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IPL 2026 विवाद: कैमरन ग्रीन के गेंदबाजी न करने पर बवाल, अंबाती रायुडू ने जताई नाराजगी

अंबाती रायुडू ने कैमरन ग्रीन के गेंदबाजी नहीं करने के फैसले को “बिल्कुल बेतुका” बताया। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी किसी टूर्नामेंट में खेलने आता है, तो उस पर इस तरह की पाबंदियां लगाना पेशेवर खेल भावना के खिलाफ है।

IPL 2026 विवाद: कैमरन ग्रीन के गेंदबाजी न करने पर बवाल, अंबाती रायुडू ने जताई नाराजगी
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नई दिल्ली : आईपीएल 2026 के शुरुआती मुकाबलों में ही एक बड़ा विवाद सामने आ गया है। ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन के गेंदबाजी नहीं करने को लेकर क्रिकेट जगत में बहस छिड़ गई है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए मैच में ग्रीन ने केवल बल्लेबाजी की, लेकिन गेंदबाजी नहीं की। इस फैसले पर पूर्व भारतीय बल्लेबाज अंबाती रायुडू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यह मुद्दा अब केवल एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विदेशी क्रिकेट बोर्ड्स द्वारा खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में उनके हस्तक्षेप पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

रायुडू का तीखा बयान

अंबाती रायुडू ने कैमरन ग्रीन के गेंदबाजी नहीं करने के फैसले को “बिल्कुल बेतुका” बताया। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी किसी टूर्नामेंट में खेलने आता है, तो उस पर इस तरह की पाबंदियां लगाना पेशेवर खेल भावना के खिलाफ है। रायुडू ने तंज कसते हुए कहा, “क्या वह कवर ड्राइव भी नहीं खेलेगा क्योंकि उसमें भी चोट लग सकती है?” उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ी खुद सबसे बेहतर जज होता है कि वह क्या कर सकता है और क्या नहीं। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा, “मेरी मां हमेशा चाहती थीं कि मैं हेलमेट पहनूं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह कॉन्ट्रैक्ट साइन करके कहें कि मेरा बेटा नहीं खेलेगा।”

पीयूष चावला ने भी उठाए सवाल

पूर्व भारतीय स्पिनर पीयूष चावला ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऑलराउंडर किसी अन्य लीग, जैसे बिग बैश लीग में जाकर यह कहे कि वह बल्लेबाजी या दौड़ नहीं सकता, तो क्या उसे प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी? चावला के मुताबिक, इस तरह की सीमाएं टीम संतुलन को प्रभावित करती हैं और फ्रेंचाइजी के लिए मुश्किलें खड़ी करती हैं।

कप्तान रहाणे और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का जवाब

इस विवाद पर जब कोलकाता के कप्तान अजिंक्य रहाणे से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि ग्रीन के गेंदबाजी नहीं करने के पीछे की वजह क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ही बेहतर बता सकता है। इसके बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की ओर से सफाई दी गई। बोर्ड ने कहा कि कैमरन ग्रीन को कमर में चोट है और वह फिलहाल गेंदबाजी करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्हें पूरी तरह फिट होने में करीब 10-12 दिन का समय लग सकता है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि KKR प्रबंधन को ग्रीन की फिटनेस और सीमाओं के बारे में पहले से पूरी जानकारी थी।

चोट और वर्कलोड मैनेजमेंट का इतिहास

कैमरन ग्रीन लंबे समय से गेंदबाजी को लेकर समस्याओं से जूझते रहे हैं। उन्होंने सितंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच गेंदबाजी नहीं की थी। इसके बाद फरवरी 2026 में ओमान के खिलाफ टी20 मैच में उन्होंने वापसी की, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में वह केवल 19 गेंद ही डाल सके। ऐसे में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया उनके वर्कलोड को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है, जिससे भविष्य में उनकी फिटनेस पर असर न पड़े।

नीलामी में बल्लेबाज के रूप में पंजीकरण

दिलचस्प बात यह है कि कैमरन ग्रीन ने आईपीएल मिनी नीलामी में खुद को ऑलराउंडर के बजाय बल्लेबाज के रूप में रजिस्टर कराया था। हालांकि, बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि यह उनके मैनेजर की गलती थी। इसके बावजूद, कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 25 करोड़ रुपये से अधिक की भारी रकम में खरीदा, मुख्य रूप से उनकी ऑलराउंड क्षमता को ध्यान में रखते हुए।

आकाश चोपड़ा का तंज

इस पूरे विवाद पर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने भी मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “अगर आप किसी ऑलराउंडर के लिए पैसे देते हैं और बदले में सिर्फ बल्लेबाज ही मिलता है, तो कम से कम रिफंड तो मिलना चाहिए।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है।

KKR की बढ़ती चिंताएं

कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए यह स्थिति और भी मुश्किल इसलिए हो गई है क्योंकि टीम पहले से ही गेंदबाजी विभाग में समस्याओं से जूझ रही है। तेज गेंदबाज हर्षित राणा और आकाश दीप चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। वहीं श्रीलंका के तेज गेंदबाज मथीशा पथिराणा भी पूरी तरह फिट नहीं हैं। ऐसे में ग्रीन का गेंदबाजी नहीं करना टीम के लिए बड़ा झटका साबित हो रहा है।

विदेशी बोर्ड का कितना दखल?

यह मामला अब एक बड़े सवाल को जन्म दे रहा है—क्या विदेशी क्रिकेट बोर्ड अपने खिलाड़ियों पर आईपीएल में जरूरत से ज्यादा नियंत्रण रख रहे हैं?

पहले भी पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे खिलाड़ियों की सीमित उपलब्धता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में फ्रेंचाइजी और बोर्ड के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए, यह आने वाले समय में एक अहम मुद्दा बन सकता है।

बड़ा विवाद बन गया

कैमरन ग्रीन के गेंदबाजी नहीं करने का मामला आईपीएल 2026 का पहला बड़ा विवाद बन गया है। जहां एक ओर खिलाड़ी की फिटनेस और वर्कलोड का ध्यान रखना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर फ्रेंचाइजी की अपेक्षाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। अब देखना होगा कि आने वाले मैचों में ग्रीन कब गेंदबाजी के लिए उपलब्ध होते हैं और यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है। फिलहाल, इस मुद्दे ने क्रिकेट जगत में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।


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