आज फिर हंगामे के बीच राज्यसभा 12 बजे तक के लिए स्थगित
सत्ता पक्ष और विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई, जिससे इस सप्ताह लगातार तीसरे दिन शून्यकाल नहीं हो सका

नई दिल्ली। सत्ता पक्ष और विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई, जिससे इस सप्ताह लगातार तीसरे दिन शून्यकाल नहीं हो सका।
सदन की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति जगदीप धनखड़ ने आवश्यक दस्तावेजों को पटल पर रखने का काम पूरा कराया। इसके बाद उन्होंने कहा कि नियम 267 के तहत 5 नोटिस मिले हैं। उन्होंने एक नोटिस डॉ. जॉन ब्रिटास की ओर से मिलने का उल्लेख किया, तभी दोनों पक्षों के सदस्य हंगामा और नारेबाजी करने लगे।
हंगामे के बीच धनखड़ ने संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू को अपनी बात रखने के लिए कहा। रिजिजू ने धनखड़ के विरुद्ध कांग्रेस द्वारा दिए गए नोटिस का उल्लेख करते हुए कहा कि किसान के बेटे ने इस सर्वोच्च पद पर आसीन होकर देश की सेवा करने का काम किया है।
उन्होंने कहा, “हम शुरू से देख रहे हैं कि विपक्ष न तो लोकतन्त्र को मानता है और न ही सदन की गरिमा का ख्याल रखता है।” उन्होंने विपक्षी सदस्यों से कहा कि आप लोग इस सदन के सदस्य होने के लायक नहीं हैं और न ही आपके पास इसका अधिकार है। देश की अखंडता और संप्रभुता पर कोई आंच नहीं आने दिया जाएगा।
रिजिजू ने कहा कि विपक्षी सदस्यों की नजर में उपराष्ट्रपति और सदन के सभापति के पद की गरिमा है और न ही कोई सम्मान। उनके विरुद्ध नोटिस दिया गया है जबकि धनखड़ ने लोकतन्त्र का पालन करते हुए सदन को संविधान के दायरे में चलाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और जॉर्ज सोरोस के रिश्ते का खुलास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहा है। यह सदन के सामने आना चाहिए कि कांग्रेस हमेशा देश विरोधी तत्वों के साथ ही क्यों रहती है। यह पार्टी हमेशा देश विरोधियों के साथ खड़ी रहती है और सभापति के विरुद्ध नोटिस देती है।
रिजिजू ने कहा कि धनखड़ सभापति के रूप में संविधान की रक्षा करते रहे हैं। उनके विरुद्ध किसी भी नोटिस का विरोध किया जाएगा। प्रियंका गांधी और सोरोस के रिश्ते को सदन में बताया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस सदस्यों के रुख का खंडन भी किया।
जोरदार हंगामे के बीच जनता दल सेकुलर के सदस्य और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने भी कुछ बोला लेकिन साफ -साफ कुछ सुना नहीं जा सका।
इसी दौरान धनखड़ ने कांग्रेस के प्रमोद तिवारी को अपनी बात रखने के लिए कहा। तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा से संविधान के खिलाफ रही है और अब वह संविधान बदलना चाहती है।
इसी दौरान धनखड़ ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।


