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यह 'करो या मरो' वाला मुकाबला था, जिसमें लड़कों ने जबरदस्त जज्बा दिखाया: सूर्यकुमार यादव

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 'सुपर-8' मैच में रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 विकेट से जीत दर्ज करते हुए भारत ने सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया। जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इसे 'करो या मरो' वाला मुकाबला बताते हुए कहा कि इसमें भारतीय खिलाड़ियों ने जबरदस्त जज्बा दिखाया है।

यह करो या मरो वाला मुकाबला था, जिसमें लड़कों ने जबरदस्त जज्बा दिखाया: सूर्यकुमार यादव
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कोलकाता। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 'सुपर-8' मैच में रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 विकेट से जीत दर्ज करते हुए भारत ने सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया। जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इसे 'करो या मरो' वाला मुकाबला बताते हुए कहा कि इसमें भारतीय खिलाड़ियों ने जबरदस्त जज्बा दिखाया है।

भारतीय कप्तान ने सेमीफाइनल में पहुंचने पर खुशी जताते हुए कहा, "यह एक शानदार एहसास है। यह 'करो या मरो' वाला मुकाबला था, जिसमें लड़कों ने जबरदस्त जज्बा दिखाया।"

संजू सैमसन नामीबिया के खिलाफ 22 रन, जबकि जिम्बाब्वे के विरुद्ध 24 रन बना सके थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ निर्णायक मुकाबले में 50 बॉल खेलते हुए 4 छक्कों और 12 चौकों के साथ 97 रन की नाबाद पारी खेली।

संजू सैमसन की पारी पर सूर्यकुमार ने टिप्पणी की, "मैं हमेशा कहता हूं, अच्छी चीजें उन अच्छे लोगों के साथ होती हैं जो इंतजार करते हैं, जिनमें धैर्य होता है। जब उन्हें मौके नहीं मिल रहे थे, तब पर्दे के पीछे संजू ने जो मेहनत की, उसका फल उन्हें बिल्कुल सही समय पर मिला।"

वेस्टइंडीज की पारी के बाद की सोच पर सूर्या ने कहा, "मुझे लगा कि सभी गेंदबाजों ने योजना के मुताबिक बॉलिंग की। हमें पता था कि यहां ओस के साथ 200 का स्कोर चेज किया जा सकता है, क्योंकि गेंद अच्छे से बल्ले पर आ रही थी। बाद में बल्लेबाजों ने छोटी-छोटी साझेदारियां कीं और वही जीत की कुंजी रही।"

सेमीफाइनल में पहुंचने पर भारतीय कप्तान ने कहा, "वहां पहुंचकर बहुत खुशी है। जिस तरह से हमने पहला मैच खेला, हमें लगता है कि हम इस जगह के हकदार हैं।"

पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने 4 विकेट खोकर 195 रन बनाए। इसके जवाब में भारत ने 41 के स्कोर तक अपने 2 विकेट खोने के बावजूद जीत दर्ज की।

दबाव को लेकर सूर्यकुमार ने साफ कहा, "उम्मीदें हमेशा रहेंगी, लेकिन मैदान पर आपको पता होना चाहिए कि आपको क्या करना है। मैंने लड़कों से कहा कि दबाव होगा, लोगों की उम्मीदें होंगी, लेकिन ऐसे मुकाबलों में साहस दिखाना और दबाव में भी सकारात्मक फैसले लेना जरूरी है। बिना दबाव के कोई मजा नहीं है, दबाव होता है, पेट में तितलियां उड़ती हैं, लेकिन असली बात यह है कि आप उसे कैसे समझते हैं और कैसे संभालते हैं।"


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