा रहे हैं। इससे उनके परिवारों में भारी चिंता का माहौल है।

दयानिधि मारन ने विदेश मंत्री से अनुरोध किया कि नेपाल में भारतीय दूतावास और बचाव एजेंसियों को निर्देश देकर फंसे भारतीयों का जल्द पता लगाया जाए, उनका सुरक्षित बचाव किया जाए और उन्हें भारत वापस लाने की व्यवस्था की जाए।


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