DC vs GT: एक रन से चूकी दिल्ली: डेविड मिलर की गलती बनी हार की वजह, गुजरात टाइटंस ने जीता रोमांचक मुकाबला
अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए हाई-स्कोरिंग मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने दिल्ली कैपिटल्स को एक रन से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की। यह मैच आखिरी गेंद तक गया, जहां जीत और हार के बीच बेहद पतली रेखा थी। खास बात यह रही कि दिल्ली के लिए हीरो साबित हो रहे डेविड मिलर अंत में एक छोटी सी चूक के कारण टीम को जीत नहीं दिला सके।

नई दिल्ली : DC vs GT: अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए हाई-स्कोरिंग मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने दिल्ली कैपिटल्स को एक रन से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की। यह मैच आखिरी गेंद तक गया, जहां जीत और हार के बीच बेहद पतली रेखा थी। खास बात यह रही कि दिल्ली के लिए हीरो साबित हो रहे डेविड मिलर अंत में एक छोटी सी चूक के कारण टीम को जीत नहीं दिला सके।
रोमांचक मुकाबले में हार
बुधवार रात दिल्ली कैपिटल्स को गुजरात टाइटंस ने सांसें रोक देने वाले रोमांचक मुकाबले में एक रन से हरा दिया। 211 रन के लक्ष्य के जवाब में दिल्ली की टीम को केएल राहुल (92) ने 17 ओवर में छह विकेट पर 166 रन के स्कोर पर पहुंचा दिया था। दिल्ली को जीत के लिए 18 गेंद में 45 रन चाहिए थे। पहले रिटायर्ड हर्ट होकर लौटने वाले डेविड मिलर एक बार फिर क्रीज पर थे। कैगिसो रबादा ने 18वें ओवर में केवल नौ रन दिए और दिल्ली को अब 12 गेंदों में 36 रन चाहिए थे। 19वां ओवर फेंकने आए मोहम्मद सिराज के ओवर में मिलर ने 23रन कूटकर मैच को लगभग दिल्ली के पाले में ला दिया था। विप्रज ने भी एक चौका लगाया।
दिल्ली कैपिटल्स को 13 रन की जरूरत
अब अंतिम ओवर में दिल्ली कैपिटल्स को 13 रन की जरूरत थी। विप्रज निगम ने प्रसिद्ध कृष्णा की पहली गेंद पर चौका जड़ा लेकिन अगली ही गेंद पर वह आउट हो गए। दिल्ली को जीत दिलाने की दारोमदार मिलर पर था। कुलदीप यादव ने सिंगल लेकर उन्हें स्ट्राइक दी और मिलर ने चौथी गेंद पर 106 मीटर लंबा छक्का लगाकर गुजरात को हार की ओर धकेल दिया था, लेकिन उनकी एक गलती ने दिल्ली से मैच छीन लिया। दरअसल, पांचवीं गेंद पर मिलर ने डीप स्क्वायर लेग पर शाट खेला, कुलदीप दौड़े लेकिन उन्होंने रन लेने से इन्कार कर दिया।
अगर वह एक रन ले लेते तो कम से कम दिल्ली मैच टाई करा लेती। कुलदीप आखिरी गेंद खेलते तो मिलर आसानी से रन लेकर बल्लेबाजी छोर तक पहुंच जाते जिससे दिल्ली जीत जाती। हालांकि मिलर ने ऐसा नहीं किया। प्रसिद्ध ने अंतिम गेंद स्लोअर शार्ट बाल डाली और मिलर पुल शाट चूक गए। कुलदीप रन लेने दौड़े और विकेटकीपर जोस बटलर ने उन्हें रन आउट कर दिया। मिलर ने वाइड का रिव्यू लिया, लेकिन उनकी यह अपील खारिज होने के साथ ही गुजरात ने जीत दर्ज की।
राहुल ने संभाला
एक छोर से गिर रहे विकेटों के बीच केएल राहुल एक छोर से टिककर बल्लेबाजी करते रहे और टीम को संभालने की कोशिश की। उन्होंने शानदार पारी खेली, लेकिन शतक से महज आठ रन पहले आउट हो गए। उनके आउट होते ही दिल्ली को बड़ा झटका लगा और टीम की जीत की उम्मीदें कमजोर पड़ने लगीं। हालांकि पावरप्ले में उन्होंने धीमी बल्लेबाजी की और 20 गेंद में 26 रन बनाए। राहुल ने पाथुम निसांका (41) के साथ पहले विकेट के लिए 76 रन की साझेदारी की, लेकिन इसके बाद दिल्ली के लिए कोई बड़ी साझेदारी नहीं हो सकी।
10वां ओवर बना टर्निंग पाइंट
इससे पहले मैच में एक अहम मोड़ 10वें ओवर में आया, जिसने दिल्ली को बैकफुट पर धकेल दिया। इस ओवर में राशिद खान ने पहले नीतीश राणा को आउट किया और अगली ही गेंद पर समीर रिजवी को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया। लगातार दो गेंदों पर दो विकेट गिरने से पारी लड़खड़ा गई और टीम दबाव में आ गई।
अक्षर को भेजने का दांव पड़ा उलटा
मिलर के रिटायर्ड हर्ट होने के बाद दिल्ली को तेज रन बनाने की जरूरत थी। ऐसे में ट्रिस्टन स्टब्स को भेजना बेहतर विकल्प माना जा रहा था, लेकिन कप्तान अक्षर पटेल ने खुद को ऊपर भेजने का फैसला किया। यह निर्णय टीम के लिए नुकसानदायक साबित हुआ। अक्षर पटेल तीन गेंदों में केवल दो रन ही बना सके और दबाव बढ़ता चला गया। बाद में साई सुदर्शन द्वारा ट्रिस्टन स्टब्स को रन आउट करना भी मैच का अहम मोड़ साबित हुआ, जिसने गुजरात की जीत लगभग तय कर दी।
इससे पहले शुभमन गिल, साई सुदर्शन और जोस बटलर ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक लगाए, जिससे उनकी टीम 200 से ज्यादा का स्कोर खड़ा कर सकी। पावरप्ले खत्म होने तक गुजरात टाइटंस ने 68 रन बना लिए थे, जिसमें बटलर का अहम योगदान रहा। उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों में 47 रन बना डाले, जबकि गिल दूसरे छोर पर टिककर खेलते रहे। दोनों के बीच तेज 50 रन की साझेदारी ने दिल्ली की रणनीति को पूरी तरह विफल कर दिया।


