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अन्नाद्रमुक सरकार में हिस्सेदारी पर दबाव नहीं, भाजपा का साफ संदेश

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी तमिलनाडु में राजग की अगुवाई वाली अन्नाद्रमुक से तीन कैबिनेट पदों के लिए सत्ता में साझेदारी का दबाव नहीं बना रही है

अन्नाद्रमुक सरकार में हिस्सेदारी पर दबाव नहीं, भाजपा का साफ संदेश
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डीएमके को सत्ता से हटाना ही भाजपा का असली एजेंडा: नैनार नागेंद्रन

  • मदुरई में मोदी की रैली की तैयारी, मुरुगन मंदिर जाने की संभावना
  • सीट बंटवारे पर अफवाहों का खंडन, भाजपा ने कहा सब निराधार

चेन्नई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी तमिलनाडु में राजग की अगुवाई वाली अन्नाद्रमुक से तीन कैबिनेट पदों के लिए सत्ता में साझेदारी का दबाव नहीं बना रही है। राज्य इकाई के अध्यक्ष नैनार नागेन्द्रन ने सोमवार को स्पष्ट किया कि पार्टी का एकमात्र एजेंडा सत्तारूढ़ डीएमके को सत्ता से हटाना है।

मदुरई में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि कांग्रेस, द्रमुक के साथ सत्ता में हिस्सेदारी की मांग कर रही है, तो इसका मतलब यह नहीं कि हम भी वैसा ही करें। उन्होंने उन रिपोर्टों का भी खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि भाजपा, अन्नाद्रमुक पर इसके लिए जोर दे रही है, जबकि अन्नाद्रमुक सीटों के बंटवारे की बातचीत में देरी कर रही है।

उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि भाजपा अपने और पूर्व केंद्रीय मंत्री जी के वासन की तमिल मनीला कांग्रेस जैसे कुछ छोटे सहयोगियों के लिए 56 सीटों की मांग कर रही थी। उन्होंने आगे कहा, "सब अफवाह हैं।' जहां एक ओर अन्नाद्रमुक ने ओबीसी वन्नियार बहुल पीएमके (अंबुमणि गुट) के साथ सीट-बंटवारे के समझौते को अंतिम रूप दे दिया है, वहीं आवंटित सीटों की संख्या को गुप्त रखा गया है। भाजपा के साथ औपचारिक बातचीत सिर्फ दो दिन पहले ही शुरू हुई थी, जब नैनार ने अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी (ईपीएस) से मुलाकात की थी।

दोनों दलों के बीच अभी समझौता तय होना बाकी है। उन्होंने कहा, "राजग में किन दलों को शामिल किया जायेगा, इसका निर्णय ईपीएस, अमित शाह और तमिलनाडु के भाजपा प्रभारी पीयूष गोयल करेंगे। चूंकि प्रधानमंत्री की 23 जनवरी की राज्य यात्रा के लिए मदुरई संभावित स्थलों में से एक है, इसलिए वह मंदिर नगरी के बाहरी इलाके में पांडी कोविल के पास कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे हैं। इस दौरान नैनार के साथ भाजपा नेता और अन्नाद्रमुक के स्थानीय पदाधिकारी भी मौजूद थे।"

उन्होंने कहा, "यह जनसभा राजग का पहला बड़ा शक्ति प्रदर्शन होगा। इसमें गठबंधन के सभी घटक दलों के नेता प्रधानमंत्री के साथ मंच साझा करेंगे। इससे पहले एक विशाल रोड शो भी आयोजित किया जायेगा।" दीपम मुद्दे पर भाजपा के दबाव बनाये रखने के बीच, श्री नैनार ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री मदुरई आते हैं तो वे तिरुपरनकुंद्रम स्थित प्राचीन मुरुगन मंदिर जा सकते हैं, जो तमिलों के आराध्य देव के प्रसिद्ध छह निवास स्थानों में से एक है। मुरुगन तमिलों के अत्यंत लोकप्रिय देवता हैं, इसलिए भाजपा ने दीपम मुद्दे को मजबूती से पकड़ रखा है। यह मुद्दा तिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी की चोटी पर स्थित 14वीं सदी की सिकंदर दरगाह के पास एक पत्थर के खंभे (जिसे दीपथून होने का दावा किया जाता है) पर कार्तिकेय दीपम जलाने से जुड़ा है, जबकि पहाड़ी की तलहटी में मुरुगन मंदिर स्थित है।

मद्रास उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें पत्थर के खंभे पर दीप जलाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन तमिलनाडु सरकार ने इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। राज्य सरकार का तर्क है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वह पत्थर का खंभा वास्तव में 'दीपथून' (दीप स्तंभ) था। सरकार के अनुसार, लंबे समय से चली आ रही परंपरा के मुताबिक दीप पहाड़ी के बीच में स्थित 'उचि पिल्लईयार' मंदिर के पास 'दीप मंडपम' में जलाया जाता है, जो ठीक नीचे बने मुरुगन मंदिर के गर्भगृह के ऊपर स्थित है।

नैनार नागेंद्रन ने कहा कि हालांकि जगह अभी तय नहीं हुई है, लेकिन प्रधानमंत्री की रैली के लिए चेन्नई और त्रिची जैसी दूसरी जगहों पर भी विचार किया जा रहा है।

विपक्ष की इस आलोचना को खारिज करते हुए कि भाजपा अभिनेता और 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (टीवीके) के अध्यक्ष विजय को निशाना बनाने के लिए सेंसर बोर्ड का इस्तेमाल कर रही है पर नैनार नागेंद्रन ने अपनी प्रतिक्रिया दी। विपक्षी आरोपों के अनुसार, विजय की आखिरी फिल्म 'जन नायकन' के सेंसर प्रमाणपत्र में जानबूझकर देरी की जा रही है।

नैनार नागेंद्रन ने कहा, "भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं है। विजय को निशाना बनाने या 'जन नायकन' को सेंसर सर्टिफिकेट देने से इनकार करने का भाजपा के पास न तो कोई तुक है और न ही कोई कारण।"

उन्होंने कहा, "यहां तक कि शिव कार्तिकेयन और श्रीलीला स्टारर फिल्म 'पराशक्ति' के लिए भी शर्तें पूरी होने के बाद ही फिल्म को सर्टिफिकेशन दिया था।"


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