10 सीटों पर उपचुनाव से पहले यूपी में फिर सुलग रही हिंदू-मुस्लिम की आग, राजनीतिक दलों के लिए बन सकता है ब्रह्मास्त्र
उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। इसको लेकर सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। एक तरफ भाजपा दावा कर रही है कि 10 की 10 सीटों पर पार्टी यहां जीत हासिल करेगी

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। इसको लेकर सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। एक तरफ भाजपा दावा कर रही है कि 10 की 10 सीटों पर पार्टी यहां जीत हासिल करेगी।
वहीं, समाजवादी पार्टी की तरफ से इन 10 सीटों में से 6 के लिए उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। हरियाणा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस की किरकिरी के बाद अब सपा, कांग्रेस से बातचीत करने के मूड में नजर नहीं आ रही है और उसको दरकिनार कर सपा ने यह फैसला ले लिया है।
वहीं, यूपी में इन 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले प्रदेश का माहौल भी गरमा गया है। दरअसल, गाजियाबाद स्थित डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के विवादास्पद बयान को लेकर एक तरफ मुस्लिम संगठन जगह-जगह धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर हिंदू संगठन गाजियाबाद में महापंचायत करने का ऐलान कर चुके हैं।
हिंदू संगठन की तरफ से डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद के समर्थन में 13 अक्टूबर को गाजियाबाद स्थित कलेक्ट्रेट पर महापंचायत करने का ऐलान किया गया है। मामले में हुआ ये था कि यति नरसिंहानंद के द्वारा दिए गए बयान के बाद उग्र भीड़ ने डासना देवी मंदिर पहुंचकर मंदिर पर हमला कर दिया था। लेकिन, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उग्र भीड़ को काबू में कर लिया।
इसके बाद पुलिस ने मंदिर की सुरक्षा के लिए कैंप बना दिया। ऐसे में हिंदू संगठन ने मंदिर पर हमला करने वाले हमलावरों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है। उनके गिरफ्तार न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
यति नरसिंहानंद के समर्थन में होने वाली महापंचायत में हिंदू रक्षा दल, शिवसेना (यूबीटी), गोरक्षा दल, बजरंग दल, हिंदू युवा वाहिनी और संत समाज से जुड़े लोगों ने शामिल होने का ऐलान किया है।
यति नरसिंहानंद के विवादित बयान को लेकर यूपी के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन किए गए हैं और कई जगहों पर पुलिस को लाठियां भांजकर भीड़ को खदेड़ना पड़ा है। अभी भी कई जगहों पर धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं।
ऐसे में हिंदू संगठनों द्वारा महापंचायत के ऐलान के बाद पुलिस ने पूरे गाजियाबाद जिले में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है और कहा है कि इस महापंचायत के लिए अनुमति नहीं दी गई है।
ऐसे में अब जानकार बताने लगे हैं कि यूपी में फिर से हिंदू-मुस्लिम राजनीति की आग सुलग रही है। यति नरसिंहानंद के बयानों का जहां सपा के नेता विरोध कर रहे हैं, वहीं भाजपा के लोनी से विधायक नंदकिशोर गुर्जर डासना मंदिर पर हुए हमले के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठे हैं।
ऐसे में यूपी में 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में यह फैक्टर राजनीतिक दलों के लिए ब्रह्मास्त्र बन सकता है। वहां के उपचुनाव में इस मुद्दे को सभी राजनीतिक दल जरूर भुनाएंगे क्योंकि प्रदेश का सियासी तापमान इस मुद्दे को लेकर अभी से चढ़ गया है।


