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रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 4 कंपनियों ने 16 हजार करोड़ में खरीदा, राजस्थान रॉयल्स से इतनी महंगी बिकी RCB

RCB को चार बड़ी कंपनियों के कंसोर्टियम ने मिलकर खरीदा है। इसमें आदित्य बिड़ला ग्रुप (ABG), टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप (TOI), बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन की परपिचुअल प्राइवेट इक्विटी स्ट्रैटेजी (BXPE) शामिल हैं।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 4 कंपनियों ने 16 हजार करोड़ में खरीदा, राजस्थान रॉयल्स से इतनी महंगी बिकी RCB
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नई दिल्‍ली: Royal Challengers Bangalore Sold: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में निवेश और ब्रांड वैल्यू के नए रिकॉर्ड बनते जा रहे हैं। इसी कड़ी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने इतिहास रच दिया है। फ्रेंचाइजी को 1.78 बिलियन डॉलर (करीब 16,706 करोड़ रुपये) की रिकॉर्ड कीमत पर बेचा गया है, जिससे यह आईपीएल की सबसे महंगी टीम बन गई है। RCB मौजूदा समय में डिफेंडिंग चैंपियन भी है, जिससे इसकी ब्रांड वैल्यू और आकर्षण और बढ़ गया है। इस डील ने यह साफ कर दिया है कि आईपीएल अब दुनिया की सबसे ताकतवर स्पोर्ट्स लीग्स में शामिल हो चुका है।

मंगलवार 24 मार्च को एक ही दिन में IPL की दोनों बड़ी टीमों की बिक्री का ऐलान हो गया। राजस्थान रॉयल्स को अमेरिका के काल सोमानी, रॉब वॉल्टन और शीला फोर्ड हैम्प ने 1.65 बिलियन डॉलर (15,400 करोड़) में खरीदा। वहीं इसके कुछ ही देर बार डिफेंडिंग चैंपियन RCB की बिक्री की भी खबर आ गई।

चार दिग्गज कंपनियों के कंसोर्टियम ने खरीदी टीम

क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, RCB को चार बड़ी कंपनियों के कंसोर्टियम ने मिलकर खरीदा है। इसमें आदित्य बिड़ला ग्रुप (ABG), टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप (TOI), बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन की परपिचुअल प्राइवेट इक्विटी स्ट्रैटेजी (BXPE) शामिल हैं। इस कंसोर्टियम ने RCB को उसके मौजूदा मालिक यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (USL) से खरीदा है, जो डिएजियो ग्रुप की कंपनी है। USL 2008 से ही इस फ्रेंचाइजी की मालिक रही थी और पिछले कई वर्षों से टीम का संचालन कर रही थी।

2026 के बाद लागू होगी नई ओनरशिप

हालांकि यह मेगा डील हो चुकी है, लेकिन इसका असर तुरंत नहीं दिखेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईपीएल 2026 सीजन तक टीम मौजूदा मालिकों के तहत ही खेलेगी। नई ओनरशिप संरचना 2026 सीजन के बाद लागू होगी। इसके लिए बीसीसीआई (BCCI), कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) और अन्य नियामक संस्थाओं की मंजूरी जरूरी है। मंजूरी मिलने के बाद ही औपचारिक रूप से स्वामित्व हस्तांतरण पूरा होगा।

आर्यमान बिड़ला बने चेयरमैन

नई ओनरशिप के तहत टीम की लीडरशिप भी तय कर दी गई है। आदित्य बिड़ला ग्रुप के डायरेक्टर आर्यमान बिड़ला को RCB का चेयरमैन नियुक्त किया गया है, जबकि टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के सत्यन गजवानी वाइस-चेयरमैन होंगे। 28 वर्षीय आर्यमान बिड़ला का प्रोफाइल खास है, क्योंकि उनका अनुभव क्रिकेट और बिजनेस दोनों क्षेत्रों में रहा है।

क्रिकेटर से कारोबारी बने आर्यमान बिड़ला

आर्यमान बिड़ला एक पूर्व फर्स्ट क्लास क्रिकेटर रह चुके हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश की ओर से रणजी ट्रॉफी खेली और 16 पारियों में 414 रन बनाए, जिसमें एक शतक भी शामिल है। 2018 के आईपीएल ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा था, लेकिन उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। इसके बाद 2019 में उन्होंने क्रिकेट से ब्रेक लेकर बिजनेस पर फोकस करना शुरू कर दिया। बिजनेस में उन्होंने तेजी से पहचान बनाई। उन्होंने आदित्य बिड़ला ग्रुप के हॉस्पिटैलिटी और वेंचर कैपिटल वेंचर्स की शुरुआत की और 2023 में ग्रुप की टॉप डिसीजन मेकिंग बॉडी में शामिल हुए। वह हिंदाल्को इंडस्ट्रीज, ग्रासिम इंडस्ट्रीज और आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल जैसी बड़ी कंपनियों के बोर्ड में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

मेंस और विमेंस दोनों टीमें शामिल

इस डील की खास बात यह है कि इसमें RCB की मेंस और विमेंस दोनों टीमें शामिल हैं। कंसोर्टियम ने यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड से 100% हिस्सेदारी खरीद ली है। RCB की विमेंस टीम पहले ही बड़ी सफलता हासिल कर चुकी है और उसके नाम दो विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) खिताब हैं। वहीं मेंस टीम ने 2025 में पहली बार आईपीएल ट्रॉफी जीतकर अपना लंबा इंतजार खत्म किया था। इस तरह दोनों टीमें अपने-अपने टूर्नामेंट में मौजूदा चैंपियन हैं, जो इस फ्रेंचाइजी की वैल्यू बढ़ाने का एक बड़ा कारण है।

2008 से अब तक 16 गुना बढ़ी कीमत

RCB की मौजूदा वैल्यू को समझने के लिए इसके शुरुआती दौर पर नजर डालना जरूरी है। 2008 में आईपीएल के पहले सीजन के दौरान विजय माल्या ने इस टीम को 111.6 मिलियन डॉलर (करीब 446 करोड़ रुपये) में खरीदा था। उस समय यह मुंबई इंडियंस के बाद दूसरी सबसे महंगी फ्रेंचाइजी थी। यदि मौजूदा विनिमय दर के हिसाब से देखा जाए तो उस समय की कीमत करीब 1,050 करोड़ रुपये के आसपास बैठती है। अब 2026 में RCB की वैल्यू बढ़कर 16,700 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है। यानी करीब 19 वर्षों में टीम की कीमत लगभग 16 गुना बढ़ चुकी है। यह वृद्धि आईपीएल के ब्रांड, मीडिया राइट्स, स्पॉन्सरशिप और फैन बेस के लगातार विस्तार को दर्शाती है।

आईपीएल में बढ़ती निवेशकों की दिलचस्पी

RCB की इस रिकॉर्ड डील ने यह साबित कर दिया है कि आईपीएल अब केवल एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक ग्लोबल बिजनेस प्लेटफॉर्म बन चुका है। पिछले कुछ वर्षों में फ्रेंचाइजी वैल्यूएशन में लगातार उछाल देखा गया है। हाल ही में राजस्थान रॉयल्स की बिक्री और अब RCB की रिकॉर्ड डील इस ट्रेंड को और मजबूत करती है। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, प्राइवेट इक्विटी फंड्स और बड़े कॉर्पोरेट समूहों की बढ़ती भागीदारी से यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में आईपीएल का आर्थिक दायरा और भी बड़ा हो सकता है।


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