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सेसमी वर्कशॉप और मेटलाइफ फाउंडेशन के नए वैश्विक संसाधन छोटे बच्चों के भावनात्मक स्वास्थ्य और सामाजिक जुड़ाव को देंगे बढ़ावा

बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए सेसमी वर्कशॉप ने मेटलाइफ फाउंडेशन के सहयोग से भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़े नए संसाधन लॉन्च किए हैं

सेसमी वर्कशॉप और मेटलाइफ फाउंडेशन के नए वैश्विक संसाधन छोटे बच्चों के भावनात्मक स्वास्थ्य और सामाजिक जुड़ाव को देंगे बढ़ावा
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मेटलाइफ फाउंडेशन का सहयोग: छोटे बच्चों में सामाजिक जुड़ाव बढ़ाने की कोशिश

  • भारत में 4.1 लाख बच्चों तक पहुंच: डिजिटल और सामुदायिक कार्यक्रमों से बदलाव
  • एल्मो और सेसमी स्ट्रीट के दोस्त: बच्चों को सिखाएँगे सहानुभूति और दयालुता
  • वैश्विक संसाधन लॉन्च: भारत, मेक्सिको, ब्राज़ील और अमेरिका में पहल

नई दिल्ली। बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए सेसमी वर्कशॉप ने मेटलाइफ फाउंडेशन के सहयोग से भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़े नए संसाधन लॉन्च किए हैं।

यह नया डिजिटल कंटेंट भारत, मेक्सिको, ब्राज़ील, मिडिल ईस्ट और अमेरिका में बच्चों और उनके देखभाल करने वालों को उपयोगी जानकारी और आसान तरीकों के जरिए मजबूत रिश्ते और सामाजिक जुड़ाव बनाने में मदद करेगा।

इन संसाधनों में एल्मो, एबी कैडैबी और उनके सेसमी स्ट्रीट के दोस्तों को शामिल किया गया है, जो बच्चों को दूसरों की भावनाओं को समझने, दयालुता दिखाने और मिलकर काम करने जैसे महत्वपूर्ण संदेश सिखाते हैं। ये विषय सेसमी स्ट्रीट के 56वें सीजन के “Tales from 123” सेगमेंट में भी शामिल हैं, जो नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है।

भारत में यह पहल डिजिटल और जमीनी गतिविधियों के जरिए लागू की जा रही है, जिसका लक्ष्य 4.1 लाख से अधिक बच्चों और उनके केयरगिवर्स तक पहुंचना है। सेसमी वर्कशॉप इंडिया आंगनवाड़ी केंद्रों, शिक्षकों और सामुदायिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर छोटे बच्चों और उनके परिवारों तक भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़ी समझ पहुंचा रहा है।

इंटरैक्टिव सेशन्स और सामुदायिक कार्यक्रमों के जरिए बच्चों को अपनी भावनाएं व्यक्त करना, सहानुभूति और अच्छे सामाजिक व्यवहार सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वहीं केयरगिवर्स को बच्चों के साथ मजबूत और संवेदनशील रिश्ते बनाने में सहयोग दिया जा रहा है।

यह पहल डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे Chalo! Sesame Street ऐप और Daddy Cool WhatsApp चैटबॉट के माध्यम से भी आगे बढ़ाई जा रही है, जिससे सीखना लगातार जारी रह सके।

सोनाली खान, सेसमी वर्कशॉप ने कहा, “आज के समय में बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ी चिंता बनता जा रहा है। ऐसे में हमारा उद्देश्य है कि हम बच्चों तक शुरुआती उम्र में ही पहुंचें और उन्हें सही मार्गदर्शन दें। मेटलाइफ फाउंडेशन के साथ मिलकर हम ऐसे रोचक संसाधन तैयार कर रहे हैं, जो बच्चों में रिश्तों की समझ, सहानुभूति और दया की भावना को मजबूत करें और उनके भावनात्मक विकास की मजबूत नींव रखें।”

पीएनबी मेटलाइफ के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी समीर बंसल ने कहा, “पीएनबी मेटलाइफ में हम सभी, बच्चों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए मेटलाइफ फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे सहयोग को बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं। बचपन में मिला सही मार्गदर्शन और सहयोग बच्चों के भविष्य को सकारात्मक दिशा देने में अहम भूमिका निभाता है।

उन्होंने आगे कहा, “सेसमी वर्कशॉप के साथ मेटलाइफ फाउंडेशन की लंबे समय से चली आ रही साझेदारी हमें भारत में बच्चों और उनके अभिभावकों तक रोचक एवं शोध-आधारित संसाधन पहुंचाने का मूल्यवान अवसर प्रदान करती है। यह पहल बच्चों में आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करने में सहायक होगी।”

यह नए संसाधन विशेष रूप से 3 से 5 साल के बच्चों के माता-पिता, केयरगिवर्स और शिक्षकों के लिए तैयार किए गए हैं। इनमें 3 केयरगिवर वीडियो, 5 सोशल मीडिया वीडियो और एक वॉलंटियर गाइड शामिल हैं। ये सभी सामग्री बच्चों के भावनात्मक विकास और सामाजिक कौशल को मजबूत बनाने में मदद करती हैं।

वीडियो हिंदी, अंग्रेज़ी, स्पेनिश, पुर्तगाली और अरबी भाषाओं में उपलब्ध होंगे, जबकि वॉलंटियर गाइड अंग्रेज़ी और स्पेनिश में उपलब्ध है। संसाधन sesameworkshopindia.org/resources/chhoti-badi-bhaavnaayein/ पर उपलब्ध हैं।

साल 2009 से मेटलाइफ फाउंडेशन, सेसमी वर्कशॉप का एक महत्वपूर्ण साझेदार रहा है। इस साझेदारी के तहत दुनियाभर में बच्चों और परिवारों के लिए कई कार्यक्रम चलाए गए हैं, जिनमें स्वास्थ्य, जीवन कौशल और वित्तीय सशक्तिकरण शामिल हैं। ड्रीम, सेव, डू ( “Dream, Save, Do” )जैसे कार्यक्रमों के बाद अब यह साझेदारी बच्चों के भावनात्मक स्वास्थ्य पर केंद्रित है, ताकि परिवारों में मजबूत रिश्ते, लचीलापन और बेहतर सामाजिक जुड़ाव विकसित हो सके।


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