IPL 2026: नए कप्तान रियान पराग के नेतृत्व में राजस्थान रॉयल्स की नई शुरुआत, क्या लौटेगा 2008 वाला जादू?
राजस्थान रॉयल्स की बल्लेबाजी इस बार काफी मजबूत नजर आ रही है। टीम के पास यशस्वी जायसवाल जैसे भरोसेमंद ओपनर हैं, जिन्होंने पिछले सीजन में 559 रन बनाकर टीम के टॉप स्कोरर रहे थे।

जयपुर: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पहले ही संस्करण (2008) में खिताब जीतकर सनसनी मचाने वाली राजस्थान रॉयल्स (RR) पिछले 17 वर्षों से ट्रॉफी के इंतजार में है। इस दौरान टीम पांच बार प्लेऑफ में पहुंची और 2022 में फाइनल तक का सफर भी तय किया, लेकिन खिताब हाथ नहीं लग सका। अब IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स एक नई सोच और नए कप्तान रियान पराग के नेतृत्व में मैदान में उतर रही है। टीम की नजरें एक बार फिर इतिहास दोहराने पर टिकी हैं।
रियान पराग पर कप्तानी की बड़ी जिम्मेदारी
इस बार टीम की कमान युवा ऑलराउंडर रियान पराग के हाथों में है। 14 करोड़ रुपये में रिटेन किए गए पराग ने पिछले सीजन में शानदार प्रदर्शन करते हुए 393 रन बनाए थे और टीम के दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज रहे थे। उनकी केकेआर के खिलाफ 95 रन की पारी ने उनकी मैच जिताने की क्षमता को साबित किया था। हालांकि, कप्तानी का अनुभव सीमित है, लेकिन टीम प्रबंधन को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं।
मजबूत बल्लेबाजी, कई मैच विनर मौजूद
राजस्थान रॉयल्स की बल्लेबाजी इस बार काफी मजबूत नजर आ रही है। टीम के पास यशस्वी जायसवाल जैसे भरोसेमंद ओपनर हैं, जिन्होंने पिछले सीजन में 559 रन बनाकर टीम के टॉप स्कोरर रहे थे। इसके अलावा युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी पर भी सभी की नजरें होंगी। उन्होंने मात्र 14 साल की उम्र में IPL में डेब्यू कर 35 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया था। सात मैचों में 200+ स्ट्राइक रेट से 252 रन बनाकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। मिडिल ऑर्डर में विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल टीम की रीढ़ साबित हो सकते हैं। उन्होंने पिछले सीजन में 333 रन बनाए थे और संकट के समय टीम को संभाला था। इसके अलावा शिमरन हेटमायर, शुभम दुबे और अन्य बल्लेबाज टीम को गहराई प्रदान करते हैं।
संजू सैमसन की कमी पड़ेगी भारी
इस सीजन में राजस्थान के लिए सबसे बड़ी कमी संजू सैमसन की होगी, जो अब चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का हिस्सा बन चुके हैं। सैमसन लंबे समय तक टीम की बल्लेबाजी की धुरी रहे हैं। पिछले सीजन में उन्होंने 9 मैचों में 285 रन बनाए थे, लेकिन उनका अनुभव और मैच फिनिश करने की क्षमता आंकड़ों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण रही है। IPL करियर में 4700 से अधिक रन बना चुके सैमसन का जाना टीम के संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
गेंदबाजी में आर्चर पर सबसे ज्यादा भरोसा
गेंदबाजी विभाग में राजस्थान रॉयल्स की उम्मीदें जोफ्रा आर्चर पर टिकी होंगी। उन्होंने पिछले सीजन में 12 मैचों में 11 विकेट लिए थे और अपनी रफ्तार से विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान किया था। अनुभवी तेज गेंदबाज संदीप शर्मा भी टीम के लिए अहम भूमिका निभाएंगे, जिन्होंने पिछले सीजन में 10 मैचों में 9 विकेट चटकाए थे। इसके अलावा क्वेना मफाका, कुलदीप सेन और तुषार देशपांडे जैसे तेज गेंदबाज विकल्प के रूप में मौजूद हैं। स्पिन विभाग में रवि बिश्नोई टीम को मजबूती देंगे, जबकि रवींद्र जडेजा और सैम कुर्रन जैसे ऑलराउंडर टीम को अतिरिक्त संतुलन प्रदान करते हैं।
टीम संयोजन में संतुलन, लेकिन अनुभव की कमी
राजस्थान रॉयल्स की टीम संतुलित जरूर नजर आती है, लेकिन अनुभव की कमी कुछ मौकों पर टीम पर भारी पड़ सकती है। खासकर बड़े मैचों में युवा खिलाड़ियों पर दबाव बन सकता है। हालांकि, अगर टीम के युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के अनुसार प्रदर्शन करते हैं, तो यह टीम किसी भी बड़े प्रतिद्वंद्वी को चुनौती दे सकती है।
संभावनाएं और चुनौती दोनों मौजूद
RR के पास इस बार युवा ऊर्जा, आक्रामक बल्लेबाजी और संतुलित गेंदबाजी का अच्छा मिश्रण है। लेकिन कप्तानी में अनुभव की कमी और संजू सैमसन का जाना टीम के लिए चुनौती बना रहेगा। अगर रियान पराग कप्तान के रूप में खुद को साबित करते हैं और टीम के प्रमुख खिलाड़ी निरंतर प्रदर्शन करते हैं, तो राजस्थान रॉयल्स इस बार खिताब की प्रबल दावेदार बन सकती है।
क्या फिर लौटेगा ‘रॉयल्स’ का दौर?
राजस्थान रॉयल्स के लिए IPL 2026 सिर्फ एक और सीजन नहीं, बल्कि अपनी पहचान फिर से स्थापित करने का मौका है। 2008 में शेन वॉर्न की अगुआई में जिस तरह टीम ने इतिहास रचा था, वैसा ही कारनामा अब रियान पराग की कप्तानी में दोहराने की चुनौती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह युवा टीम अपने खिताबी सूखे को खत्म कर पाती है या फिर इंतजार और लंबा होता है।
राजस्थान रायल्स की टीम
रियान पराग (कप्तान), शुभम दुबे, वैभव सूर्यवंशी, डेवोन फरेरा, ध्रुव जुरैल, रवि सिंह, लुआन ड्रे, अमन पेररा, यशस्वी जायसवाल, शिमरन हेटमायर, रवींद्र जडेजा, सैम कुर्रन, एडम मिल्ने, कुलदीप सेन, क्वेना मफाका, जोफ्रा आर्चर, तुषार देश पांडे, नांद्रे बर्गर, बृजेश शर्मा, यश पुंजा, युशवीर सिंह, रवि बिश्नोई, विग्नेश पुथूर, संदीप शर्मा, सुशांत मिश्रा।


