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T20 World Cup 2026: हेटमायर और पावेल के तूफान में उड़ा जिंबाब्वे, वेस्टइंडीज ने जिंबाब्वे को 107 रन से हराया

वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मैच में वेस्टइंडीज ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और कुल 19 छक्के तथा 16 चौके जड़ते हुए विपक्षी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। टीम श्रीलंका के 2007 में केन्या के खिलाफ बनाए गए 260/6 के रिकॉर्ड से महज छह रन पीछे रह गई।

T20 World Cup 2026: हेटमायर और पावेल के तूफान में उड़ा जिंबाब्वे, वेस्टइंडीज ने जिंबाब्वे को 107 रन से हराया
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मुंबई। West Indies Vs Zimbabwe: शिमरोन हेटमायर और रोवमैन पावेल की विस्फोटक पारियों की बदौलत वेस्टइंडीज ने सोमवार को टी-20 विश्व कप के सुपर-8 मुकाबले में जिंबाब्वे को 107 रन से करारी शिकस्त दी। एकतरफा मुकाबले में कैरेबियाई टीम ने 20 ओवर में छह विकेट पर 254 रन बनाकर टूर्नामेंट के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में जिंबाब्वे की पूरी टीम 17.4 ओवर में 147 रन पर सिमट गई। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मैच में वेस्टइंडीज ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और कुल 19 छक्के तथा 16 चौके जड़ते हुए विपक्षी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। टीम श्रीलंका के 2007 में केन्या के खिलाफ बनाए गए 260/6 के रिकॉर्ड से महज छह रन पीछे रह गई।

सपाट पिच पर कैरेबियाई कहर

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज ने सपाट पिच का पूरा फायदा उठाया। शुरुआती झटकों के बावजूद मध्यक्रम में हेटमायर और कप्तान रोवमैन पावेल ने पारी को जिस अंदाज में आगे बढ़ाया, उसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। हेटमायर ने महज 34 गेंदों पर 85 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी में सात छक्के और सात चौके शामिल रहे। उन्होंने केवल 19 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर टूर्नामेंट में वेस्टइंडीज के लिए सबसे तेज फिफ्टी का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह इस विश्व कप में उनका दूसरा अर्धशतक भी रहा। दूसरी ओर, पावेल ने 35 गेंदों पर 59 रन की सधी और आक्रामक पारी खेली, जिसमें चार चौके और चार छक्के शामिल थे। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 52 गेंदों में 122 रन की साझेदारी हुई, जिसने जिंबाब्वे की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

कैच ड्रॉप पड़े भारी

जिंबाब्वे के लिए यह मुकाबला कई मायनों में निराशाजनक रहा। खासकर फील्डिंग में की गई गलतियां टीम पर भारी पड़ीं। तशिंगा मुसेकिवा ने हेटमायर के दो आसान कैच छोड़ दिए, जिसका खामियाजा टीम को बड़े स्कोर के रूप में भुगतना पड़ा। हेटमायर को मिले इन जीवनदानों ने उन्हें खुलकर खेलने का मौका दिया और उन्होंने गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। जिंबाब्वे के गेंदबाज लगातार सही लाइन-लेंथ तलाशते रहे, लेकिन आक्रामक बल्लेबाजी के सामने उनकी एक न चली।

अंतिम ओवरों में रन बरसे

पावेल और हेटमायर के आउट होने के बाद भी रनगति कम नहीं हुई। शेरफेन रदरफोर्ड ने नाबाद 31 रन बनाए, जबकि रोमारियो शेफर्ड (21) और जेसन होल्डर (13) ने भी तेजी से रन जोड़कर टीम को 250 के पार पहुंचाया। अंतिम पांच ओवरों में वेस्टइंडीज ने ताबड़तोड़ रन बटोरे और जिंबाब्वे के गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। निर्धारित 20 ओवरों में 254/6 का स्कोर खड़ा कर कैरेबियाई टीम ने सुपर-8 चरण में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी।

अकील हुसैन की घातक शुरुआत

विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिंबाब्वे की टीम शुरुआत से ही दबाव में आ गई। तीसरे ओवर में अकील हुसैन ने डबल-विकेट मेडन फेंककर मुकाबले को लगभग एकतरफा बना दिया। टूर्नामेंट में जिंबाब्वे के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज रहे ब्रायन बेनेट (5) हुसैन की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद रायन बर्ल (0) भी मिडविकेट पर कैच आउट हो गए। इस ओवर ने जिंबाब्वे की पारी की कमर तोड़ दी। ओपनर तदिवानाशे मारुमानी (14) मैथ्यू फोर्ड की गेंद पर हेटमायर को कैच दे बैठे। तीन ओवर में 20/3 का स्कोर जिंबाब्वे की मुश्किलें बढ़ाने के लिए काफी था।

मोती ने तोड़ी बची-खुची उम्मीद

मध्यक्रम में जिंबाब्वे ने थोड़ी प्रतिरोध की कोशिश की, लेकिन गुडाकेश मोती ने 11वें ओवर में लगातार दो गेंदों पर विकेट लेकर उनकी बची-खुची उम्मीदें भी समाप्त कर दीं। मोती ने 4/28 के आंकड़े के साथ शानदार गेंदबाजी की, जबकि अकील हुसैन ने 3/28 विकेट झटके। कैरेबियाई स्पिन आक्रमण के सामने जिंबाब्वे के बल्लेबाज टिक नहीं सके। हालांकि ब्रैड इवांस ने 21 गेंदों पर करियर की सर्वश्रेष्ठ 43 रन की पारी खेली। उन्होंने रिचर्ड नगारावा के साथ दसवें विकेट के लिए 44 रन की साझेदारी कर हार का अंतर कुछ कम किया, लेकिन जीत की संभावना पहले ही समाप्त हो चुकी थी।

वानखेड़े में लगातार पांचवीं जीत

इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने वानखेड़े स्टेडियम में टी-20 विश्व कप इतिहास में अपनी लगातार पांचवीं जीत दर्ज की। इस सिलसिले की शुरुआत 2016 के खिताबी अभियान से हुई थी। टीम का आत्मविश्वास इस जीत से और मजबूत हुआ है, खासकर बल्लेबाजी क्रम की गहराई और विस्फोटक क्षमता को देखते हुए। सुपर-8 चरण में नेट रन रेट की अहमियत को ध्यान में रखते हुए यह बड़ी जीत वेस्टइंडीज के लिए और भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

सुपर-8 में मजबूत दावेदारी

254 रन का स्कोर न केवल इस विश्व कप का, बल्कि टूर्नामेंट इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले 2007 में श्रीलंका ने केन्या के खिलाफ 260/6 का विशाल स्कोर बनाया था। वेस्टइंडीज की इस जीत ने अन्य टीमों के लिए चेतावनी का काम किया है कि कैरेबियाई बल्लेबाजी लाइनअप किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखता है।

अब सुपर-8 के आगामी मुकाबलों में नजरें इस बात पर होंगी कि क्या वेस्टइंडीज इसी आक्रामक अंदाज को बरकरार रख पाता है। फिलहाल, हेटमायर और पावेल की विस्फोटक पारियों ने टीम को शानदार जीत दिलाकर सेमीफाइनल की राह पर मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं।


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