डीएवी नेशनल गेम्सः खो-खो अन्डर-14 में तीसरे स्थान पर रहा यूपी, हापुड़ बना किंग मैकर
डीएवी की ओर से तीन दिवसीय तीन दिवसीय डीएवी नेश्नल गेम्स का आयोजन किया गया।
-कास्य पदक पाकर खिले चेहरे, आयोजकों ने दी बधाई
-नोएडा के चिल्ला स्पोटर््स स्टेडियम में गर्ल्स कैटेगरी में हुए थे मैच
मेरठ। डीएवी की ओर से तीन दिवसीय तीन दिवसीय डीएवी नेश्नल गेम्स का आयोजन किया गया। विगत 6 जनवरी से 8,9 जनवरी तक डीएवी नेशनल की अन्डर-14,17,19 ब्वायज कैटेगरी के मैच हुए थे। वहीं 9 जनवरी से 11, 12 जनवरी तक अन्डर-14,17,19 गर्ल्स कैटेगरी के मैच खेले गए।
इन खेलों में भारत के 22 राज्यों से डीएवी के स्कूलों की टीमों ने प्रतिभागिता की। इस दौरान डायरेक्टर व नेशनल कन्वीनर डा. वी. सिंह की गरिमाई उपस्थित रही। यूपी की स्टैट कॉर्डिनेटर के रूप में यूपी-उत्तराखण्ड की रीजनल ऑफिसर डा. अल्पना शर्मा भी मौजूद रही।
खिलाड़ियों को डीएवी नेशनल खिलाने के लिए कई राज्यों में स्टेडियम बुक किए गए थे। डीएवी हापुड़ के प्रधानाचार्य डा. विनीत त्यागी को दो स्टेडियमों में उत्तराखण्ड के हरिद्वार सिथत वंदना कटारिया स्पोर्ट्स स्टेडियम व यूपी के नोएडा स्थित चिल्ला स्पोर्ट्स स्टेडियम की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इन दोनों स्टेडियमों में 10 खेलों का आयोजन किया गया।
डा. विनीत त्यागी ने बताया कि इस वर्ष भी डीएवी नेशनल गेम्स में हापुड़ के विद्यार्थियों को नेशनल में खेलने का मौका मिला। यूपी की टीम में हापुड़ से 6 खिलाड़ी खेले।
अन्डर-14 गर्ल्स कैटगरी में 5 छात्राएं तथा अन्डर-14 ब्वायज कैटेगरी में एक छात्र ने प्रतिभागिता की। खो-खो में भूमि चौधरी, यशसवी, अदीशा शर्मा, उदिता त्यागी, वेश्नवी त्यागी तथा कबड्डी में छात्र दिव्यांश सागर ने यूपी की ओर से प्रतिभाग किया।
डा. विनीत त्यागी ने बताया कि यूपी की अन्डर-14 में खो-खो टीम को कांस्य पदक मिला है। खो-खो अन्डर-14 की डीएवी नेशनल विजेता टीम रांची की रही।
हिमाचल को दूसरा व यूपी को तीसरा स्थान मिला। डीएवी नेशनल जीतने वाली टीम को अब एस.जी.एफ.आई. (स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) में खेलने का मौका मिलेगा।
डीएवी नेश्नल गेम्स के लिए 31 अलग-अलग प्रकार के खेलों का आयोजन किया गया। जिसमें क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, वॉलबॉल, बास्किट बॉल, हैण्डबॉल, टेबल टेनिस, बेडमिंटन, खो-खो, हॉकी, जूडो, योगा, जिमनास्तिक्स, स्केटिंग, लॉन टेनिस, अर्चरी, शूटिंग, स्विमिंग, एथलेटिक्स, चेस, बॉक्सिंग, ताईक्वांडो, करांटे, रेसलिंग, वुशु, स्किपिंग रोप, क्वेश, नेटबॉल, वेट लिफ्टिंग, एरोबिक्स, स्नूकर, बिलियार्ड्स आदि शामिल रहे।
बता दें कि डीएवी के प्रेसिडेंट पदम श्री डा. पूनम सूरी का हमेशा सपना रहा है कि पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों के भीतर की खेल प्रतिभा को भी केन्द्रित किया जाए। जिसे डीएवी के डायरेक्टर डा. बी. सिंह अमलीजामा पहनाने में शीर्ष नेतृत्व कर रहे हैं।








