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CSK ने डोसा, इडली, सांभर, चटनी गाने पर नाराजगी जताई: RCB के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई
यह घटना 5 अप्रैल को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए मैच के दौरान की है। सीएसके के मुताबिक, उनकी पारी शुरू होने से पहले स्टेडियम में डीजे द्वारा ‘डोसा, इडली, सांभर, चटनी, चटनी’ ट्रैक बजाया गया। यह ट्रैक सोशल मीडिया पर दक्षिण भारतीय संस्कृति को लेकर बने मीम्स में अक्सर इस्तेमाल होता रहा है।

नई दिल्ली: आईपीएल 2026 के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के बीच खेले गए मुकाबले के बाद एक नया विवाद सामने आ गया है। यह विवाद किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन या अंपायरिंग फैसले को लेकर नहीं, बल्कि स्टेडियम में बजाए गए एक गाने और डीजे की टिप्पणियों को लेकर है। सीएसके प्रबंधन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
टीम और फैंस का मजाक यह घटना 5 अप्रैल को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए मैच के दौरान की है। सीएसके के मुताबिक, उनकी पारी शुरू होने से पहले स्टेडियम में डीजे द्वारा ‘डोसा, इडली, सांभर, चटनी, चटनी’ ट्रैक बजाया गया। यह ट्रैक सोशल मीडिया पर दक्षिण भारतीय संस्कृति को लेकर बने मीम्स में अक्सर इस्तेमाल होता रहा है। सीएसके का मानना है कि इस तरह का गाना बजाना उनकी टीम और फैंस का मजाक उड़ाने जैसा है, जो खेल भावना के खिलाफ है।
सीएसके की ओर से शिकायतइस मामले की पुष्टि एक शीर्ष आईपीएल अधिकारी ने भी की है। उन्होंने बताया कि सीएसके की ओर से शिकायत प्राप्त हो चुकी है और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल इस पर विचार कर रही है। अधिकारी ने कहा कि इस तरह के मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि यह टूर्नामेंट की छवि और खेल भावना दोनों से जुड़ा हुआ है।
फैंस का मजाक उड़ाना स्वीकार्य नहींसीएसके के मैनेजिंग डायरेक्टर कासी विश्वनाथन ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में मौजूद डीजे का मुख्य काम माहौल को उत्साहपूर्ण बनाना होता है और आमतौर पर वह घरेलू टीम का समर्थन करते हैं। लेकिन इस मैच के दौरान जो हुआ, वह सामान्य सीमाओं से बाहर था। उनके अनुसार, किसी भी टीम या उसके फैंस का मजाक उड़ाना स्वीकार्य नहीं है।
वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कियादरअसल, ‘डोसा, इडली, सांभर’ वाला यह ट्रैक पिछले कुछ समय से सीएसके और आरसीबी के मुकाबलों में चर्चा का विषय रहा है। इसकी शुरुआत पिछले साल हुई थी, जब आरसीबी ने चेन्नई में खेले जाने वाले मैच से पहले अपने विकेटकीपर जितेश शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। उस वीडियो में जितेश इस गाने को गाते नजर आए थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें सीएसके फैंस द्वारा ट्रोल किया गया और यह गाना दोनों टीमों के बीच एक तरह की मजाकिया प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बन गया।
टीम प्रबंधन नाराजहालांकि, उस समय सीएसके प्रबंधन ने हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी खिलाड़ी या फैन के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। विश्वनाथन ने कहा कि उस घटना के बाद ऐसी कोई पुनरावृत्ति नहीं हुई थी और सभी पक्षों ने संयम बनाए रखा था। लेकिन अब एक बार फिर इस तरह की घटना सामने आने से टीम प्रबंधन नाराज है।
अन्य टिप्पणियों पर भी आपत्ति गाने के अलावा, सीएसके ने मैच के दौरान डीजे द्वारा की गई कुछ अन्य टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई है। खासकर तब, जब सीएसके के खिलाड़ी आउट हो रहे थे, उस समय पब्लिक एड्रेस सिस्टम पर की गई टिप्पणियां उन्हें अनुचित लगीं। टीम का मानना है कि डीजे की भूमिका केवल सकारात्मक माहौल तैयार करने तक सीमित होनी चाहिए—जैसे अच्छे शॉट्स पर उत्साह बढ़ाना या विकेट गिरने पर रोमांच पैदा करना। सीएसके के एक अधिकारी ने कहा कि डीजे को कभी भी प्रतिद्वंद्वी टीम को नीचा दिखाने या उनका मजाक उड़ाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आईपीएल जैसे बड़े मंच पर ऐसी घटनाएं खेल की गरिमा को नुकसान पहुंचाती हैं।
सीएसके ने यह भी रेखांकित किया कि उनके पास एक मजबूत और सम्मानजनक फैनबेस है, जो टीम का समर्थन करने के लिए बड़ी संख्या में स्टेडियम में मौजूद रहता है। ऐसे में इस तरह की गतिविधियां फैंस की भावनाओं को भी ठेस पहुंचा सकती हैं। अब सभी की नजरें बीसीसीआई और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के फैसले पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि बोर्ड इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।
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