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गौतम गंभीर का आलोचकों को जवाब- मेरा लक्ष्य ट्रॉफी जीतना, लाइक्स और व्यूज देखना नहीं

भारतीय टेस्ट टीम में पिछले कुछ समय में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद टीम में कई नए चेहरों को मौका मिला है। इस बदलाव के दौरान भारतीय टीम को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में हार का सामना करना पड़ा।

गौतम गंभीर का आलोचकों को जवाब- मेरा लक्ष्य ट्रॉफी जीतना, लाइक्स और व्यूज देखना नहीं
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कोलंबो: भारतीय टेस्ट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने हालिया प्रदर्शन को लेकर हो रही आलोचना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले कोलंबो में गंभीर ने कहा कि उनका काम सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज देखना या रैंकिंग की चिंता करना नहीं है। उनका मुख्य लक्ष्य भारतीय टीम को बड़ी ट्रॉफियां जिताना है। गंभीर ने यह भी कहा कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट किसी संकट से नहीं गुजर रहा, बल्कि टीम फिलहाल बदलाव के दौर से गुजर रही है। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ तीन टेस्ट की सीरीज के पहले मुकाबले में गॉल में 165 रन से जीत दर्ज की थी। अब सीरीज का दूसरा मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाना है।

रोहित, कोहली और अश्विन के बाद नई टीम

भारतीय टेस्ट टीम में पिछले कुछ समय में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद टीम में कई नए चेहरों को मौका मिला है। इस बदलाव के दौरान भारतीय टीम को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। इन नतीजों के चलते गंभीर की कोचिंग और टेस्ट टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठाए गए हैं।

गंभीर बोले- बदलाव को समय देना होगा

गंभीर ने आलोचना के बीच टीम का बचाव करते हुए कहा कि नए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित करने के लिए समय चाहिए। उनके मुताबिक टीम का मौजूदा दौर भविष्य की मजबूत टीम तैयार करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने साफ किया कि वह सोशल मीडिया पर आने वाली प्रतिक्रियाओं के आधार पर टीम की दिशा तय नहीं करते। कोच के तौर पर उनका ध्यान खिलाड़ियों के प्रदर्शन, टीम संयोजन और मैदान पर जीत हासिल करने पर है।

शुभमन गिल की कप्तानी में नई शुरुआत

रोहित शर्मा के बाद शुभमन गिल को टेस्ट टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई है। गिल नंबर-4 पर बल्लेबाजी भी कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारतीय टीम नई दिशा में आगे बढ़ रही है। देवदत्त पडिक्कल ने भी नंबर-3 पर अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश की है। श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में उन्होंने 167 रन की पारी खेलकर अपनी क्षमता दिखाई। वहीं मानव सुथार ने शुरुआती टेस्ट मुकाबलों में अपने प्रदर्शन से टीम प्रबंधन को प्रभावित किया है।

कुलदीप या सारांश, किसे मिलेगा मौका?

कोलंबो टेस्ट में टीम इंडिया के गेंदबाजी संयोजन पर भी निगाहें रहेंगी। कुलदीप यादव और सारांश जैन में से किसे अंतिम एकादश में जगह मिलेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। गंभीर ने कहा कि टीम ऐसे गेंदबाजी आक्रमण के साथ मैदान पर उतरना चाहेगी, जो मुकाबले में विपक्षी टीम के सभी 20 विकेट हासिल करने की क्षमता रखता हो। गॉल टेस्ट में कुलदीप ने दोनों पारियों में कुल 25 ओवर गेंदबाजी की थी और उन्हें एक विकेट मिला था। वहीं रवींद्र जडेजा और मानव सुथार का ज्यादा इस्तेमाल किया गया था।

पिच को लेकर गंभीर की नजर

दूसरे टेस्ट से पहले गंभीर और कप्तान शुभमन गिल ने कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान की पिच का निरीक्षण किया। दोनों ने पिच की स्थिति और संभावित परिस्थितियों को करीब से देखा। गंभीर ने गॉल की पिच को अच्छी टेस्ट पिच बताया और कहा कि भारतीय टीम ने वहां टेस्ट क्रिकेट का आनंद लिया। वह चाहते हैं कि कोलंबो में भी ऐसी पिच मिले, जिस पर बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिले।

तीन टेस्ट की सीरीज के पक्ष में गंभीर

गौतम गंभीर ने टेस्ट सीरीज को तीन मुकाबलों का किए जाने की वकालत की। उनका मानना है कि तीन टेस्ट की सीरीज होने से किसी टीम को शुरुआती झटके के बाद वापसी करने का पर्याप्त अवसर मिलता है। गंभीर के मुताबिक, अगर कोई टीम पहला टेस्ट हार जाती है और सीरीज सिर्फ दो मैचों की है, तो उसके पास वापसी के सीमित विकल्प होते हैं। तीन टेस्ट की सीरीज में मुकाबला अधिक प्रतिस्पर्धी और रोमांचक बन सकता है।

लक्ष्य स्पष्ट- परिणाम और ट्रॉफी

गंभीर ने अपने बयान से साफ कर दिया कि सोशल मीडिया की चर्चा या रैंकिंग से ज्यादा महत्वपूर्ण उनके लिए मैदान पर नतीजे हैं। भारतीय टेस्ट टीम बदलाव के दौर में है और नए खिलाड़ियों के साथ एक मजबूत संयोजन तैयार करना टीम प्रबंधन की प्राथमिकता है। अब श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में टीम के प्रदर्शन से यह देखने को मिलेगा कि नई भारतीय टेस्ट टीम किस दिशा में आगे बढ़ रही है।


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