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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के खिलाफ दायर मामलों की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई नहीं करेगा 

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिजनों के खिलाफ दायर 20 से अधिक मामलों पर रिपोर्ट मांगने से आज इनकार कर दिया

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के खिलाफ दायर मामलों की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई नहीं करेगा 
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिजनों के खिलाफ दायर 20 से अधिक मामलों पर रिपोर्ट मांगने से आज इनकार कर दिया। उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है।

न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने बताया कि पीठ मामले का दायरा नहीं बढ़ाना चाहती है।

उन्होंने कहा, "दुष्कर्म पीड़िता व उसके परिवार के खिलाफ दर्ज अन्य मामलों में पीठ हस्तक्षेप नहीं करना चाहती है।"

पीठ ने यह बात उस वक्त की जब एक वकील ने दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिजनों के लंबित पड़े मामलों के बारे में बात की।

अदालत ने कहा कि वह पीड़िता से जुड़े पहले के उन पांच मामलों में ध्यान केंद्रीत करना चाहती है, जिनमें सुनवाई की गई थी।

मामले में आगे की सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी गई है।

शीर्ष न्यायालय ने पीड़िता के परिजन के एक पत्र पर संज्ञान लिया था, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के आदमियों से परिवार को धमकियां मिलने की बात कही गई थी।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पीड़िता का इलाज चल रहा है, उसे पिछले हफ्ते ही लखनऊ से यहां स्थानांतरित किया गया था। पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे एडवांस सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है।

उसके वकील महेंद्र सिंह की हालत भी बेहद गंभीर बनी हुई है। वह बेहोश हैं और उन्हें भी एडवांस सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है।

राय बरेली में 28 जुलाई को दुष्कर्म पीड़िता अपने दो रिशतेदारों और अपने वकील के साथ कार में यात्रा कर रही थी, इसी बीच एक तेज गति से आ रहे ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। दुर्घटना में दोनों रिश्तेदारों की मौत हो गई थी।


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