उच्चतम न्यायालय का आदेश आम्रपाली के खरीदारों का फ्लैट पंजीकरण शुरु करें
उच्चतम न्यायालय से आम्रपाली में फ्लैट खरीदने वालों को मंगलवार को बड़ी राहत मिली।

नई दिल्ली । उच्चतम न्यायालय से आम्रपाली में फ्लैट खरीदने वालों को बड़ी राहत मिली। शीर्ष न्यायालय ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि वह आम्रपाली के खरीदारों के पक्ष में फ्लैट पंजीकरण का काम शुरू करें।
न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अगुवाई वाली खंडपीठ ने इस मामले पर सुनवाई करते दोनों प्राधिकरणों के अधिकारियों को चेतावनी भी दी है कि यदि फ्लैट खरीदारों को कब्जा देने में उनकी तरफ से देरी होती है तो उन्हें जेल भी भेजा जा सकता सकता है।
खंडपीठ ने प्राधिकरणों की तरफ से देरी के लिए फटकार लगाई। प्राधिकरण के अधिकारियों ने शीर्ष न्यायालय के कड़े रुख को देखते हुए कहा है कि आम्रपाली में फ्लैट खरीदारों से जुड़े मामलों के लिए विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया जा चुका है। प्राधिकरणों की तरफ से उच्चतम न्यायालय को आश्वस्त किया कि उसके आदेश का पालन करने के लिए अधिकारी नियुक्त किए जा चुके हैं।
शीर्ष न्यायालय ने 23 जुलाई को आम्रपाली समूह के लाइसेंस को रद्द करते हुए सार्वजनिक उपक्रम राष्ट्रीय भवन निर्माता निगम लिमिटेड(एनबीसीसी) को सभी लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए नियुक्त किया था।


