Begin typing your search above and press return to search.
इमरान खान की सेहत पर बढ़ी वैश्विक चिंता, 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को लिखा संयुक्त पत्र
दुनिया के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को एक संयुक्त पत्र लिखकर इमरान खान को तत्काल और उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इस औपचारिक पत्र पर किसी भी पूर्व पाकिस्तानी कप्तान के हस्ताक्षर नहीं हैं।

इस्लामाबाद/नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान की बिगड़ती सेहत को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में चिंता गहराती जा रही है। 73 वर्षीय इमरान खान इस समय जेल में बंद हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर सामने आ रही खबरों ने दुनिया भर के क्रिकेट समुदाय को बेचैन कर दिया है। इसी बीच दुनिया के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को एक संयुक्त पत्र लिखकर इमरान खान को तत्काल और उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इस औपचारिक पत्र पर किसी भी पूर्व पाकिस्तानी कप्तान के हस्ताक्षर नहीं हैं।
किन-किन दिग्गजों ने किया समर्थन?
संयुक्त पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले 14 पूर्व कप्तानों में भारत के दो महान खिलाड़ी सुनील गावस्कर और कपिल देव का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। इनके अलावा ऑस्ट्रेलिया के ग्रेग चैपल, इयान चैपल, एलन बॉर्डर, किम ह्यूज और स्टीव वॉ, इंग्लैंड के माइकल एथरटन, नासिर हुसैन, माइकल ब्रियरली और डेविड गावर, वेस्टइंडीज के क्लाइव लॉयड, न्यूजीलैंड के जॉन राइट और ऑस्ट्रेलिया की पूर्व महिला कप्तान बेलिंडा क्लार्क ने भी इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। ये सभी खिलाड़ी अपने-अपने दौर के प्रतिष्ठित कप्तान रहे हैं और क्रिकेट जगत में उनका गहरा प्रभाव रहा है। ऐसे में उनका एकजुट होकर पाकिस्तान सरकार से अपील करना इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर बना देता है।
पत्र में क्या कहा गया?
पूर्व कप्तानों ने अपने संयुक्त पत्र में लिखा है कि वे इमरान खान की हिरासत और उनके साथ हो रहे व्यवहार को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। पत्र में कहा गया है: “हम, अपने-अपने देशों की राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के पूर्व कप्तान, इमरान खान की हिरासत की स्थिति और उनके साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर चिंतित हैं। इमरान खान विश्व क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडरों और प्रेरणादायक कप्तानों में से एक रहे हैं। उन्होंने 1992 विश्व कप में पाकिस्तान को ऐतिहासिक जीत दिलाई, जो खेल भावना और नेतृत्व का प्रतीक थी।”
पत्र में आगे कहा गया कि हालिया रिपोर्टों में उनकी सेहत को लेकर जो जानकारी सामने आई है विशेषकर दृष्टि कमजोर होने की खबर वह बेहद चिंताजनक है। पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार से आग्रह किया कि इमरान खान को तत्काल, पर्याप्त और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उनकी हिरासत की स्थिति मानवीय और गरिमापूर्ण हो। पूर्व खिलाड़ियों ने स्पष्ट किया कि यह अपील किसी भी कानूनी प्रक्रिया में हस्तक्षेप के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि मानवीय आधार पर की गई है।
सेहत को लेकर सामने आई चिंताजनक रिपोर्टें
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान खान की दाहिनी आंख की लगभग 85 प्रतिशत रोशनी जा चुकी है। उनके परिवार ने भी जेल में उनकी हालत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें नियमित रूप से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। दिसंबर 2025 में इमरान खान के बेटे सुलेमान ने दावा किया था कि उनके पिता को एक बेहद छोटी कोठरी में रखा गया है, जिसे ‘डेथ सेल’ कहा जाता है। हालांकि इन दावों पर पाकिस्तान प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार समेत कई मामलों में जांच शुरू हुई थी। दिसंबर 2025 में उन्हें 31 वर्ष की सजा सुनाई गई। उनके समर्थकों का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है, जबकि सरकार का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है।
पाकिस्तानी पूर्व कप्तानों की अनुपस्थिति पर सवाल
इस संयुक्त पत्र में एक भी पूर्व पाकिस्तानी कप्तान का नाम न होना चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि हाल ही में वसीम अकरम, वकार यूनिस और शाहिद अफरीदी जैसे पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर इमरान खान के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा की मांग की थी, लेकिन उन्होंने इस औपचारिक याचिका पर हस्ताक्षर नहीं किए। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के भीतर मौजूदा राजनीतिक माहौल और संवेदनशील परिस्थितियों के कारण कई पूर्व खिलाड़ी सार्वजनिक रूप से औपचारिक दस्तावेजों में शामिल होने से बच रहे हो सकते हैं। हालांकि इस बारे में किसी भी खिलाड़ी ने खुलकर टिप्पणी नहीं की है।
खेल भावना और मानवीय मूल्यों की अपील
पत्र के अंत में पूर्व कप्तानों ने लिखा है कि क्रिकेट हमेशा देशों के बीच एक सेतु का काम करता रहा है। मैदान पर प्रतिद्वंद्विता होती है, लेकिन सम्मान हमेशा बना रहता है। हमारी यह अपील खेल भावना और मानवीय मूल्यों के तहत है। इस अपील ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि वैश्विक भाईचारे और सम्मान का प्रतीक भी है। राजनीतिक मतभेदों और कानूनी प्रक्रियाओं से परे, खिलाड़ियों ने मानवीय आधार पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की मांग की है।
Next Story


