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उपचुनाव : सपा से मिली दो सीटों पर कांग्रेस ने साधी चुप्पी

उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव में सपा ने कांग्रेस के लिए दो सीटें छोड़ रखी है। लेकिन कांग्रेस इससे खुश नहीं है। हालांकि इस मुद्दे पर बिना बोले उसने गेंद केंद्रीय नेतृत्व के पाले में डाल दी है

उपचुनाव : सपा से मिली दो सीटों पर कांग्रेस ने साधी चुप्पी
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव में सपा ने कांग्रेस के लिए दो सीटें छोड़ रखी है। लेकिन कांग्रेस इससे खुश नहीं है। हालांकि इस मुद्दे पर बिना बोले उसने गेंद केंद्रीय नेतृत्व के पाले में डाल दी है।

राजनीतिक जानकार बताते हैं कि लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद दोनों दलों के नेता उपचुनाव में भी साथ मिलकर मैदान में उतरने की बात भले ही कहते दिख रहे हों। लेकिन उनके बीच सीटों के बंटवारे की बातें स्पष्ट नहीं दिख रही है। सपा सात सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार चुकी है। सपा ने खैर व गाजियाबाद की सीट कांग्रेस के लिए छोड़ी है। इन दोनों सीटों को लेकर कांग्रेस की तरफ से अभी इन सीटों पर चुनाव लड़ने की कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। न ही इन सीटों पर अपने उम्मीदवारों को लेकर पत्ते खोले हैं।

अगर 2022 के गाजियाबाद के चुनावी आंकड़ों को देखें तो कांग्रेस 11818 वोट पाकर चौथे स्थान पर थी। जबकि सपा 44 हजार 668 वोट पाकर तीसरे स्थान पर थी। यहां कांग्रेस को 4.83 वहीं सपा को 18.25 फीसद वोट मिला था। खैर में कांग्रेस की हालत बहुत खराब थी यहां पर इन्हें महज 1514 वोट मिला था। जबकि सपा ने यह सीट रालोद के साथ गठबंधन में लड़ी थी। उन्हें 41644 वोट मिले थे। यहां भी कांग्रेस चौथे नंबर थी।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि उपचुनाव को लेकर बातचीत चल रही हैं। अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। जो भी निर्णय होगा वह केंद्रीय नेतृत्व लेगा। तभी सबको अवगत करा दिया जाएगा।

वहीं सपा के प्रवक्ता डॉक्टर आशुतोष वर्मा ने कहा कि सपा ने सात सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। गाजियाबाद और खैर सीट कांग्रेस को दी गई है। सपा पहले ही कह चुकी है कि इंडिया गठबंधन को साथ लेकर चलेगी, तो चल रही है। जब कोई बिना बात किए कुछ भी बयान दे देता है तो उससे दिक्कत बढ़ जाती है। उस समय भी हमने कहा था कि पांच सीटों में मिलाकर भी कांग्रेस अगर 50 हजार वोट पाई होती तो उसे सीटें दे दी जाती। 2022 के आंकड़ों को देखें तो हर जगह चौथे और पांचवें नंबर की लड़ाई पर रहे हैं। पांच सीटें देने का कोई मतलब नहीं है। यूपी कांग्रेस अगर ऐसा कह रही है तो यह बेतुकी बातें है। जहां दो सीटें दी हैं वहां भी सपा का मजबूत संगठन है। कई उम्मीदवार दावेदार भी हैं। हालांकि हम लोगों के बीच कोई मनमुटाव वाली बात नहीं है। भाजपा को हराने की तैयारी की जा रही है।

ज्ञात हो कि यूपी के उपचुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है। 13 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। वहीं 23 नवंबर को परिणाम आएंगे। नामांकन की प्रक्रिया 18 अक्टूबर से शुरू होगी। वहीं दाखिल करने की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर है।


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