दलीप ट्रॉफी में शमी-मुकेश का कहर, सेंट्रल जोन की बल्लेबाजी ध्वस्त; 12 विकेट लेकर ईस्ट जोन को दिलाई बढ़त
ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने पहली पारी से ही सेंट्रल जोन के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। मोहम्मद शमी ने पहली पारी में 2 विकेट हासिल किए, जबकि मुकेश कुमार ने 3 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। सेंट्रल जोन के बल्लेबाजों के लिए लगातार अच्छी लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी कर रही इस जोड़ी का सामना करना आसान नहीं रहा।

नई दिल्ली: दलीप ट्रॉफी 2026 के पहले सेमीफाइनल में ईस्ट जोन के तेज गेंदबाजों ने सेंट्रल जोन के बल्लेबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। अनुभवी मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार की जोड़ी ने अपनी स्विंग और सटीक गेंदबाजी से मुकाबले में दबदबा बनाया। सेंट्रल जोन की दोनों पारियों में इस जोड़ी के सामने बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए। सेंट्रल जोन की पहली पारी 266 रन पर समाप्त हुई थी। इसके बाद दूसरी पारी में भी टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी और पूरी टीम 158 रन पर सिमट गई। पूरे मुकाबले में शमी और मुकेश ने मिलकर 12 विकेट अपने नाम किए।
पहली पारी में भी शमी-मुकेश का दबदबा
ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने पहली पारी से ही सेंट्रल जोन के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। मोहम्मद शमी ने पहली पारी में 2 विकेट हासिल किए, जबकि मुकेश कुमार ने 3 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। सेंट्रल जोन के बल्लेबाजों के लिए लगातार अच्छी लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी कर रही इस जोड़ी का सामना करना आसान नहीं रहा। टीम किसी तरह 266 रन तक पहुंच सकी, लेकिन दूसरी पारी में उसकी बल्लेबाजी और भी कमजोर नजर आई।
दूसरी पारी में 158 रन पर ढेर
फॉलो-अप पारी में सेंट्रल जोन के बल्लेबाज एक बार फिर ईस्ट जोन के तेज गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके। टीम ने महज 37 रन के स्कोर पर तीन विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद 95 रन तक पहुंचते-पहुंचते सात बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। मुकेश कुमार ने इस पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए 12 ओवर में 44 रन देकर 4 विकेट चटकाए। वहीं मोहम्मद शमी ने 3 विकेट अपने नाम किए। दोनों गेंदबाजों ने मिलकर सेंट्रल जोन की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। ईस्ट जोन की ओर से अभिजीत सरकार, अनुकूल रॉय और क़ुनैन कुरैशी को भी एक-एक सफलता मिली।
अमन मोखाड़े ने किया संघर्ष
सेंट्रल जोन की दूसरी पारी में कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहा। अमन मोखाड़े ने जरूर कुछ देर तक मोर्चा संभाला और टीम की ओर से सर्वाधिक 41 रन बनाए। निचले क्रम में हर्ष दुबे ने 24 और अरशद खान ने 25 रन बनाकर टीम को 150 रन के पार पहुंचाया। हालांकि, शुरुआती झटकों के कारण सेंट्रल जोन के लिए मुकाबले में वापसी करना मुश्किल हो गया। लगातार विकेट गिरने के कारण टीम की पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और अंततः स्कोर 158 रन तक ही पहुंच सका।
रजत पाटीदार के लिए मैच बना बुरा सपना
सेंट्रल जोन के कप्तान रजत पाटीदार के लिए यह सेमीफाइनल यादगार नहीं रहा। वह दोनों पारियों में एक जैसी गेंद पर आउट हुए। मुकेश कुमार की अंदर आती गेंद ने दोनों मौकों पर उन्हें परेशान किया और दोनों पारियों में पाटीदार प्लेड-ऑन होकर बोल्ड हुए। पहली पारी में पाटीदार सिर्फ 12 रन बना सके, जबकि दूसरी पारी में उनका स्कोर महज 5 रन रहा। टीम के कप्तान से जिस तरह की बड़ी पारी की उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हो सकी।
विकेट के बाद मुकेश ने छुए शमी के पैर
मैच के दौरान एक भावुक और खास पल भी देखने को मिला। दूसरी पारी में रजत पाटीदार का विकेट लेने के बाद मुकेश कुमार ने अपने सीनियर साथी मोहम्मद शमी के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। मुकेश और शमी के बीच मैदान पर नजर आया यह सम्मान का भाव सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। वीडियो और तस्वीरों में मुकेश को शमी के पैर छूते देखा गया, जबकि शमी ने भी अपने साथी गेंदबाज को आशीर्वाद दिया। यह पल दोनों खिलाड़ियों के बीच सीनियर-जूनियर के रिश्ते और आपसी सम्मान को दिखाता है।
ईस्ट जोन के गेंदबाजी आक्रमण ने बनाया अंतर
पहली पारी में 266 रन देने के बाद ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने दूसरी पारी में जिस तरह वापसी की, उसने मैच का रुख बदल दिया। शमी का अनुभव और मुकेश की लगातार प्रभावी गेंदबाजी सेंट्रल जोन के बल्लेबाजों पर भारी पड़ी। दलीप ट्रॉफी जैसे घरेलू प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट में इस तरह का प्रदर्शन दोनों तेज गेंदबाजों के लिए महत्वपूर्ण है। खासकर मुकेश कुमार ने दूसरी पारी में चार विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की, जबकि शमी ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा। पहले सेमीफाइनल में ईस्ट जोन के तेज गेंदबाजों ने जिस अंदाज में सेंट्रल जोन की बल्लेबाजी को ध्वस्त किया, उससे मुकाबले में टीम की स्थिति मजबूत हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि ईस्ट जोन के गेंदबाज आगे भी इसी लय को कायम रख पाते हैं या नहीं।


