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साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान डीन एल्गर 2026 सीजन के बाद लेंगे संन्यास

साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान डीन एल्गर ने घोषणा की है कि वह मौजूदा 2026 सीजन के अंत में पेशेवर क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लेंगे, जिसके साथ दो दशक से अधिक लंबे और शानदार क्रिकेट करियर का अंत हो जाएगा

साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान डीन एल्गर 2026 सीजन के बाद लेंगे संन्यास
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नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान डीन एल्गर ने बुधवार को घोषणा की है कि वह मौजूदा 2026 सीजन के अंत में पेशेवर क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लेंगे, जिसके साथ दो दशक से अधिक लंबे और शानदार क्रिकेट करियर का अंत हो जाएगा।

39 वर्षीय एल्गर साउथ अफ्रीका के लिए 86 टेस्ट मुकाबलों में 37.92 की औसत से 5347 रन बना चुके हैं, जिसमें 14 शतक शामिल हैं। एल्गर साल 2017 में बांग्लादेश के खिलाफ 199 रनों की पारी खेल चुके हैं। वह 18 मुकाबलों में साउथ अफ्रीकी टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं।

एल्गर ने खेल छोड़ने के अपने फैसले के पीछे परिवार की जरूरतों को मुख्य कारण बताते हुए कहा, "मुझे लगता है कि अब मेरे लिए सही समय है। मेरी उम्र बढ़ रही है। मैं 39 साल का हो गया हूं और घर पर भी बहुत कुछ चल रहा है, खासकर मेरे छोटे लेकिन तेजी से बड़े हो रहे परिवार को लेकर। अब मेरे लिए घर पर रहने और अपने पार्टनर और बच्चों के साथ समय बिताने का सही समय है। अब तक का सफर शानदार रहा है। यह अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन सीजन के आखिर में मैं संन्यास ले लूंगा। मैं खुशकिस्मत था कि मुझे 12 साल तक अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला और फिर (साउथ अफ्रीका की) कप्तानी करने की जिम्मेदारी भी मिली- यह मेरे करियर के सबसे गर्व भरे पलों में से एक है।"

एसेक्स की ओर से जारी एक बयान में एल्गर ने कहा, "अगर आप मेरे सफर को पीछे मुड़कर देखें, तो मुझे नहीं लगता कि बहुत से लोगों को मेरे (क्रिकेट में) करियर बनाने की ज्यादा उम्मीद रही होगी, दो दशक से ज्यादा लंबे करियर की तो बात ही छोड़ दें।"

साल 2006 में अंडर-19 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका की कमान संभालने वाले, एल्गर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद इंग्लिश काउंटी चैंपियनशिप में एसेक्स के लिए खेला। एल्गर ने कहा, "मेरे समय में कई गर्व के पल रहे हैं। जाहिर है, कप्तान के तौर पर लॉर्ड्स में इंग्लैंड को हराना उनमें से एक है। यह पल बहुत खास है, खासकर जिस तरह से हमने क्रिकेट खेला और जिस स्टाइल और अंदाज में खेला, उसके कारण। बदलाव का दौर: जब मैंने कप्तानी संभाली तो हम वर्ल्ड रैंकिंग में सातवें नंबर पर थे, और जब मैंने छोड़ी, तो हम दूसरे नंबर पर थे। जब मैं एसेक्स से जुड़ा, तो मुझे सर एलिस्टर (कुक) की जगह लेने का दबाव महसूस हुआ, लेकिन मुझे पता था कि मुझे अपना क्रिकेट स्टाइल लाना होगा।"

"मुझे हमेशा अपने प्रदर्शन पर गर्व रहा है और जाहिर है, मैं यह खेल जीतने के लिए खेलता हूं। मैंने कभी भी सिर्फ अपने निजी प्रदर्शन पर ध्यान नहीं दिया। एसेक्स के खिलाड़ियों के साथ मैदान पर बिताया हर पल, जब हमने जीत हासिल की और कामयाब रहे, मेरे लिए क्लब में बिताए समय की शानदार यादें हैं। आगे की बात करूं तो, मैं क्रिकेट से कुछ समय का ब्रेक लेना चाहूंगा। यह एक लंबा सफर रहा है। मैं काफी समय से घर से दूर रहा हूं। मेरे बच्चे घर पर हैं, और अब मुझे लगता है कि उनके लिए खड़ा होना और उनके साथ समय बिताना मेरी जिम्मेदारी है। मैं बस यही सोच रहा हूं कि जब मैं (घर) पहुंचूंगा, तो मुझे बहुत सारी जिम्मेदारियां निभानी होंगी, लेकिन एक पिता होने का अनुभव मुझे बहुत पसंद आया है।"

एल्गर ने आगे कहा, "मैं चाहूंगा कि लोग मुझे एक ऐसे खिलाड़ी के तौर पर याद रखें जो पूरी शिद्दत से और जीतने के लिए खेलता था, जो हारने पर भी अपनी कैप उतारकर सम्मान के साथ विरोधी टीम के खिलाड़ियों से हाथ मिलाता था। एक ऐसा खिलाड़ी जो मेहनती और जुनूनी था, जो टीम के लिए चोट सहने और हड्डियां तुड़वाने को भी तैयार रहता था और जीतने के लिए कुछ भी कर सकता था।"


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