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सुप्रियो ने बंगाली फिल्म बिरादरी के लिए लॉन्च किया नया मंच

भगवा खेमे के प्रति ईमानदार बंगाली फिल्म कलाकारों और विभिन्न संगठनों और तकनीशियनों को एक छत के नीचे लाने के लिए यहां एक नए मंच की शुरुआत की गई है।

सुप्रियो ने बंगाली फिल्म बिरादरी के लिए लॉन्च किया नया मंच
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कोलकाता । भगवा खेमे के प्रति ईमानदार बंगाली फिल्म कलाकारों और विभिन्न संगठनों और तकनीशियनों को एक छत के नीचे लाने के लिए यहां एक नए मंच की शुरुआत की गई है। गायक-अभिनेता और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने गुरुवार को 'खोला हवा' के नाम के इस मंच को लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य 'बंगाली कला जगत को 'दबाव' से मुक्त करना' है।

इस नए मंच के अध्यक्ष सुप्रियो खुद हैं, जबकि फैशन डिजाइनर अग्निमित्र पॉल को उपाध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया गया है।

लॉन्चिंग के वक्त मीडिया की बैठक में भाजपा के राज्यसभा सदस्य और जाने माने पत्रकार स्वपन दासगुप्ता भी मौजूद थे।

रबींद्रनाथ टैगोर के प्रसिद्ध गाने 'खोला हवा' से इस मंच के नाम को प्रेरित बताते हुए सुप्रियो ने कथित तौर पर कहा, "टॉलीगंज (बंगाली) फिल्म जगत के कलाकारों और तकनीशियनों का वर्तमान माहौल में दम घुट रहा है। वे काफी दबाव झेल रहे हैं।"

बंगाली फिल्म जगत में चल रहे राजनीति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा हर मुद्दे में दखल देने की आदत के खिलाफ भी कहा।

उन्होंने कहा, "दर्शकों तक पहुंचने के लिए बंगाली फिल्मों को थिएटर नहीं मिल पा रहे हैं। हमने एक सुपरस्टार सांसद को इस मुद्दे पर बोलते देखा। वे कहते हैं कि उन्होंने इस बारे में मुख्यमंत्री से बात की है। अब ऐसे मामलों पर मुख्यमंत्री दखल क्यों दें? क्या निर्माता और निर्देशक साथ बैठकर इसका हल नहीं निकाल सकते?"

उन्होंने आगे कहा, "आखिर क्यों हर चीज में राजनीति को शामिल करना चाहिए? यह स्वतंत्र फिल्म निर्माण पर एक सवाल है। इसलिए हम ईश्वर चंद्र विद्यासागर के 200 वें जन्मदिन पर इस मंच को लॉन्च कर रहे हैं।"

यह पूछे जाने पर कि क्या खोला हवा भी एक राजनीतिक इकाई है, तो इस पर सुप्रियो ने कहा, "हम एक विशेष राजनीतिक दल (भाजपा) से हैं। सिर्फ वक्त ही बता सकता है कि यह एक राजनीतिक इकाई है या नहीं। लेकिन हमारा उद्देश्य फिल्म उद्योग को मुक्त करना है।"


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