Top
Begin typing your search above and press return to search.

विश्वविद्यालयों में रिक्तियां भरने जरूरी कदम उठा रहे : जावड़ेकर

मंत्री ने यह भी कहा कि मंत्रालय ने सर्वोच्च न्यायालय में एक विशेष अवकाश याचिका (एसएलपी) दायर की है, जिसमें कहा गया है कि क्या भर्ती विश्वविद्यालय वार की जानी चाहिए या फिर विभाग वार

विश्वविद्यालयों में रिक्तियां भरने जरूरी कदम उठा रहे : जावड़ेकर
X

नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को यहां कहा कि सरकार देश भर के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की रिक्तियों को भरने के लिए भर्ती के तरीके को उलटने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने सहित सभी महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। पिछले चार वर्षों में अपने मंत्रालय द्वारा अर्जित उपलब्धियों पर आयोजित एक कार्यक्रम में जावड़ेकर ने कहा, "हम दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भर्ती के लिए आवश्यक सभी कदम उठा रहे हैं। आज (रविवार) भी मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति समुलाकात कर प्रधानाचार्य के पद को तेजी से भरने पर चर्चा की है।"

मंत्री ने यह भी कहा कि मंत्रालय ने सर्वोच्च न्यायालय में एक विशेष अवकाश याचिका (एसएलपी) दायर की है, जिसमें कहा गया है कि क्या भर्ती विश्वविद्यालय वार की जानी चाहिए या फिर विभाग वार।

जावड़ेकर ने कहा, "हमने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष एक एसएलपी दायर की है, जिसपर दो जुलाई को सुनाई है, ताकि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को पलटा जा सके। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में विभाग वार भर्ती निर्धारित की थी। हम मानते हैं कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए एकमात्र तरीका विश्वविद्यालय वार भर्ती है।"

भर्ती के तरीके के सवाल पर विश्वविद्यालय के शिक्षक विभाजित हैं। इनमें से कुछ का मानना है कि भर्तियां विभाग में कुल रिक्तियों के आधार पर होनी चाहिए, जबकि अन्य शिक्षक विश्वविद्यालय में कुल रिक्तियों के आधार पर इसे भरने की वकालत कर रहे हैं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it