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KKR vs SRH: 200+ रन भी नहीं बचा पाए, अब गेंदबाजों की अग्निपरीक्षा; ईडन गार्डन्स में पहली जीत की जंग

मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिए जाने व हर्षित राणा व मथिशा पथिराना के चोटिल होने से कोलकाता की तेज गेंदबाजी के कमजोर होने की जो बात कही जा रही थी, वह पहले मैच में सही साबित हुई है।

KKR vs SRH: 200+ रन भी नहीं बचा पाए, अब गेंदबाजों की अग्निपरीक्षा; ईडन गार्डन्स में पहली जीत की जंग
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कोलकाता। आईपीएल के मौजूदा सीजन में एक दिलचस्प समानता देखने को मिली है—दो टीमें, दमदार शुरुआत और एक जैसा निराशाजनक अंजाम। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) दोनों ने अपने-अपने पहले मुकाबले में 200 से अधिक रन बनाए, लेकिन इसके बावजूद जीत हासिल नहीं कर सके। अब ये दोनों टीमें गुरुवार को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स स्टेडियम में आमने-सामने होंगी, जहां उनका लक्ष्य सीजन की पहली जीत दर्ज करना होगा।

200+ स्कोर भी नहीं बचा पाए सम्मान

सीजन के शुरुआती मुकाबले में हैदराबाद ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 200 से ज्यादा रन बनाए, लेकिन बेंगलुरु ने इस लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लिया। इसी तरह कोलकाता ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 200+ स्कोर खड़ा किया, मगर मुंबई ने भी चार विकेट खोकर लक्ष्य पा लिया। इन दोनों मैचों ने यह साफ कर दिया कि टी-20 क्रिकेट में सिर्फ बड़ा स्कोर बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे बचाने के लिए गेंदबाजी भी उतनी ही मजबूत होनी चाहिए।

गेंदबाजी बनी दोनों टीमों की सबसे बड़ी कमजोरी

दोनों टीमों की हार के पीछे सबसे बड़ा कारण उनकी कमजोर गेंदबाजी रही। कोलकाता की तेज गेंदबाजी पहले से ही सवालों के घेरे में थी, जो पहले मैच में सही साबित हुई। मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने और हर्षित राणा व मथीशा पथिराना के चोटिल होने से टीम की पेस अटैक कमजोर नजर आई। जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजारबानी, जिन्होंने हालिया टी-20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया था, उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। वहीं वैभव अरोड़ा और कार्तिक त्यागी भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। टीम के अनुभवी स्पिनर सुनील नारायण और वरुण चक्रवर्ती भी विकेट निकालने में संघर्ष करते दिखे।
हैदराबाद की स्थिति भी कुछ अलग नहीं रही। जयदेव उनादकट, हर्षल पटेल, एहसान मलिंगा और हर्ष दुबे जैसे गेंदबाज 200+ स्कोर का बचाव नहीं कर पाए। डेविड पेन ने दो विकेट जरूर लिए, लेकिन वह टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं था।

बल्लेबाजों का स्वर्ग या गेंदबाजों की परीक्षा?

ईडन गार्डन्स की पिच पारंपरिक रूप से बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है, जहां बड़े स्कोर आम बात है। ऐसे में दोनों टीमों के गेंदबाजों के सामने एक बड़ी चुनौती होगी कि वे विपक्षी बल्लेबाजों को कैसे रोकते हैं। यह मुकाबला गेंदबाजों के लिए अग्निपरीक्षा जैसा होगा, जहां थोड़ी सी भी चूक मैच का रुख बदल सकती है।

बल्लेबाजी: दोनों टीमों की ताकत

जहां गेंदबाजी चिंता का विषय है, वहीं बल्लेबाजी दोनों टीमों की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। कोलकाता के लिए कप्तान अजिंक्य रहाणे और एलेन फिन ने शानदार शुरुआत दी। पिछले कुछ सीजन से ओपनिंग की समस्या से जूझ रही टीम को इस जोड़ी से उम्मीदें बढ़ गई हैं। विकेटकीपर के रूप में नई भूमिका निभा रहे अंगकृष रघुवंशी ने भी अर्धशतक लगाकर अपनी उपयोगिता साबित की। रिंकू सिंह अच्छी लय में नजर आए, हालांकि उन्हें अपने स्ट्राइक रेट में और सुधार करना होगा। कैमरन ग्रीन से भी टीम को बड़ी पारी की उम्मीद होगी, जो पहले मैच में कुछ खास नहीं कर सके थे।

हैदराबाद की बल्लेबाजी भी कम नहीं

सनराइजर्स हैदराबाद की बल्लेबाजी भी उतनी ही खतरनाक है। नियमित कप्तान पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में टीम की कमान संभाल रहे इशान किशन ने पहले मैच में 80 रनों की शानदार पारी खेली और अपनी फॉर्म का संकेत दिया। हालांकि ट्रेविस हेड और अभिषेक शर्मा पहले मैच में नहीं चल पाए, लेकिन उनकी क्षमता को देखते हुए ईडन गार्डन्स में उनसे बड़ी पारी की उम्मीद की जा सकती है। मध्यक्रम में हेनरिक क्लासेन और नीतीश कुमार रेड्डी की मौजूदगी टीम को और मजबूत बनाती है।

हेड-टू-हेड में KKR का पलड़ा भारी

आईपीएल इतिहास में कोलकाता और हैदराबाद के बीच अब तक कुल 30 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें कोलकाता ने 20 मैच जीते हैं, जबकि हैदराबाद को 10 बार सफलता मिली है। आंकड़े कोलकाता के पक्ष में जरूर हैं, लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखते हुए मुकाबला बराबरी का नजर आता है।

क्या बदलेगी रणनीति?

दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला सिर्फ जीत का नहीं, बल्कि अपनी कमजोरियों को सुधारने का भी मौका है। खासतौर पर गेंदबाजी में बदलाव और बेहतर रणनीति की जरूरत होगी। कप्तानों को डेथ ओवर्स में गेंदबाजों का सही इस्तेमाल करना होगा और फील्डिंग में भी सुधार करना होगा, क्योंकि टी-20 जैसे फॉर्मेट में छोटी-छोटी गलतियां भारी पड़ सकती हैं।

सनराइजर्स हैदराबाद की टीम

इशान किशन (कप्तान), ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, अनिकेत वर्मा, आर. स्मरण, हेनरिक क्लासेन, नितीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, कामिंदु मेंडिस, हर्षल पटेल, ब्रायडन कार्से, जयदेव उनादकट, इशान मलिंगा, जीशान अंसारी, लियाम लिविंगस्टोन, शिवम मावी, सलिल अरोड़ा, शिवांग कुमार, ओंकार टारमाले, क्रेन्स फुलेट्रा, प्रफुल्ल हिंगे, अमित कुमार, साकिब हुसैन, जैक एडवर्ड्स और पैट कमिंस।

कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम

अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह (उप-कप्तान), फिन एलन, तेजस्वी दहिया, मनीष पांडे, रोवमैन पावेल, अंगकृष रघुवंशी, रमनदीप सिंह, सार्थक रंजन, टिम साइफर्ट, राहुल त्रिपाठी, दक्ष कामरा, कैमरन ग्रीन, सुनील नारायण, रचिन रवींद्र, वरुण चक्रवर्ती, अनुकूल राय, वैभव अरोड़ा, सौरभ दुबे, कार्तिक त्यागी, ब्लेसिंग मुजराबानी, नवदीप सैनी, प्रशांत सोलंकी और उमरान मलिक।


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