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पाकिस्तान के गेंदबाज उस्मान तारिक का सामना करने के लिए अश्विन ने दी भारत के बल्लेबाजों को सलाह

अश्विन की यह टिप्पणी उस समय आई है जब 30 वर्षीय उस्मान तारिक अपनी ‘रुक-रुक कर’ गेंदबाजी शैली को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। रविवार को कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले में तारिक की भूमिका अहम मानी जा रही है।

पाकिस्तान के गेंदबाज उस्मान तारिक का सामना करने के लिए अश्विन ने दी भारत के बल्लेबाजों को सलाह
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नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित टी-20 विश्व कप मुकाबले से पहले दिग्गज भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने पाकिस्तानी ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक की अनूठी गेंदबाजी शैली को लेकर दिलचस्प सुझाव दिया है। अश्विन का कहना है कि अगर गेंदबाज गेंद फेंकने से पहले रुकता है, तो बल्लेबाज को क्रीज से हट जाने का पूरा अधिकार है। अश्विन की यह टिप्पणी उस समय आई है जब 30 वर्षीय उस्मान तारिक अपनी ‘रुक-रुक कर’ गेंदबाजी शैली को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। रविवार को कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले में तारिक की भूमिका अहम मानी जा रही है।

उस्मान तारिक का अनोखा एक्शन

उस्मान तारिक ने अब तक केवल चार टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, लेकिन अपने प्रभावशाली प्रदर्शन से उन्होंने खास पहचान बनाई है। प्रति ओवर छह रन से कम की इकॉनमी दर से 11 विकेट लेने वाले इस स्पिनर की गेंदबाजी शैली पारंपरिक ऑफ स्पिनरों से अलग है। तारिक गेंद फेंकने से पहले अपनी रन-अप के दौरान हल्का ठहराव लेते हैं, जिससे बल्लेबाज की टाइमिंग और रिदम प्रभावित हो सकती है। यही ‘पॉज’ या ठहराव उनकी गेंदबाजी को रहस्यमयी बनाता है। हालांकि, इसी शैली को लेकर क्रिकेट जगत में मतभेद भी देखने को मिले हैं। कुछ विशेषज्ञ इसे रणनीतिक विविधता मानते हैं, जबकि कुछ इसे नियमों की सीमा पर चलने वाला एक्शन बताते हैं।

अश्विन का व्यावहारिक सुझाव

रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि यदि गेंदबाज गेंद फेंकने से पहले रुक जाता है, तो बल्लेबाज क्रीज से हट सकता है। अश्विन ने कहा, “अगर गेंदबाज डिलीवरी से पहले थोड़ा रुकता है तो बल्लेबाज को दूर हटने का अधिकार है। वह कह सकता है कि उसे लगा कि गेंदबाज रुक गया है। ऐसे में अंपायर के लिए यह दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण स्थिति होगी।” उन्होंने आगे कहा, “अगर मैं बल्लेबाज होता तो मैं भी यही करता। मैं कहता कि मुझे नहीं पता कि वह गेंद कब छोड़ेगा, इसलिए मैं हट गया। अगर मैं हट जाता हूं तो यह अंपायर की जिम्मेदारी होगी।” अश्विन का मानना है कि मैच जीतने के लिए नियमों के दायरे में रहकर हर संभव रणनीति अपनाई जानी चाहिए।


अंपायरों के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति

अश्विन ने यह भी कहा कि अगर बल्लेबाज बार-बार इस तरह प्रतिक्रिया देते हैं तो इससे गेंदबाज पर मानसिक दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने कहा, “जरा सोचिए कि मैच के बीच में उस्मान तारिक पर कितना दबाव होगा अगर बल्लेबाज इस तरह हटने लगें। यह एक रोमांचक स्थिति होगी। वह उनकी टीम का तुरुप का इक्का है, लेकिन ऐसी प्रतिक्रिया उन्हें असहज कर सकती है।” इस तरह की स्थिति अंपायरों के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि उन्हें यह तय करना होगा कि गेंदबाज का ठहराव नियमों के भीतर है या नहीं और बल्लेबाज का हटना उचित है या समय की बर्बादी।

क्रिकेट जगत में बंटी राय

तारिक की गेंदबाजी शैली पर क्रिकेट विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने उनके गेंद फेंकने से पहले ठहरने की शैली को अवैध करार दिया था। उनके इस बयान के बाद से तारिक का एक्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, अश्विन पहले भी तारिक के समर्थन में बोल चुके हैं। उनका मानना है कि जब तक गेंदबाज नियमों के भीतर है, तब तक उसकी विविधता को खेल का हिस्सा माना जाना चाहिए। पाकिस्तान की टीम प्रबंधन ने भी तारिक का इस्तेमाल सीमित रूप से किया है, लेकिन जब भी उन्हें मौका मिला है, उन्होंने असर छोड़ा है।

प्रेमदासा की पिच पर स्पिन की भूमिका

कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम की पिच पारंपरिक रूप से स्पिनरों के अनुकूल मानी जाती है। धीमी और टर्न लेने वाली सतह पर ऑफ स्पिनरों की भूमिका निर्णायक हो सकती है। ऐसे में भारत के बल्लेबाजों को न केवल तारिक की गेंदबाजी शैली, बल्कि पिच की परिस्थितियों के अनुरूप भी खुद को ढालना होगा। अश्विन की सलाह इसी संदर्भ में रणनीतिक मानी जा रही है।

रणनीति बनाम नियमों की बहस

क्रिकेट में नवाचार और नियमों की व्याख्या हमेशा चर्चा का विषय रही है। ‘मांकडिंग’ से लेकर स्लो बाउंसर और राउंड द विकेट एंगल तक, कई रणनीतियां समय-समय पर विवाद का कारण बनी हैं। तारिक का ‘पॉज’ एक्शन भी इसी श्रेणी में आता है। सवाल यह है कि क्या यह बल्लेबाज को भ्रमित करने की वैध रणनीति है या खेल भावना के खिलाफ? अश्विन का दृष्टिकोण साफ है-जब तक नियमों का उल्लंघन नहीं हो रहा, तब तक रणनीति अपनाना खेल का हिस्सा है।

मुकाबले से पहले बढ़ा रोमांच

भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हमेशा हाई-वोल्टेज होता है। ऐसे में उस्मान तारिक जैसे गेंदबाज और अश्विन जैसी रणनीतिक सोच इस मैच को और दिलचस्प बना रहे हैं। अब देखना यह होगा कि भारतीय बल्लेबाज अश्विन की सलाह पर अमल करते हैं या पारंपरिक तरीके से तारिक का सामना करते हैं। एक बात तय है कि प्रेमदासा में होने वाला यह मुकाबला सिर्फ बल्ले और गेंद का नहीं, बल्कि रणनीति और मानसिक खेल का भी होगा।


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