इंग्लैंड टेस्ट टीम के कोच पद की दौड़ में राहुल द्रविड़, मैकुलम के बाद ECB तलाश रहा नया रणनीतिकार
रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड की घरेलू टेस्ट सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ 1-2 की हार के बाद बोर्ड ने बदलाव का फैसला लिया। मैकुलम का चार वर्षों का टेस्ट कोच के रूप में कार्यकाल समाप्त कर दिया गया। ECB का मानना है कि अगले वर्ष होने वाली प्रतिष्ठित एशेज सीरीज से पहले टीम को नई दिशा देने के लिए यह उपयुक्त समय है।

लंदन: England Test Coach: इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने टेस्ट टीम के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नए कोच की तलाश शुरू कर दी है। इसी बीच भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ का नाम प्रमुख दावेदारों में सामने आया है। ब्रिटिश अखबार द डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, द्रविड़ उन चुनिंदा उम्मीदवारों में शामिल हैं जिन पर ECB गंभीरता से विचार कर रहा है। अपनी शांत नेतृत्व शैली, तकनीकी समझ और युवा खिलाड़ियों को निखारने की क्षमता के कारण द्रविड़ को इस पद के लिए मजबूत विकल्प माना जा रहा है।
न्यूजीलैंड सीरीज के बाद लिया गया बड़ा फैसला
रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड की घरेलू टेस्ट सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ 1-2 की हार के बाद बोर्ड ने बदलाव का फैसला लिया। मैकुलम का चार वर्षों का टेस्ट कोच के रूप में कार्यकाल समाप्त कर दिया गया। ECB का मानना है कि अगले वर्ष होने वाली प्रतिष्ठित एशेज सीरीज से पहले टीम को नई दिशा देने के लिए यह उपयुक्त समय है। हालांकि मैकुलम को पूरी तरह अलग नहीं किया गया है। वह इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीमों—वनडे और टी-२० के मुख्य कोच बने रहेंगे।
द्रविड़ की उपलब्धियां बढ़ा रही दावेदारी
53 वर्षीय राहुल द्रविड़ का कोचिंग करियर हाल के वर्षों में बेहद सफल रहा है। उनके मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने 2024 टी-20 विश्व कप का खिताब जीता और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल तक भी पहुंची। इससे पहले वह भारत की अंडर-19 और 'ए' टीमों के साथ भी शानदार काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया। द्रविड़ की सबसे बड़ी ताकत उनकी रणनीतिक सोच, अनुशासित कार्यशैली और खिलाड़ियों के साथ संवाद स्थापित करने की क्षमता मानी जाती है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्हें आधुनिक दौर के सबसे सम्मानित कोचों में गिना जाता है।
पूर्णकालिक कोचिंग को लेकर संशय
हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राहुल द्रविड़ फिलहाल पूर्णकालिक कोचिंग भूमिका निभाने के इच्छुक नहीं हैं। माना जा रहा है कि वह अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताना चाहते हैं। इसके बावजूद इंग्लैंड के टेस्ट कोच का पद उनके लिए आकर्षक हो सकता है, क्योंकि इसमें केवल लाल गेंद के क्रिकेट पर ध्यान देना होगा और सालभर लगातार सभी प्रारूपों में टीम के साथ यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि द्रविड़ इस भूमिका को स्वीकार करते हैं तो उन्हें टेस्ट क्रिकेट के विकास में योगदान देने और इंग्लैंड जैसी बड़ी टीम के साथ काम करने का अवसर मिलेगा।
दौड़ में कई दिग्गज शामिल
ECB की संभावित सूची में केवल राहुल द्रविड़ ही नहीं, बल्कि कई अनुभवी अंतरराष्ट्रीय कोच और पूर्व खिलाड़ी भी शामिल हैं। इनमें इंग्लैंड के पूर्व मुख्य कोच एंडी फ्लावर, पूर्व स्पिनर रिचर्ड डॉसन, श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा, इंग्लैंड लायंस के कोच एंड्रयू फ्लिंटॉफ, पाकिस्तान के मुख्य कोच माइक हेसन और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच जस्टिन लैंगर जैसे बड़े नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इन सभी उम्मीदवारों के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और कोचिंग का समृद्ध अनुभव है, इसलिए ECB के सामने चयन की चुनौती भी कम नहीं होगी।
एशेज से पहले अहम नियुक्ति
इंग्लैंड के लिए अगले वर्ष होने वाली एशेज सीरीज सबसे बड़ी प्राथमिकता मानी जा रही है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस प्रतिष्ठित टेस्ट श्रृंखला से पहले टीम को मजबूत रणनीति, बेहतर टीम संयोजन और स्थिर नेतृत्व की जरूरत होगी। ऐसे में नया टेस्ट कोच केवल टीम के प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
क्या द्रविड़ होंगे इंग्लैंड के नए टेस्ट कोच?
फिलहाल ECB ने नए टेस्ट कोच के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है और न ही राहुल द्रविड़ की ओर से इस विषय पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आई है। इसलिए उनकी नियुक्ति को लेकर अभी केवल अटकलें और मीडिया रिपोर्टें ही उपलब्ध हैं। आने वाले दिनों में बोर्ड की चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कमान किस अनुभवी कोच को सौंपी जाती है। फिलहाल इतना तय है कि राहुल द्रविड़ का नाम इस दौड़ में शामिल होने से क्रिकेट जगत में इस संभावित नियुक्ति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


