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T20 World Cup :अभिषेक शर्मा की अर्धशतकीय पारी पर सुनील गावस्कर की सराहना, कहा- आलोचकों को करारा जवाब दिया

सुनील गावस्कर ने बातचीत में कहा, “हम जानते हैं कि अभिषेक कितने अच्छे बल्लेबाज हैं। जिंबाब्वे के खिलाफ 55 रन की इस पारी से उन्होंने अपने आलोचकों को चुप करा दिया।” गावस्कर के अनुसार, यह पारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसमें परिपक्वता और समझदारी भी झलक रही थी।

T20 World Cup :अभिषेक शर्मा की अर्धशतकीय पारी पर सुनील गावस्कर की सराहना, कहा- आलोचकों को करारा जवाब दिया
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नई दिल्ली : T20 World Cup 2026: टी20 विश्व कप में उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बाद युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने जिंबाब्वे के खिलाफ शानदार अर्धशतक जड़कर जोरदार वापसी की। भारत के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने इस पारी की जमकर सराहना की है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक को रक्षात्मक शॉट खेलते देख उन्हें हैरानी हुई, क्योंकि आम तौर पर वह आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। जिंबाब्वे के खिलाफ मुकाबले में भारत ने 72 रन से जीत दर्ज की। इस जीत में अभिषेक की 30 गेंदों पर 55 रन की पारी निर्णायक साबित हुई। टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में संघर्ष कर रहे इस युवा बल्लेबाज के लिए यह पारी आत्मविश्वास बहाल करने वाली रही।

शुरुआती संघर्ष के बाद दमदार वापसी

अभिषेक शर्मा इस विश्व कप में शुरुआत से लय में नजर नहीं आए थे। वह टूर्नामेंट के दौरान अस्वस्थ भी रहे और तीन मैचों में खाता तक नहीं खोल सके। लगातार नाकामी के चलते आलोचकों ने उनके चयन और फॉर्म पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। ऐसे में जिंबाब्वे के खिलाफ उनकी पारी ने न सिर्फ टीम प्रबंधन को राहत दी, बल्कि आलोचनाओं का भी करारा जवाब दिया। सुनील गावस्कर ने जियो स्टार से बातचीत में कहा, “हम जानते हैं कि अभिषेक कितने अच्छे बल्लेबाज हैं। जिंबाब्वे के खिलाफ 55 रन की इस पारी से उन्होंने अपने आलोचकों को चुप करा दिया।” गावस्कर के अनुसार, यह पारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसमें परिपक्वता और समझदारी भी झलक रही थी।

रक्षात्मक अंदाज ने चौंकाया

अभिषेक को आमतौर पर विस्फोटक बल्लेबाज के रूप में देखा जाता है, जो पावरप्ले में गेंदबाजों पर हावी होने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन जिंबाब्वे के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी में एक अलग ही संयम देखने को मिला। गावस्कर ने कहा, “उन्होंने अपना स्वाभाविक खेल खेलने से पहले थोड़ा समय लिया। उनकी बल्लेबाजी में एक तरीका था। उन्होंने ऑफ स्पिनर का सम्मान किया, जोखिम भरे शॉट नहीं खेले और शांत व संयमित तरीके से बल्लेबाजी की।” पूर्व कप्तान ने यह भी स्वीकार किया कि अभिषेक को कुछ गेंदें रोकते और रक्षात्मक शॉट खेलते देख वह हैरान रह गए। “हम आमतौर पर अभिषेक को ऐसा करते नहीं देखते हैं। लेकिन इस मैच में उन्होंने वास्तव में रक्षात्मक शॉट खेले और परिस्थिति के अनुसार खुद को ढाला,” उन्होंने कहा।

सीखने का अवसर

गावस्कर ने अभिषेक के हालिया संघर्ष को उनके करियर का महत्वपूर्ण चरण बताया। उनका मानना है कि हर खिलाड़ी को ऐसे दौर से गुजरना पड़ता है, जब रन नहीं बनते। असली परीक्षा यह होती है कि खिलाड़ी उस दौर से कितना सीखता है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह उसके लिए सीखने का अच्छा मौका है। हर क्रिकेटर लगातार दो-तीन मैचों में रन न बना पाने के दौर से गुजरता है। बात सिर्फ इतनी है कि आप इससे कितना सीखते हैं।” गावस्कर को विश्वास है कि यह अनुभव अभिषेक के लिए भविष्य में फायदेमंद साबित होगा, खासकर कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले में।

दक्षिण अफ्रीका से मिली सीख

गावस्कर ने भारतीय टीम की रणनीतिक बदलावों पर भी टिप्पणी की। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ करारी हार के बाद टीम प्रबंधन ने शीर्ष क्रम में बदलाव करते हुए दाएं-बाएं हाथ के बल्लेबाजों का संतुलन सुनिश्चित करने के लिए संजू सैमसन को ऊपर भेजा। गावस्कर ने कहा, “कहते हैं कि जब तक कोई चीज खराब न हो, उसे ठीक करने की जरूरत नहीं होती। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत बुरी तरह हार गया था। इससे उन्हें एहसास हुआ कि शीर्ष क्रम में दाएं-बाएं हाथ के बल्लेबाजों का संयोजन जरूरी है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले मैच से सबक लेना बेहद महत्वपूर्ण था और टीम ने समय रहते अपनी रणनीति में सुधार किया।

कोलकाता में ‘नाकआउट’ जैसी टक्कर

भारत का अगला मुकाबला कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ है, जिसे गावस्कर ने ‘एक तरह का नाकआउट मैच’ बताया। उनका मानना है कि वेस्टइंडीज की टीम अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती है और भारतीय गेंदबाजों को सतर्क रहना होगा। उन्होंने कहा, “रविवार को कोलकाता में होने वाले मुकाबले में भारत को वेस्टइंडीज की आक्रामक बल्लेबाजी से सावधान रहना होगा। टी20 प्रारूप में मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदल सकता है।” वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी लाइन-अप लंबे शॉट खेलने और तेजी से रन बनाने के लिए मशहूर है। ऐसे में भारतीय टीम को न सिर्फ रणनीतिक रूप से तैयार रहना होगा, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत रहना पड़ेगा।

अभिषेक पर टिकी निगाहें

जिंबाब्वे के खिलाफ अर्धशतक के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अभिषेक शर्मा इस लय को बरकरार रख पाएंगे। कोलकाता की पिच पर उनके लिए नई चुनौती होगी, जहां परिस्थितियां अलग हो सकती हैं और विपक्षी टीम भी मजबूत है। गावस्कर का मानना है कि अभिषेक ने जो संयम और समझदारी दिखाई है, वह आगे भी उनके काम आएगी। यदि वह आक्रामकता और धैर्य के बीच संतुलन बना पाते हैं, तो भारत को शीर्ष क्रम में स्थिरता मिल सकती है।

अभिषेक के लिए अग्निपरीक्षा


टी20 विश्व कप जैसे बड़े मंच पर दबाव स्वाभाविक है, खासकर युवा खिलाड़ियों के लिए। अभिषेक शर्मा ने शुरुआती नाकामी के बाद जिस तरह वापसी की है, उसने उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाया है। सुनील गावस्कर की सराहना इस बात का संकेत है कि टीम के पूर्व दिग्गज भी उनकी प्रतिभा पर भरोसा रखते हैं। अब चुनौती इस फॉर्म को निरंतरता में बदलने की है। कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला न सिर्फ टीम इंडिया के लिए, बल्कि अभिषेक शर्मा के लिए भी अग्निपरीक्षा साबित हो सकता है।


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