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तमिलनाडु में चुनावी बिगूल, चौतरफा मुकाबले की तैयारी

तमिलनाडु में विधानसभा चुनावी बिगूल बज चुका है और राज्य में एक ही चरण में होने वाले चुनाव में जीत दर्ज करने को लेकर राजनीतिक पार्टियां गुना-हिसाब लगाने में जुट गई हैं

तमिलनाडु में चुनावी बिगूल, चौतरफा मुकाबले की तैयारी
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द्रमुक बनाम अन्ना द्रमुक, मैदान में उतरे नए खिलाड़ी

  • विजय की टीवीके और सीमान की एनटीके ने बढ़ाई गर्मी
  • सीट बंटवारे पर सहमति, कांग्रेस को मिली 28 सीटें

चेन्नई। तमिलनाडु में विधानसभा चुनावी बिगूल बज चुका है और राज्य में एक ही चरण में होने वाले चुनाव में जीत दर्ज करने को लेकर राजनीतिक पार्टियां गुना-हिसाब लगाने में जुट गई हैं।

पिछले चुनावों के विपरीत इस बार राज्य में चुनावी मैदान में ज़बरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा, क्योंकि यह चुनाव चौतरफा लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है। इस मुकाबले में सत्ताधारी द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) और मुख्य विपक्षी अन्ना द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन, अभिनेता से राजनेता बने विजय की नयी पार्टी 'तमिला वेट्री कज़गम' (टीवीके) और सीमान की पार्टी 'नाम तमिझार काची' (एनटीके) शामिल हैं। सीमान हमेशा की तरह अकेले चुनाव लड़ रहे हैं और उन्होंने सभी 234 सीटों पर अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।

सीमान दक्षिणी शिवगंगा ज़िले के कराईकुडी से चुनाव लड़ेंगे। सत्ताधारी द्रमुक के नेतृत्व वाला मज़बूत बहु-दलीय 'धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन' (एसपीए) राज्य में 2019 से लगातार सभी चुनाव जीतता आ रहा है। इस गठबंधन में कांग्रेस, डीएमडीके, दो वामपंथी पार्टियाँ (भाकपा और माकपा), लोकसभा सांसद थोल थिरुमावलवन का दलित संगठन 'विदुथलाई चिरुथैगल काची' (वीसीके) और राज्यसभा सांसद कमल हासन की पार्टी 'मक्कल निधि मय्यम' (एमएनएम), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल), 'मानिथनेया मक्कल काची' (एमएमके), 'कोंगुनाडु मक्कल देसिया काची' और कई छोटे-मोटे संगठन शामिल हैं।

द्रमुक ने 23 फरवरी को अपने सहयोगियों के साथ सीटों के बंटवारे पर बातचीत शुरू की थी। हालांकि यह बातचीत थोड़ी देर से शुरू हुई, क्योंकि कांग्रेस के साथ संबंधों में कुछ तनाव आ गया था। कांग्रेस ज़्यादा सीटों (2021 के चुनावों में उसे 25 सीटें मिली थीं) और सत्ता में हिस्सेदारी की मांग कर रही थी।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने हालाँकि सभी मुद्दे सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया। इसके बाद द्रमुक अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के साथ समझौता हुआ, जिसमें कांग्रेस को 28 सीटें आवंटित की गईं। द्रमुक ने एसपीए के चार अन्य सहयोगियों के साथ भी सीटों के बँटवारे का समझौता किया, जिसमें डीएमडीके को चार सीटें (पिछले साल छह सीटें दी गई थीं), और आईयूएमएल , एमएमके तथा ई.आर. ईश्वरन की केएमडीके को क्रमश: दो-दो सीटें आवंटित की गईं।

राज्य की 234 विधानसभा सीटों में से 38 सीटें पाँच सहयोगियों को आवंटित करने के बाद द्रमुक अन्य सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारेगी। गौरतलब है कि द्रमुक 2021 के चुनावों में 173 सीटों पर चुनाव लड़ा था। सत्ताधारी द्रविड़ पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की थी और 10 साल के अंतराल के बाद सत्ता में वापसी की थी। उसने 133 सीटें जीतकर अपना बहुमत हासिल किया था और पिछले चुनाव (2021) में द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। इस बार भी वह सीटों के एक बड़े हिस्से पर चुनाव लड़ने की सोच रही थी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उसे अपना बहुमत मिल जाये।

दूसरी ओर अपने मुख्य सहयोगी भारतीय जनता पार्टी के साथ अन्ना द्रमुक के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंध (राजग) में टीटीवी दिनाकरण की एएमएमके भी शामिल है। श्री दिनाकरन ने पिछली बार श्री ई.के. पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने का विरोध करते हुए राजग छोड़ दिया था, लेकिन बाद में वे वापस आ गए। इसके अलावा इस गठबंधन में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. अंबुमणि रामदॉस के नेतृत्व वाला पीएमके गुट भी है, जो कुछ दिन पहले ही राज्यसभा के लिए चुने गए थे। पूर्व केंद्रीय जहाजरानी मंत्री जीके. वासन की तमिल मनीला कांग्र्स (टीएमसी) और न्यू जस्टिस पार्टी (एनजेपी) तथा आईजेक जैसी छोटी पार्टियाँ भी शामिल हैं।

अन्ना द्रमुक ने आज चुनाव अधिसूचना जारी होने से कुछ घंटे पहले ही सीटों के बँटवारे के लिए एक पैनल बनाया, और उम्मीद है कि वह जल्द ही अपने सहयोगियों के साथ सीटों के बँटवारे पर बातचीत शुरू करेगी। टीवीके को अभी तक कोई गठबंधन सहयोगी नहीं मिला है, जबकि श्री विजय ने विक्रवंडी में अपनी पार्टी के पहले राज्य सम्मेलन में यह घोषणा की थी कि उनकी पार्टी गठबंधन के लिए तैयार है, और अगर उन्हें सत्ता में आने का मौका मिला, तो वे सत्ता में हिस्सेदारी देने के लिए भी तैयार हैं। यह एक ऐसा विचार है जो तमिलनाडु की राजनीति के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया और द्रमुक तथा अन्ना द्रमुक दोनों ही पार्टियों के लिए यह एक अस्वीकार्य बात है। पूरी संभावना है कि टीवीके अकेले ही चुनाव लड़ेगी, हालाँकि ऐसी खबरें भी चल रही हैं कि भाजपा चुनावों में संख्या के लिहाज़ से मज़बूत द्रमुक का मुकाबला करने के लिए श्री विजय को राजग में शामिल करने की इच्छुक है।


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