Top
Begin typing your search above and press return to search.

भाजपा सरकार ने महाकुंभ में अव्यवस्था की : अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 5 फरवरी को मतदान होने हैं

भाजपा सरकार ने महाकुंभ में अव्यवस्था की : अखिलेश यादव
X

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 5 फरवरी को मतदान होने हैं। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कई बातों का जिक्र किया।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि मिल्कीपुर का चुनाव ऐतिहासिक है। मिल्कीपुर का चुनाव चुनौती है। यह चुनाव जनता बनाम सरकार के बीच है। मतदाताओं और प्रशासन के बीच होने जा रहा यह चुनाव राजनीति की दिशा का संदेश देगा। मिल्कीपुर की जनता समाजवादियों के साथ है। इसी कारण भाजपा ने नौ सीटों के साथ हुए उपचुनाव के साथ मिल्कीपुर का चुनाव नहीं होने दिया। मिल्कीपुर के इस उपचुनाव के परिणाम को लेकर भाजपा के लखनऊ वालों को नींद नहीं आ रही है। अयोध्या की जनता ने लोकसभा चुनाव में जिताकर समाजवादी पार्टी का सम्मान बढ़ाया। हमने अवधेश प्रसाद को अपने साथ आगे बैठाया तो कई लोगों को दर्द होने लगता है। अयोध्या की जनता ने भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति को खत्म कर दिया। मिल्कीपुर में समाजवादियों का महाकुंभ भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति का पूरी तरह से खात्मा कर देगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ में जिस तरह की घटना हुई है, उसकी कोई कल्पना नहीं की जा सकती है। सरकार महाकुंभ में हर घंटे लोगों के स्नान के आंकड़े दे रही थी। लेकिन, महाकुंभ में भगदड़ में जान गंवाने वालों की संख्या नहीं बता पा रही है। भाजपा सरकार ने महाकुंभ में अव्यवस्था की। महाकुंभ भगदड़ में जिन श्रद्धालुओं का सामान छूट गया और बिखर गया था, उसे जेसीबी से फेंकवा दिया। सुनने में आ रहा है कि उसमें लाशें भी थीं। मुख्यमंत्री और सरकार महाकुंभ में भगदड़ की सच्चाई नहीं बता रही हैं। मौत के आंकड़े को छिपाया जा रहा है। जो करोड़ों लोगों की गिनती कर रहे थे, उन्हें भगदड़ की घटना को स्वीकार करने में 17 घंटे लगे। सरकार 30 लोगों की मौत बता रही है। वह सही नहीं है। जो तस्वीरें और वीडियो आए हैं, वह बेहद भयावह हैं।

उन्होंने कहा कि परिजन अपनों को ढूंढ रहे हैं, बिलख रहे हैं, लेकिन सरकार कोई जानकारी नहीं दे रही है। सरकार मरने वालों और खोने वालों के सही आंकड़े नहीं बता रही है। महाकुंभ में स्नान के लिए आने वाले बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना संगम में स्नान किए वापस चले गए। उन्हें रास्ते से ही वापस कर दिया गया। श्रद्धालुओं को खाने-पीने से लेकर हर तरह की असुविधा का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री जी कुंभ की घटना को चाहे जितना छिपा लें, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए सब लोग जान गए हैं कि श्रद्धालुओं के साथ किस तरह की घटना घटी है।

उन्होंने कहा कि लोग वस्त्र से नहीं विचार से योगी होते हैं। जो सच को छिपाए, वह योगी नहीं है। जो सत्य बोले, वही योगी होता है। सरकार और मुख्यमंत्री सच नहीं बोल रहे हैं। सत्य को छिपा रहे हैं। 100 करोड़ लोगों को स्नान कराने का दावा करने वाली सरकार कुछ करोड़ लोगों को स्नान नहीं करा पा रही है। महाकुंभ में हर तरह की अव्यवस्था रही। सनातन परंपरा के अनुसार महाकुंभ में साधु, संत, धर्माचार्य और शंकराचार्य का स्नान मुहूर्त के अनुसार होता है। मुख्यमंत्री ने सभी को गुमराह करके सनातन परंपरा को तोड़ने का काम किया।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it