राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के सदस्यों ने सदन से किया बहिर्गमन
राजस्थान की सोलहवीं विधानसभा के तृतीय एवं बजट सत्र में गुरुवार को कृषि मंत्री डा किरोड़ी लाल मीणा के फोन टैप मामले में राज्य सरकार के जवाब के बाद विपक्ष के सदस्यों ने सदन का बहिर्गमन किया

जयपुर। राजस्थान की सोलहवीं विधानसभा के तृतीय एवं बजट सत्र में गुरुवार को कृषि मंत्री डा किरोड़ी लाल मीणा के फोन टैप मामले में राज्य सरकार के जवाब के बाद विपक्ष के सदस्यों ने सदन का बहिर्गमन किया। राज्य के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने इस मामले में सदन में जवाब देते हुए कहा कि डा मीणा सहित किसी का भी कोई फोन टैप नहीं किया गया है। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि वे सरकार के जवाब से संतुष्ट हैं लेकिन बात यह है कि एक कैबीनेट मंत्री ने फोन टैप की बात की और सरकार कह रही है कि फोन टैप नहीं हुआ तो ऐसे में क्या सरकार उन पर कोई कार्यवाही करेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष ने डा मीणा को नोटस भी दिया और नोटिस के जवाब में डा मीणा ने उनके फोन टैप होने के बारे में नकारा नहीं हैं और कहा है कि उन्हें ऐसी बातें सार्वजनिक स्थल पर नहीं कहनी चाहिए।
इस दौरान एक मंत्री ने सदन में तख्ती लहरा दी, इस पर जूली ने कहा कि सरकार का मंत्री ही सदन में तख्ती लहरा रहे हैं, यह किस नियम में है, इस पर कुछ देर के लिए जोरदार शोर शराब एवं हंगामा हुआ। इस बीच जूली ने कहा कि सरकार ने जवाब दे दिया है तो डा मीणा पर करे कार्रवाई, फिर डा मीणा का इस्तीफा क्यों नहीं स्वीकार करते। इसके बाद विपक्ष के सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गये।
इससे पहले जूली ने कहा कि राज्यपाल अभिभाषण पर उन्हें बोलने नहीं दिया गया तब विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि वह चाहते थे कि वह बोले और इसके लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर इसके प्रयास भी किए गए लेकिन इसके लिए वह आगे नहीं आये। इस बीच सत्ता पक्ष के चंद कृपलानी बोलने लगे। इस पर देवनानी ने उन्हें टोका। इस बीच एक मंत्री सदन में तख्ती दिखाने लगे तब अध्यक्ष ने कहा कि जब कोई मंत्री इस तरह का आचरण करे तो बड़ी पीड़ा होती हैं। इस पर जूली ने कहा कि सरकार का मंत्री सदन में तख्ती लेकर आ रहा हैं। विपक्ष के बहिर्गमन के बाद संसदीय राज्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मंत्री के तख्ती दिखाने के मामले में कहा कि वे सदन से माफी चाहते हैं।


