ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, ऑस्ट्रेलिया को तीन बार बनाया चैंपियन, जानें उनका करियर
मैक्सवेल ने कहा, "यह फैसला थोड़ा दुखद है, लेकिन कहीं न कहीं इसकी उम्मीद भी थी। मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ विक्टोरिया के लिए 50 ओवर और चार दिवसीय घरेलू क्रिकेट से भी संन्यास का एलान कर रहा हूं। रेड बॉल क्रिकेट को पूरी तरह छोड़ने का फैसला शायद किसी को चौंकाने वाला नहीं होगा।"

मेलबर्न: ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का एलान कर दिया है। इसके साथ ही उनके 14 साल से अधिक लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत हो गया। 38 वर्षीय मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए तीनों फॉर्मेट में कुल 286 मुकाबले खेले। इस दौरान उन्होंने 7226 रन बनाने के साथ 136 विकेट भी हासिल किए। 'द बिग शो' के नाम से मशहूर मैक्सवेल ऑस्ट्रेलिया की 2015 और 2023 वनडे विश्व कप विजेता टीमों के अहम सदस्य रहे। इसके अलावा वह 2021 में टी20 विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का भी हिस्सा थे। मैक्सवेल ने जून 2025 में वनडे क्रिकेट से संन्यास लिया था। अब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ घरेलू 50 ओवर और चार दिवसीय क्रिकेट से भी दूरी बनाने का फैसला किया है। हालांकि, वह बिग बैश लीग (BBL) में मेलबर्न स्टार्स के लिए खेलना जारी रखेंगे। फ्रेंचाइजी के साथ उनका अनुबंध 2027-28 सीजन के अंत तक है। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला इस साल फरवरी में ओमान के खिलाफ टी20 विश्व कप के ग्रुप चरण में था।
मैक्सवेल बोले- फैसला दुखद, लेकिन इसकी उम्मीद थी
मैक्सवेल ने 'द फाइनल वर्ड पॉडकास्ट' पर अपने संन्यास के फैसले के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उनके लिए भावनात्मक है, लेकिन कहीं न कहीं उन्हें इसकी उम्मीद भी थी। मैक्सवेल ने कहा, "यह फैसला थोड़ा दुखद है, लेकिन कहीं न कहीं इसकी उम्मीद भी थी। मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ विक्टोरिया के लिए 50 ओवर और चार दिवसीय घरेलू क्रिकेट से भी संन्यास का एलान कर रहा हूं। रेड बॉल क्रिकेट को पूरी तरह छोड़ने का फैसला शायद किसी को चौंकाने वाला नहीं होगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि संन्यास लेने के फैसले के पीछे टीम प्रबंधन का कोई दबाव नहीं था। मैक्सवेल के मुताबिक, टीम ने वापसी का विकल्प खुला रखा था और कुछ सीरीज में नए खिलाड़ियों को मौका देने की योजना बनाई थी। उन्होंने बांग्लादेश दौरे का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां नए खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया।
MCG में विदाई मैच खेलने की थी उम्मीद
मैक्सवेल को उम्मीद थी कि इंग्लैंड के खिलाफ आगामी व्हाइट-बॉल दौरे के दौरान मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर उन्हें विदाई मैच खेलने का अवसर मिलेगा। इस दौरे में मेलबर्न में एक टी20 मुकाबला होना है। हालांकि, उन्होंने अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का फैसला कर लिया है। मैक्सवेल ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में टी20 फॉर्मेट उनके लिए घर जैसा रहा है। इसलिए वह अपने घरेलू मैदान पर एक यादगार विदाई की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन अब उन्होंने बिग बैश लीग की तैयारी को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
घुटने की सर्जरी और रिहैब पर रहेगा ध्यान
मैक्सवेल ने बताया कि इंग्लैंड के खिलाफ मेलबर्न में होने वाले टी20 मैच में खेलने का विकल्प मौजूद था, लेकिन उन्होंने बीबीएल के लिए फिट होने पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया। इसके लिए वह घुटने की समस्या से उबरने की तैयारी कर रहे हैं। मैक्सवेल के मुताबिक, वह घुटने में इंजेक्शन लेने वाले थे और अब करीब आठ सप्ताह तक रिहैब करेंगे। उनका लक्ष्य बिग बैश लीग के आगामी सीजन के लिए पूरी तरह फिट होना है। मेलबर्न स्टार्स के साथ उनका लंबा अनुबंध भी उन्हें घरेलू टी20 क्रिकेट में आगे खेलने का अवसर देगा।
टी20 अंतरराष्ट्रीय में पांच शतक, रोहित शर्मा के साथ संयुक्त रिकॉर्ड
मैक्सवेल ने 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने इस फॉर्मेट में कुल 130 मुकाबले खेले और 2897 रन बनाए। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में ऑस्ट्रेलिया के लिए तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।
उनके नाम पांच शतक दर्ज हैं। इस उपलब्धि के साथ वह भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के साथ संयुक्त रूप से टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों में शामिल हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और उपयोगी गेंदबाजी के दम पर मैक्सवेल ने कई बार ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला।
अफगानिस्तान के खिलाफ 201 रन की पारी बनी करियर की पहचान
मैक्सवेल के करियर की सबसे यादगार पारियों में 2023 वनडे विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई नाबाद 201 रन की पारी शामिल है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया 292 रन के लक्ष्य का पीछा कर रहा था। टीम ने 91 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे और हार का खतरा मंडरा रहा था। ऐसे मुश्किल समय में मैक्सवेल ने शारीरिक परेशानी और ऐंठन के बावजूद 128 गेंदों पर नाबाद 201 रन बनाए। उनकी इस पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने तीन विकेट से जीत दर्ज की। इस प्रदर्शन को वनडे क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है।
सात टेस्ट खेले, 2025 में वनडे से लिया था संन्यास
मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए सात टेस्ट मैच खेले और 339 रन बनाए। उनका एकमात्र टेस्ट शतक 2017 में भारत के खिलाफ रांची में आया था। उसी वर्ष उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला खेला। इसके बाद वह सीमित ओवरों के क्रिकेट पर अधिक ध्यान देने लगे। वनडे क्रिकेट में मैक्सवेल के नाम 3990 रन दर्ज हैं। उन्होंने जून 2025 में इस फॉर्मेट से संन्यास लिया था। अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद उनका पूरा ध्यान मेलबर्न स्टार्स और बिग बैश लीग पर रहेगा।


