मणिपुर में फिर बिगड़े हालात, सीएम आवास को घेरने पर अड़े हैं प्रदर्शनकारी
मणिपुर के हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। बीते दिन 3 लोगों की बॉडी मिलने के बाद से लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। राजधानी इम्फाल में मैतेयी समुदाय के लोग प्रदर्शन पर उतर आए हैं। सीएम आवास को घेरने पर अड़े हुए हैं

इंफाल। मणिपुर में एक बार फिर हालात बहुत तनावपूर्ण हो गए हैं। जनता में गुस्सा है, गुस्साई भीड़ ने इंफाल में मंत्रियों और विधायकों के घरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है और अब ये भीड़ मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इस बढ़ते तनाव को देखते हुए इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है और इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है। लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिरकार ये हिंसा फिर से क्यों उग्र हुई, और मणिपुर के मौजूदा हालात क्या हैं?
मणिपुर के हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। बीते दिन 3 लोगों की बॉडी मिलने के बाद से लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। राजधानी इम्फाल में मैतेयी समुदाय के लोग प्रदर्शन पर उतर आए हैं। सीएम आवास को घेरने पर अड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के तीन मंत्रियों और 6 भाजपा विधायकों के घरों को फूंक दिया। उग्र भीड़ ने मंत्री सपम रंजन, सीएम बीरेन सिंह के दामाद और भाजपा विधायक आरके ईमो सिंह के घरों को भी निशाना बनाया।
खबर है कि प्रदर्शनकारी देर रात मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के भी आवास तक पहुंच गए। उनकी मांग है आरोपियों को 24 घंटे में गिरफ्तार किया जाए। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोले और हवाई फायरिंग करनी पड़ी। हालात बिगड़ते देख 5 जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है। साथ ही 7 जिलों में दो दिन के लिए इंटरनेट बंद कर दिया गया है। इस बीच मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग फिर ज़ोर पकड़ रही है। कुछ मंत्रियों और भाजपा के 19 विधायकों ने बीरेन सिंह को हटाने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय को चिट्ठी भेजी है। खबर ये भी आ रही है कि 19 विधायक इस्तीफा देने की तैयारी में हैं। वहीं मणिपुर सरकार ने केंद्र सरकार के कुछ हिंसा प्रभावित इलाकों में एएफएसपीए लागू करने के फैसले की समीक्षा कर उसे हटाने की मांग की।
प्रदेश में बिगड़ते हालात को देखते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी चिंता जताई है। उन्होंने ट्वीट किया कि मणिपुर में हाल ही में हुई हिंसक झड़पों और लगातार हो रही घटनाएं बेहद परेशान करने वाली हैं। एक साल से ज़्यादा वक़्त के विभाजन और पीड़ा के बाद, हर भारतीय को यह उम्मीद थी कि केंद्र और राज्य सरकारें सुलह के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगी और समाधान निकालेंगी।
राहुल ने एक बार फिर आग्रह करते हुए लिखा कि मैं प्रधानमंत्री से एक बार फिर मणिपुर का दौरा करने और क्षेत्र में शांति और उपचार बहाल करने की दिशा में काम करने का आग्रह करता हूं। बता दें कि मणिपुर में पिछले साल मई में हिंसा शुरू हुई थी लेकिन आज तक स्थिति बदल नहीं पाई। ऐसे में कई बार सीएम मोदी से मणिपुर जाने की अपील की गई लेकिन डेढ़ साल से ज़्यादा का वक़्त बीत गया। आजतक वो मणिपुर नहीं गए। इसे लेकर उनकी काफी किरकिरी भी हुई।


