Top
Begin typing your search above and press return to search.

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: वेटलिफ्टर वल्लूरी अजय बाबू ने स्नैच में रिकॉर्ड बनाया, खेल मंत्री सहित कई नेताओं ने दी बधाई

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टर वल्लूरी अजय बाबू ने पुरुषों की 79 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 330 किलोग्राम (149 किग्रा स्नैच + 181 किग्रा क्लीन एंड जर्क में) उठाकर सिल्वर मेडल जीता है। उन्होंने स्नैच में कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनाया है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: वेटलिफ्टर वल्लूरी अजय बाबू ने स्नैच में रिकॉर्ड बनाया, खेल मंत्री सहित कई नेताओं ने दी बधाई
X

नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टर वल्लूरी अजय बाबू ने पुरुषों की 79 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 330 किलोग्राम (149 किग्रा स्नैच + 181 किग्रा क्लीन एंड जर्क में) उठाकर सिल्वर मेडल जीता है। उन्होंने स्नैच में कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनाया है।

वल्लूरी अजय बाबू की इस उपलब्धि पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बधाई दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर खेल मंत्री ने लिखा, "दिखा दम! खेलो इंडिया एथलीट वल्लूरी अजय बाबू को पुरुषों की 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीतने पर बहुत-बहुत बधाई। कुल 330 किलोग्राम उठाकर, उन्होंने स्नैच में कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड भी बनाया। एक यादगार परफॉर्मेंस और भारत के लिए एक और गर्व का पल।"

वल्लूरी अजय बाबू को बधाई देते हुए गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "भारत के लिए सिल्वर! खेलो इंडिया एथलीट वल्लूरी अजय बाबू को सीडब्ल्यूजी 2026 में पुरुषों के 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग इवेंट में सिल्वर जीतने पर बधाई। शानदार 330 किलोग्राम टोटल लिफ्ट, कॉमनवेल्थ गेम्स स्नैच रिकॉर्ड के साथ!"

ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "भारत के लिए सिल्वर मेडल, अजय बाबू वल्लूरी ने सीडब्ल्यूजी 2026 में शांत और दमदार प्रदर्शन किया। उनके धैर्य और पक्के इरादे ने भारत को पोडियम पर एक और गर्व की जगह दिलाई है, जिससे अनगिनत युवाओं को हिम्मत और अनुशासन के साथ बेहतरीन काम करने की प्रेरणा मिली है। बधाई हो, अजय आपकी कामयाबी देश के लिए ताकत की एक किरण की तरह चमकती है!"

आईएएनएस से बातचीत करते हुए सिल्वर मेडल जीतने वाले वल्लूरी अजय बाबू ने कहा, "मुझे लगता है कि मैं और बेहतर परफॉर्म कर सकता था। मैंने स्नैच में गलती की, और मैं आगे के कॉम्पिटिशन में इसे सुधारने पर काम करूंगा। मैं यह मेडल इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन, अपने कोच, सपोर्ट स्टाफ और अपने पिता को समर्पित करता हूं। मैंने अपने पिता को देखकर वेटलिफ्टिंग शुरू की, जिन्होंने 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।"

उन्होंने कहा, "वह हमेशा से मेरी प्रेरणा रहे हैं। हमारा सपना गोल्ड मेडल जीतना था। हम इस बार इसे हासिल नहीं कर सके, लेकिन मैं और मेहनत करूंगा और आगे गोल्ड जीतने के लिए हर मुमकिन कोशिश करूंगा।"



Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it