करूर भगदड़ मामला: टीवीके रैली की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को सीबीआई ने भेजा नोटिस
तमिलनाडु के करूर जिले में 27 सितंबर 2025 को हुई भीषण भगदड़ मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के संस्थापक विजय की रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों को समन भेजना शुरू कर दिया है

चेन्नई। तमिलनाडु के करूर जिले में 27 सितंबर 2025 को हुई भीषण भगदड़ मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के संस्थापक विजय की रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों को समन भेजना शुरू कर दिया है। इस भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने उन पुलिस अधिकारियों और जवानों को तलब किया है जिनके नाम विजय के करूर दौरे के लिए तैयार किए गए बंदोबस्त (सुरक्षा) प्लान में दर्ज हैं। यह समन जिले के विभिन्न इलाकों में तैनात कर्मियों को भेजा गया है, जिनमें वेलुसामीपुरम भी शामिल है, जहां अभिनेता से नेता बने विजय ने अपने कारवां से विशाल जनसभा को संबोधित किया था।
रैली के दिन यातायात व्यवस्था संभालने के लिए तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
इससे पहले सीबीआई इस मामले में तत्कालीन जिला कलेक्टर एम. थंगवेल और पुलिस अधीक्षक के. जोस थंगैयाह सहित कई वरिष्ठ जिला अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। अब जांच का फोकस जमीनी स्तर पर की गई सुरक्षा तैनाती और उसके क्रियान्वयन पर है।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट के 13 अक्टूबर 2025 के आदेश के बाद सीबीआई द्वारा दोबारा दर्ज किया गया था। जांच के तहत एजेंसी ने विस्तृत बंदोबस्त प्लान हासिल किया है, जिसमें टीवीके रैली के लिए तैनात पुलिसकर्मियों के नाम, रैंक और ड्यूटी स्थल दर्ज हैं।
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, विजय की यात्रा और रैली के दौरान सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए करीब 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। सूत्रों ने बताया कि इनमें से कई कर्मियों को अब पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है।
सीबीआई फिलहाल करूर के सर्किट हाउस में पूछताछ कर रही है, जिसे अक्टूबर 2025 में जांच अपने हाथ में लेने के बाद से अस्थायी कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रतिदिन औसतन पांच से दस पुलिसकर्मी एजेंसी के सामने पेश हो रहे हैं।
पूछताछ के दौरान सीबीआई अधिकारी पुलिसकर्मियों से उनके सटीक ड्यूटी स्थल, तैनाती की अवधि, मूल कार्यस्थल और उन्हें सुरक्षा जिम्मेदारी सौंपने वाले अधिकारियों की जानकारी ले रहे हैं।
इस बीच, करूर के कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने भी सीबीआई अधिकारियों से संपर्क कर भगदड़ से जुड़ी जानकारियां और सुझाव देने की इच्छा जताई है। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि पुलिसकर्मियों की मौजूदा पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें बयान दर्ज कराने का मौका दिया जाएगा।


