Top
Begin typing your search above and press return to search.

केएल राहुल का बड़ा बयान: ‘संन्यास कोई मुश्किल फैसला नहीं, जब समय आएगा तो देर नहीं करूंगा’

यह बातचीत केविन पीटरसन के यूट्यूब चैनल पर हुई, जहां राहुल ने न सिर्फ अपने क्रिकेट करियर बल्कि निजी जीवन, सोच और प्राथमिकताओं पर भी खुलकर बात की। उनके इस बयान को भारतीय क्रिकेट में एक परिपक्व और संतुलित सोच के रूप में देखा जा रहा है।

केएल राहुल का बड़ा बयान: ‘संन्यास कोई मुश्किल फैसला नहीं, जब समय आएगा तो देर नहीं करूंगा’
X

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल ने अपने करियर और भविष्य को लेकर बेहद स्पष्ट और आत्ममंथन से भरी बातें कही हैं। राहुल ने स्वीकार किया है कि उनके मन में संन्यास लेने का विचार आया है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल वह इससे कुछ दूर हैं। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन के साथ बातचीत में राहुल ने कहा कि जब सही समय आएगा, तब वह संन्यास के फैसले को टालेंगे नहीं, क्योंकि क्रिकेट के बाहर भी जीवन है।

यह बातचीत केविन पीटरसन के यूट्यूब चैनल पर हुई, जहां राहुल ने न सिर्फ अपने क्रिकेट करियर बल्कि निजी जीवन, सोच और प्राथमिकताओं पर भी खुलकर बात की। उनके इस बयान को भारतीय क्रिकेट में एक परिपक्व और संतुलित सोच के रूप में देखा जा रहा है।

‘मैंने संन्यास के बारे में सोचा है’

केएल राहुल ने बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने संन्यास को लेकर गंभीरता से विचार किया है और यह उनके लिए कोई असहज या डरावना विषय नहीं है। राहुल ने कहा, “मैंने इसके बारे में सोचा है। मुझे नहीं लगता कि यह इतना मुश्किल होगा। अगर आप खुद के प्रति ईमानदार हैं, तो जब समय आएगा तब इसे टालने का कोई मतलब नहीं होगा। निश्चित तौर पर अभी इसमें कुछ समय लगेगा।” उनके इस बयान से साफ झलकता है कि राहुल अपने करियर को लेकर यथार्थवादी हैं और भावनात्मक फैसलों के बजाय सही समय पर सही कदम उठाने में विश्वास रखते हैं।

‘मैं खुद को सुपरस्टार नहीं मानता’

राहुल ने बातचीत में यह भी कहा कि वह खुद को किसी तरह का सुपरस्टार या बेहद महत्वपूर्ण व्यक्ति नहीं मानते। उनके मुताबिक, यही सोच उन्हें भविष्य में संन्यास जैसे बड़े फैसले को आसानी से लेने में मदद करेगी। उन्होंने कहा, “मैं खुद को बहुत महत्वपूर्ण नहीं मानता। बस चुपचाप खेलना छोड़ दो। जो कुछ तुम्हारे पास है, उसका आनंद लो। तुम्हारा परिवार भी है, इसलिए बस वही करो जो तुम्हें अच्छा लगे।” राहुल के इस बयान में भारतीय क्रिकेटरों पर लगने वाले ‘स्टारडम’ के दबाव से अलग एक सादगी भरी सोच दिखाई देती है। उनका मानना है कि खुद को जरूरत से ज्यादा अहम समझना ही अक्सर फैसलों को कठिन बना देता है।

परिवार और निजी जीवन की अहमियत

केएल राहुल ने साफ तौर पर कहा कि क्रिकेट भले ही उनके जीवन का बड़ा हिस्सा हो, लेकिन यह सब कुछ नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिवार और निजी जीवन की अहमियत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “जीवन में और भी महत्वपूर्ण चीजें हैं। हमारे देश में क्रिकेट चलता रहेगा, दुनिया भर में क्रिकेट चलता रहेगा। लेकिन जीवन में क्रिकेट के अलावा भी बहुत कुछ है।” यह बयान ऐसे दौर में आया है, जब कई खिलाड़ी लगातार खेलने, प्रदर्शन के दबाव और आलोचनाओं के बीच मानसिक थकान का सामना कर रहे हैं।

पिता बनने के बाद बदला नजरिया

राहुल ने बातचीत में यह भी स्वीकार किया कि पिता बनने के बाद उनके जीवन और सोच में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें क्रिकेट और जीवन को एक नए नजरिये से देखने की सीख दी है। राहुल के शब्दों में, “यह सोच मेरी हमेशा से रही है, लेकिन जब से मैं पिता बना हूं तब से जीवन के प्रति मेरा नजरिया पूरी तरह बदल गया है। अब चीजों को अलग तरह से देखता हूं।” उन्होंने इशारों में यह भी बताया कि अब फैसले सिर्फ अपने करियर के लिए नहीं, बल्कि परिवार और भविष्य को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं।

संन्यास को लेकर व्यावहारिक सोच

केएल राहुल का मानना है कि संन्यास का फैसला तब मुश्किल हो जाता है, जब खिलाड़ी खुद से ईमानदार नहीं होता या फिर खुद को जरूरत से ज्यादा बड़ा मानने लगता है। उन्होंने कहा कि अगर खिलाड़ी यह स्वीकार कर ले कि क्रिकेट उसके जीवन का एक हिस्सा है, पूरा जीवन नहीं, तो ऐसे फैसले आसान हो जाते हैं। उनके इस बयान को क्रिकेट विशेषज्ञ एक परिपक्व खिलाड़ी की सोच के रूप में देख रहे हैं, जो करियर की अनिश्चितता और जीवन की वास्तविकताओं दोनों को समझता है।

भारतीय क्रिकेट के संदर्भ में राहुल की बातों का महत्व

भारत जैसे क्रिकेट-दीवाने देश में, जहां खिलाड़ी अक्सर भगवान की तरह पूजे जाते हैं, केएल राहुल का यह बयान अलग पहचान बनाता है। आमतौर पर खिलाड़ी संन्यास जैसे मुद्दों पर खुलकर बात करने से बचते हैं, लेकिन राहुल ने बिना किसी झिझक के अपनी सोच सामने रखी। यह बयान खास तौर पर युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक संदेश है कि क्रिकेट के साथ-साथ जीवन के अन्य पहलुओं को भी बराबर महत्व देना जरूरी है।

फिलहाल संन्यास दूर, लेकिन सोच स्पष्ट

हालांकि केएल राहुल ने यह साफ कर दिया है कि फिलहाल उनके संन्यास लेने का कोई तत्काल इरादा नहीं है। उन्होंने माना कि अभी उनके पास खेलने के लिए समय है और वह इस समय का पूरा आनंद लेना चाहते हैं। लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट है कि जब उन्हें लगेगा कि अब समय आ गया है, तो वह बिना किसी हिचकिचाहट के आगे बढ़ जाएंगे।

सोच की गहराई

केएल राहुल का यह बयान सिर्फ संन्यास को लेकर नहीं है, बल्कि यह जीवन, प्राथमिकताओं और संतुलन की बात करता है। एक सफल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर होने के बावजूद खुद को ‘बहुत महत्वपूर्ण नहीं’ मानना और क्रिकेट से आगे की जिंदगी को स्वीकार करना उनकी सोच की गहराई को दर्शाता है। उनकी यह साफगोई भारतीय क्रिकेट में एक सकारात्मक उदाहरण के तौर पर देखी जा रही है, जहां करियर के शिखर पर रहते हुए भी जमीन से जुड़े रहना और सही समय पर सही फैसला लेने की समझ सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it