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सेक्टर-117 में प्रस्तावित डंपिंग यार्ड के विरोध में निवासियों का प्रदर्शन, सीईओ और एसीईओ से मिला प्रतिनिधिमंडल

नोएडा प्राधिकरण द्वारा सेक्टर-32 में स्थित हॉर्टिकल्चर वेस्ट/कूड़ा डंपिंग को बंद कर इसे सेक्टर-117 में स्थानांतरित करने की योजना का स्थानीय निवासियों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है

सेक्टर-117 में प्रस्तावित डंपिंग यार्ड के विरोध में निवासियों का प्रदर्शन, सीईओ और एसीईओ से मिला प्रतिनिधिमंडल
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नोएडा। नोएडा प्राधिकरण द्वारा सेक्टर-32 में स्थित हॉर्टिकल्चर वेस्ट/कूड़ा डंपिंग को बंद कर इसे सेक्टर-117 में स्थानांतरित करने की योजना का स्थानीय निवासियों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है। इस योजना के खिलाफ सेक्टर-117 के आरडब्ल्यूए प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डॉ. लोकेश एम जी और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) वंदना त्रिपाठी से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज कराया।

गौरतलब है क‍ि सेक्टर-117 एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है, और जिस स्थान पर कूड़ा डंपिंग प्रस्तावित किया गया है, वह सेक्टर-119, 120 और 74 की हाई-राइज सोसाइटियों के करीब है। लगभग 400-500 मीटर के दायरे में कई रिहायशी सोसाइटियां स्थित हैं, जिससे लाखों निवासियों को स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की चिंता सताने लगी है।

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष कोसिंदर यादव ने अधिकारियों को बताया कि इस फैसले से सेक्टर-117 और आसपास के निवासियों में भय और आक्रोश पनप रहा है। उन्होंने डंपिंग यार्ड से होने वाले पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों पर भी विस्तृत चर्चा की।

स्‍थानीय न‍िवासी तेजवीर सिंह ने सवाल उठाया कि प्राधिकरण बार-बार सेक्टर-117 को ही ऐसे विवादित परियोजनाओं के लिए क्यों चुनता है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष भी यहां एनिमल सेंटर प्रस्तावित किया गया था, जिसे भारी विरोध के कारण वापस लेना पड़ा।

स्थानीय निवासी अजय गर्ग ने सुझाव दिया कि जिस स्थान को डंपिंग यार्ड के लिए चुना गया है, उसे बच्चों के लिए खेल मैदान के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सेक्टर-117 और आसपास के क्षेत्रों में कोई खेल मैदान उपलब्ध नहीं है, जिससे बच्चों को खेलने के लिए दूर जाना पड़ता है।

आरडब्ल्यूए सचिव हर्ष मोहन जखमोला ने अधिकारियों को संदेश दिया कि निवासियों के स्वास्थ्य और जीवन से बढ़कर कुछ नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्राधिकरण इस डंपिंग यार्ड को यहां से नहीं हटाता, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। रविवार को सैकड़ों निवासियों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध की शुरुआत की, और भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शन और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीईओ डॉ. लोकेश एम ने अधिकारियों को आदेश दिया कि सेक्टर-117 में हॉर्टिकल्चर वेस्ट नहीं डाला जाए। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि प्राधिकरण एक नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है, जिसमें प्रत्येक सेक्टर का हॉर्टिकल्चर वेस्ट उसी सेक्टर में निष्पादित किया जाएगा। निवासियों ने इस फैसले पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्राधिकरण डंपिंग यार्ड को पूरी तरह से हटाने का लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।


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