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स्वदेशी आंदोलन को अभियान के रूप में लें कारोबारी: आनंदीबेन

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को कहा कि कारोबारी एवं उद्यमी स्वदेशी आन्दोलन को एक अभियान के रूप में लें ताकि ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ सफल हो सके और अर्थव्यवस्था मजबूत हो।

स्वदेशी आंदोलन को अभियान के रूप में लें कारोबारी: आनंदीबेन
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को कहा कि कारोबारी एवं उद्यमी स्वदेशी आन्दोलन को एक अभियान के रूप में लें ताकि ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ सफल हो सके और अर्थव्यवस्था मजबूत हो।

कॉन्फेडरेशन आफ आल इण्डिया ट्रेडर्स (कैट) के देश भर से जुड़े व्यापारी एवं महिला उद्यमियों को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये सम्बोधित करते हुये श्रीमती पटेल ने कहा कि व्यापारियों ने लाकडाउन के दौरान देश में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई चेन को बनाये रखने, दान के माध्यम से भोजन और राशन वितरण जैसे कार्यो में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

उन्होने कहा कि छोटे और बड़े उद्योगों का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव भी अलग-अलग पड़ता है। छोटे उद्योग बड़े पैमाने पर रोजगार उत्पन्न करने में अहम भूमिका निभाते हैं। नागरिकों को रोजगार उपलब्ध होने से अर्थव्यवस्था पर उनका भार कम पड़ता है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लॉकडाउन की विषम परिस्थितियों में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फाॅर लोकल’ पर जोर दिया है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार ने भी स्वास्थ्य और मजदूरों की सुरक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम स्तर पर श्रमिकों के परिवार एवं महिला सदस्य को स्वयं सहायता समूहों से आच्छादित किया गया है और उनकी स्किल के अनुसार आय जनित गतिविधियों से जोड़ते हुए आजीविका संवर्धन का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार राज्य सरकार मनरेगा के तहत ग्रामीण महिलाओं को उनके गांवों में ही रोजगार उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में निरन्तर प्रयासरत है।

राज्यपाल ने गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुये अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने महिलाओं को उद्योग, व्यवसाय एवं स्वयं सहायता समूह स्थापित करने में आर्थिक सहायता एवं सहूलियतें प्रदान करने के उद्देश्य से जेन्डर बजट का प्रावधान किया था। इसके अन्तर्गत महिलाओं द्वारा संचालित दुग्ध मण्डियों हेतु स्वयं का सुविधायुक्त सेन्टर बनाने के लिये 300 स्कावयर यार्ड भूमि तथा मकान बनाने के लिये 5 लाख रूपये का लोन सहायता स्वरूप प्रदान करने के साथ मिल्क सेन्टरों को ‘ब्लक मिल्क कूलर’ और ‘मिल्किंग मशीन’ के लिये भी सहायता दी जाती थी।

पूरे गुजरात में सखी मण्डलों की रचना की, जिसके माध्यम से महिलाओं को बैकों के साथ जोड़कर सस्ती ब्याज दर पर ऋण दिलाकर खुद का कार्य शुरू करवाया।

श्रीमती पटेल ने कहा कि महिलाओं एवं गरीब लोगों की सहायता कर काम शुरू करवाने से उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। कोरोना के इस संकट में नारी शक्ति का मनोबल कम नहीं हुआ और उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि वे कोई भी दायित्व अथवा कार्य करने में सक्षम हैं। लाॅकडाउन के कारण हमारे उद्योग-धंधों एवं दिनचर्या पर जो प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, उससे पार पाने में कुछ वक्त जरूर लगेगा। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग एवं धैर्य से इस बुरे वक्त से शीघ्र ही देश उबर सकेगा।


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