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सीयूईटी में गलत प्रश्न पूछे जाने पर छात्रों को मिलेगा इसका फायदा

देश के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) लागू किया जा चुका है। यह परीक्षाएं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, (एनटीए) द्वारा ली जाएंगी

सीयूईटी में गलत प्रश्न पूछे जाने पर छात्रों को मिलेगा इसका फायदा
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नई दिल्ली। देश के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) लागू किया जा चुका है। यह परीक्षाएं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, (एनटीए) द्वारा ली जाएंगी। एनटीए ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट 2022 में छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इसी क्रम में माकिर्ंग स्कीम में भी संशोधन किया गया है। सीयूईटी यदि कोई प्रश्न गलत पाया जाता है या किसी प्रश्न को वापस लिया जाता है, तो ड्रॉप किए गए प्रश्न के बदले उम्मीदवारों को 5 अंक दिए जाएंगे। हालांकि यह 5 अंक सभी छात्रों को नहीं मिल सकेंगे। इसके लिए भी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कुछ प्रावधान किए हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के मुताबिक यह 5 अंक केवल उन्हीं छात्रों को दिए जाएंगे जो छात्र इस संबंधित प्रश्न का उत्तर देने का प्रयास करेंगे।

यूजीसी का मानना है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के अलावा यह राज्य स्तरीय एवं प्राइवेट यूनिवर्सिटी सीयूईटी को मान्यता देंगे। यूजीसी चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने विभिन्न राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के विषय पर चर्चा की है। यूजीसी के चेयरमैन ने जिन राज्यों के विश्वविद्यालयों से सीयूईटी का हिस्सा बनने को लेकर चर्चा की है उनमें असम, मणिपुर, त्रिपुरा, सिक्किम, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल शामिल है। केवल राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि टाटा यूनिवर्सिटी ऑफ सोशल साइंस, मुंबई और हरिद्वार के गुरुकुल कांगड़ी जैसे संगठनों ने यूजीसी के साथ हुई चर्चा में सीयूईटी का हिस्सा बनने में रुचि दिखाई है।

सीयूईटी 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में यूजी प्रवेश के लिए तैयार की गई है। शिक्षा मंत्रालय स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए इसे एक अखिल भारतीय प्रवेश प्रक्रिया बनाना चाहता है। यूजीसी इसके लिए बकायदा सभी राज्य और निजी विश्वविद्यालयों एवं अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों से संपर्क कर रहा है।

अधिक से अधिक छात्रों एवं विश्वविद्यालयों को इस प्रक्रिया में शामिल करने के लिए सीयूआईटी के रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 22 मई तक बढ़ा दी गई है। यूजीसी ने अंतिम तिथि आगे बढ़ाने का फैसला किया है। पहले 6 मई को यह प्रक्रिया समाप्त होने जा रही थी। छात्र 6 मई तक यह परीक्षा देने के लिए अपना पंजीकरण करा सकते थे। हालांकि अब 22 मई तक पंजीकरण कराया जा सकता है।

जगदीश कुमार ने इस विषय पर आधिकारिक जानकारी देते हुए कहा, हम कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 22 मई तक बढ़ा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि यह छात्रों को कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के लिए आवेदन करने का अतिरिक्त अवसर प्रदान करेगा।


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