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कोई व्यक्ति घर नहीं छोड़ना चाहता : कन्हैया कुमार

बिहार में युवाओं के पलायन और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस की 'पलायन रोको, नौकरी दो' पदयात्रा बुधवार को सहरसा पहुंची

कोई व्यक्ति घर नहीं छोड़ना चाहता : कन्हैया कुमार
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सहरसा। बिहार में युवाओं के पलायन और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस की 'पलायन रोको, नौकरी दो' पदयात्रा बुधवार को सहरसा पहुंची। यह पदयात्रा 16 मार्च को पश्चिम चंपारण से शुरू हुई थी।

सहरसा में पदयात्रा कोसी चौक से होते हुए कांग्रेस कार्यालय तक गई।

पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस के नेता कन्हैया कुमार ने वीर कुंवर सिंह चौक पर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया।

कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि आगामी चुनाव में पलायन मुख्य मुद्दा होगा। यह चुनावी घोषणापत्र में पहला मुद्दा रहेगा। उन्होंने बिहार सरकार पर युवाओं को रोजगार देने में विफल रहने का आरोप लगाया। साथ ही भाजपा पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप भी लगाया।

कन्हैया कुमार ने बताया कि यह यात्रा महात्मा गांधी के भितिहरवा आश्रम से प्रेरित है। उनके अनुसार गांधी जी की दांडी यात्रा की तरह यह यात्रा भी बिहार के युवाओं की आवाज बनेगी।

उन्होंने कहा कि पलायन जिस वजह से होता है, उस वजह को रोकने से ही पलायन रुकेगा। पलायन की मुख्य वजह शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की कमी, रोजगार की कमी और कानून व्यवस्था की कमी है। ये चार चीजें व्यवस्थित हों तो कोई अपना घर, गांव छोड़कर नहीं जाना चाहता है। पलायन करने वाले अपनी पहचान लेकर जाते हैं। लेकिन, जन्मस्थान छोड़ देते हैं, यह भारी अंतर्विरोध वाली स्थिति होती है। इन चारों चीजों को बेहतर करके ही पलायन रोका जा सकता है।

यह पदयात्रा 27 मार्च को मधेपुरा और 28 मार्च को सुपौल पहुंचेगी। विभिन्न जिलों का भ्रमण करने के बाद यह पटना में समाप्त होगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सरकार पर दबाव बनाना है। कांग्रेस का प्रयास है कि यह यात्रा बिहार के हर कोने तक पहुंचे।


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